ओडिशा

कैपिटल हॉस्पिटल में एंडोस्कोपी सेवा बंद, मशीन खराब होने से मरीज परेशान

Kavita2
30 Sept 2026 11:29 AM IST
कैपिटल हॉस्पिटल में एंडोस्कोपी सेवा बंद, मशीन खराब होने से मरीज परेशान
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भुवनेश्वर। ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर स्थित कैपिटल हॉस्पिटल में पिछले कुछ दिनों से एंडोस्कोपी सेवा बंद है। अस्पताल में मौजूद एंडोस्कोपी मशीन में तकनीकी खराबी आने के कारण मरीज इस जरूरी जांच सुविधा का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। दूर-दराज के इलाकों से आने वाले कई मरीजों को बिना जांच कराए वापस लौटना पड़ रहा है, जिससे मरीजों और उनके परिजनों में नाराजगी बढ़ रही है।

कैपिटल हॉस्पिटल राज्य के प्रमुख सरकारी अस्पतालों में शामिल है और बड़ी संख्या में मरीज यहां सस्ती तथा सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए पहुंचते हैं। अस्पताल में एंडोस्कोपी की सुविधा मुफ्त उपलब्ध होने के कारण आर्थिक रूप से कमजोर और निम्न आय वर्ग के मरीजों के लिए यह सेवा बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। मशीन खराब होने से इन मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

बताया जा रहा है कि एंडोस्कोपी मशीन में तकनीकी समस्या आने के बाद से संबंधित विभाग में जांच नहीं हो पा रही है। डॉक्टरों की सलाह पर अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को फिलहाल जांच के लिए इंतजार करना पड़ रहा है या फिर उन्हें दूसरे अस्पतालों और निजी केंद्रों का रुख करना पड़ रहा है।

कई मरीज ऐसे हैं जो भुवनेश्वर से काफी दूर स्थित जिलों और ग्रामीण इलाकों से कैपिटल हॉस्पिटल पहुंच रहे हैं। यात्रा में समय और पैसा खर्च करने के बाद जब उन्हें जांच बंद होने की जानकारी मिलती है तो उन्हें निराश होकर लौटना पड़ता है। कुछ मरीजों का कहना है कि उन्हें पहले से यह जानकारी नहीं मिल पाती कि एंडोस्कोपी सेवा बंद है।

एंडोस्कोपी पाचन तंत्र से जुड़ी बीमारियों की जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसके माध्यम से डॉक्टर पेट, भोजन नली और आंतों के कुछ हिस्सों की अंदरूनी स्थिति को देख सकते हैं। पेट दर्द, लगातार उल्टी, खून की उल्टी, निगलने में दिक्कत, अल्सर और कई अन्य समस्याओं की जांच के लिए डॉक्टर एंडोस्कोपी कराने की सलाह देते हैं।

ऐसे मरीज जिनकी जांच समय पर होना जरूरी है, उनके लिए सेवा बंद होना गंभीर परेशानी बन सकता है। खास तौर पर ऐसे मरीज जिनके लक्षण लंबे समय से बने हुए हैं या जिनमें किसी गंभीर बीमारी की आशंका है, उन्हें जांच में देरी के कारण आगे की चिकित्सा प्रक्रिया शुरू करने में भी देर हो सकती है।

कैपिटल हॉस्पिटल में मुफ्त एंडोस्कोपी सुविधा होने के कारण प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज इसके लिए आते हैं। निजी अस्पतालों और डायग्नोस्टिक सेंटरों में यही जांच कराने पर मरीजों को अतिरिक्त खर्च करना पड़ सकता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह खर्च बोझ बन सकता है।

मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में जरूरी जांच सुविधा लंबे समय तक बंद रहना चिंता का विषय है। उनका मानना है कि मशीन की मरम्मत या वैकल्पिक व्यवस्था जल्द से जल्द की जानी चाहिए, ताकि मरीजों को दूसरे अस्पतालों के चक्कर न लगाने पड़ें।

अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों का एक बड़ा हिस्सा ऐसे परिवारों से है, जो निजी चिकित्सा सेवाओं का खर्च आसानी से वहन नहीं कर सकते। ऐसे में सरकारी अस्पताल की जांच मशीन खराब होने का सीधा असर गरीब और जरूरतमंद मरीजों पर पड़ता है।

मरीजों का कहना है कि यदि मशीन की मरम्मत में समय लग रहा है तो अस्पताल प्रशासन को अस्थायी वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए। किसी अन्य सरकारी अस्पताल या उपलब्ध मशीन के माध्यम से मरीजों की जांच कराने की व्यवस्था होने से परेशानी कम हो सकती है।

एंडोस्कोपी सेवा बंद होने का असर केवल जांच पर ही नहीं, बल्कि इलाज की आगे की प्रक्रिया पर भी पड़ सकता है। कई मामलों में डॉक्टर एंडोस्कोपी रिपोर्ट के आधार पर ही बीमारी की स्थिति का आकलन करते हैं और दवा या अन्य इलाज शुरू करते हैं। रिपोर्ट में देरी होने से उपचार भी प्रभावित हो सकता है।

अस्पताल आने वाले मरीजों ने यह भी मांग की है कि एंडोस्कोपी सेवा की वर्तमान स्थिति के बारे में स्पष्ट सूचना अस्पताल परिसर और अन्य माध्यमों से उपलब्ध कराई जाए। इससे दूर से आने वाले लोगों को पहले ही जानकारी मिल सकेगी और वे अपनी यात्रा की योजना उसी अनुसार बना सकेंगे।

कैपिटल हॉस्पिटल में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में किसी प्रमुख जांच मशीन का लंबे समय तक खराब रहना अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है। यदि मरीज निजी केंद्रों की ओर जाते हैं तो उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है, जबकि दूसरे सरकारी अस्पतालों पर भी मरीजों का दबाव बढ़ सकता है।

एंडोस्कोपी जैसी जांच सुविधा में तकनीकी खराबी आने पर समय पर मरम्मत और रखरखाव व्यवस्था भी महत्वपूर्ण हो जाती है। आधुनिक चिकित्सा उपकरणों का नियमित रखरखाव जरूरी है, ताकि अचानक सेवा बाधित होने की स्थिति कम से कम पैदा हो।

फिलहाल मरीजों को उम्मीद है कि अस्पताल प्रशासन जल्द मशीन की तकनीकी खराबी दूर कर एंडोस्कोपी सेवा बहाल करेगा। सेवा शुरू होने तक मरीजों को जांच के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

कैपिटल हॉस्पिटल में एंडोस्कोपी सेवा बंद होने का मामला सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में महत्वपूर्ण चिकित्सा उपकरणों के रखरखाव और वैकल्पिक व्यवस्था की जरूरत को भी सामने लाता है। अब मरीजों की नजर इस बात पर है कि मशीन की मरम्मत कब तक पूरी होती है और जरूरी जांच सुविधा कब दोबारा शुरू होती है।

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