
झारसुगुड़ा। ओडिशा के झारसुगुड़ा जिले में पुलिस और एक वांछित अपराधी के बीच मुठभेड़ की घटना सामने आई है। ओरिएंट थाना क्षेत्र के अमदारा जंगल में चलाए गए तलाशी अभियान के दौरान पुलिस और बंटी प्रसाद नामक आरोपी के बीच कथित रूप से गोलीबारी हुई। इस दौरान बंटी प्रसाद के बाएं पैर में गोली लग गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने घायल अवस्था में उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी के खिलाफ लगभग 17 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, इन मामलों की अद्यतन आधिकारिक सूची की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
बताया जा रहा है कि पुलिस को सूचना मिली थी कि लंबे समय से वांछित बंटी प्रसाद अमदारा जंगल में छिपा हुआ है। इसके बाद ओरिएंट थाना पुलिस ने एक विशेष टीम बनाकर जंगल में तलाशी अभियान शुरू किया। इसी दौरान पुलिस और आरोपी के बीच मुठभेड़ हुई।
जंगल में छिपे होने की मिली थी सूचना
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, झारसुगुड़ा जिले के हनुमान नगर इलाके का रहने वाला बंटी प्रसाद अमदारा जंगल में छिपा हुआ था। पुलिस को उसके संभावित ठिकाने के बारे में सूचना मिली थी।
सूचना मिलने के बाद पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए विशेष अभियान की योजना बनाई। इसके तहत पुलिस टीम जंगल में पहुंची और संभावित ठिकानों की तलाशी शुरू की।
पुलिस का उद्देश्य आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों में आगे की कानूनी कार्रवाई करना था।
पुलिस को देखकर फायरिंग करने का आरोप
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, तलाशी अभियान के दौरान बंटी प्रसाद को एहसास हो गया कि वह पुलिस टीम से घिर चुका है। आरोप है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने पुलिसकर्मियों पर गोली चला दी।
पुलिस की ओर से भी जवाबी कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसी दौरान बंटी प्रसाद के बाएं पैर में गोली लगी।
गोली लगने के बाद आरोपी घायल हो गया और पुलिस ने उसे पकड़ लिया। हालांकि, मुठभेड़ में कितने राउंड गोलियां चलीं और कितने पुलिसकर्मी अभियान में शामिल थे, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
बाएं पैर में गोली लगने से हुआ घायल
मुठभेड़ के दौरान बंटी प्रसाद के बाएं पैर में गोली लगने की जानकारी मिली है। गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। घायल आरोपी की विस्तृत चिकित्सकीय स्थिति और उपचार से संबंधित आधिकारिक जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है।
इस प्रकार की घटनाओं में घायल व्यक्ति का उपचार कराना और उसकी चिकित्सकीय रिपोर्ट तैयार करना आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए महत्वपूर्ण होता है।
पुलिस मुठभेड़ से जुड़ी परिस्थितियों की जांच में चिकित्सकीय साक्ष्यों की भी भूमिका रहती है।
कई गंभीर आपराधिक मामलों में आरोपी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, बंटी प्रसाद के खिलाफ विभिन्न थानों में करीब 17 आपराधिक मामले दर्ज होने की बात कही जा रही है।
इन मामलों में उसकी कथित आपराधिक गतिविधियों और अन्य आरोपों की पड़ताल की जा रही है।
अप्रैल 2026 में झारसुगुड़ा पुलिस ने एक अवैध हथियार आपूर्ति गिरोह का खुलासा करते हुए बंटी प्रसाद सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उस समय पुलिस ने पांच देसी पिस्तौल और 20 जिंदा कारतूस बरामद करने की जानकारी दी थी।
उस मामले में पुलिस ने बंटी पर हथियारों की आपूर्ति से जुड़े होने का आरोप लगाया था। अप्रैल की रिपोर्ट में उसके खिलाफ लगभग नौ मामलों का उल्लेख था।
पहले हथियार मामले में मिल चुकी थी जमानत
बंटी प्रसाद के खिलाफ दर्ज एक पुराने हथियार मामले से संबंधित न्यायिक रिकॉर्ड भी उपलब्ध है।
ओडिशा उच्च न्यायालय ने 29 अगस्त 2026 को ब्रजराजनगर थाने में दर्ज एक मामले में बंटी प्रसाद और एक सह-आरोपी की जमानत अर्जियां स्वीकार की थीं।
अदालत ने दोनों को निर्धारित शर्तों पर जमानत देने का आदेश दिया था। यह मामला अवैध हथियार और कारतूस रखने के आरोपों से संबंधित था।
हालांकि, वर्तमान मुठभेड़ का उस पुराने मामले से प्रत्यक्ष संबंध होने की पुष्टि नहीं हुई है।
अवैध हथियारों के नेटवर्क की भी जांच संभव
बंटी प्रसाद का नाम पहले भी हथियारों की कथित अवैध आपूर्ति के मामले में सामने आ चुका है।
अप्रैल 2026 की पुलिस कार्रवाई में अधिकारियों ने दावा किया था कि आरोपी बिहार के सारण और वैशाली जिलों से हथियार प्राप्त करके उन्हें अन्य लोगों तक पहुंचाता था।
पुलिस ने उस समय उसके सहयोगियों और हथियार आपूर्ति नेटवर्क की जांच जारी रहने की जानकारी दी थी।
ताजा गिरफ्तारी के बाद पुराने मामलों से जुड़ी जानकारी की समीक्षा और अन्य संभावित संबंधों की जांच भी महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि, पुलिस की ओर से मौजूदा मुठभेड़ के संबंध में किसी नए हथियार नेटवर्क का खुलासा नहीं किया गया है।
मुठभेड़ की परिस्थितियों की जांच जरूरी
इस घटना के बाद यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि तलाशी अभियान के दौरान पुलिस और आरोपी के बीच गोलीबारी किन परिस्थितियों में हुई।
आरोपी के पास से किसी हथियार या कारतूस की बरामदगी हुई है या नहीं, इस बारे में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।
पुलिस कार्रवाई के दौरान इस्तेमाल हथियारों, गोलीबारी के क्रम और घटनास्थल से मिलने वाले साक्ष्यों की जांच से मुठभेड़ से जुड़ी परिस्थितियां स्पष्ट हो सकती हैं।
साथ ही आरोपी के खिलाफ दर्ज मामलों और उनकी वर्तमान न्यायिक स्थिति की जानकारी भी पुलिस रिकॉर्ड से सामने आएगी।
गिरफ्तारी के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई
बंटी प्रसाद की गिरफ्तारी को झारसुगुड़ा जिले में वांछित आरोपियों के खिलाफ चल रही पुलिस कार्रवाई के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ओरिएंट थाना क्षेत्र के अमदारा जंगल में हुई इस घटना के बाद पुलिस के सामने मुठभेड़ की परिस्थितियों और आरोपी के कथित आपराधिक संबंधों की जांच करने की जिम्मेदारी है।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आरोपी पुलिस की हिरासत में है और उसके बाएं पैर में गोली लगी है।
आगे उसकी चिकित्सकीय स्थिति, बरामदगी, दर्ज प्राथमिकी और पुलिस की आधिकारिक जांच रिपोर्ट से मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।





