ओडिशा

ड्रग्स गिरोह का पुलिस टीम पर हमला कॉन्स्टेबल गंभीर

Kavita2
13 Sept 2026 12:38 PM IST
ड्रग्स गिरोह का पुलिस टीम पर हमला कॉन्स्टेबल गंभीर
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जगतसिंहपुर। ओडिशा के जगतसिंहपुर जिले में ड्रग्स का कारोबार करने वाले एक कथित गिरोह को पकड़ने गई पुलिस टीम पर हमला कर दिया गया। इस हमले में कॉन्स्टेबल नित्यानंद सेनापति गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना कॉलेज छक के पास उस समय हुई जब पुलिस को मिली सूचना के आधार पर टीम संदिग्धों के खिलाफ छापेमारी कर रही थी। पुलिस ने मौके से दो लोगों को पकड़ लिया, जबकि गिरोह के तीन अन्य सदस्य भागने में सफल हो गए।

घायल पुलिसकर्मी को तत्काल जगतसिंहपुर जिला मुख्यालय अस्पताल ले जाया गया। वहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज किया जा रहा है। कॉन्स्टेबल को किस तरह की चोटें आई हैं और उनकी वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति कैसी है, इस संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

रिपोर्टों के अनुसार पुलिस को सूचना मिली थी कि नशीले पदार्थों के कारोबार में शामिल एक गिरोह कॉलेज छक इलाके से वाहन में गुजरने वाला है। संदिग्धों की गतिविधि की जानकारी मिलने के बाद पुलिस की एक विशेष टीम को मौके पर भेजा गया। टीम ने इलाके में निगरानी शुरू की और संदिग्ध वाहन की पहचान करने का प्रयास किया।

पुलिस टीम ने सूचना के आधार पर छापेमारी की। इसी दौरान संदिग्धों ने बचकर भागने की कोशिश की। पुलिसकर्मियों ने उन्हें पकड़ने का प्रयास किया तो गिरोह के सदस्यों ने कथित रूप से कॉन्स्टेबल नित्यानंद सेनापति पर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए।

हमले के बावजूद पुलिस टीम ने मौके से दो संदिग्धों को काबू कर लिया। दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उनका नशीले पदार्थों के कारोबार में क्या संबंध है और वे किस जगह से आ रहे थे। उनके संभावित नेटवर्क और संपर्कों की जानकारी भी जुटाई जा रही है।

इसी बीच गिरोह के तीन अन्य सदस्य मौके पर पैदा हुई अफरातफरी का फायदा उठाकर भाग निकले। पुलिस की टीमें फरार आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। स्थानीय मार्गों और आसपास के क्षेत्रों में भी उनकी खोज की जा रही है।

पुलिस पकड़े गए आरोपियों से फरार साथियों के नाम, पते और ठिकानों के बारे में पूछताछ कर रही है। यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि पांचों संदिग्ध कब से एक-दूसरे के संपर्क में थे और कथित ड्रग्स कारोबार में उनकी अलग-अलग भूमिकाएं क्या थीं।

घटना में इस्तेमाल किए गए वाहन के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है। वाहन किसके नाम पर पंजीकृत है और उसका इस्तेमाल पहले भी नशीले पदार्थों की आवाजाही में हुआ था या नहीं, इसकी पुष्टि आगे की जांच में होगी। हालांकि पुलिस की ओर से वाहन की बरामदगी या उसके प्रकार के संबंध में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है।

मौके से किसी प्रकार का नशीला पदार्थ बरामद हुआ है या नहीं, इस पर भी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। बरामदगी होने की स्थिति में उसकी मात्रा और प्रकार की पुष्टि जांच तथा परीक्षण के बाद होगी। फिलहाल पुलिस ने दो संदिग्धों को पकड़ने और तीन के फरार होने की जानकारी दी है।

कॉन्स्टेबल सेनापति पर हमला किस हथियार या वस्तु से किया गया, यह भी स्पष्ट नहीं है। पुलिस घटनास्थल की पड़ताल कर हमले में इस्तेमाल साधन और घटना के क्रम को समझने का प्रयास कर रही है। आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ और उपलब्ध कैमरों की फुटेज से भी जानकारी जुटाई जा सकती है।

पुलिसकर्मी पर ड्यूटी के दौरान हमला गंभीर मामला माना जा रहा है। आरोपियों के खिलाफ नशीले पदार्थों की तस्करी के अलावा सरकारी कर्मचारी पर हमला करने और सरकारी काम में बाधा डालने से संबंधित आरोप भी जोड़े जा सकते हैं। वास्तविक धाराओं की जानकारी प्राथमिकी दर्ज होने और आधिकारिक बयान के बाद स्पष्ट होगी।

कॉलेज छक जैसे व्यस्त इलाके में कथित ड्रग्स गिरोह की गतिविधि ने स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि संदिग्ध यहां किसी को नशीला पदार्थ देने आए थे या दूसरे स्थान की ओर जा रहे थे। उन्हें सूचना किस स्रोत से मिली और गिरोह का स्थानीय संपर्क कौन था, इसकी भी पड़ताल की जाएगी।

पुलिस के सामने इस मामले में दो प्रमुख चुनौतियां हैं। पहली चुनौती फरार तीन आरोपियों को जल्द पकड़ना है, जबकि दूसरी कथित ड्रग्स नेटवर्क की पूरी कड़ी का पता लगाना है। गिरफ्तार संदिग्धों के मोबाइल फोन, संपर्क और हाल की गतिविधियों से इस संबंध में जानकारी मिलने की संभावना है।

इलाके में सक्रिय अन्य संदिग्ध लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है। पुलिस यह जानने का प्रयास करेगी कि गिरोह नशीले पदार्थ कहां से प्राप्त करता था और उसे किन इलाकों में पहुंचाया जाता था। हालांकि इस नेटवर्क के बारे में अभी कोई आधिकारिक विवरण जारी नहीं किया गया है।

घायल कॉन्स्टेबल नित्यानंद सेनापति इस छापेमारी दल का हिस्सा थे। संदिग्धों को रोकने और पकड़ने के दौरान वह हमले का शिकार हो गए। उनके घायल होने के बाद टीम के अन्य सदस्यों ने उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और अस्पताल ले जाने की व्यवस्था की।

घटना की जानकारी मिलने पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भी मामले की रिपोर्ट मांगी है। छापेमारी कैसे की गई, कितने पुलिसकर्मी टीम में शामिल थे और संदिग्ध किस दिशा में भागे, जैसे बिंदुओं का विवरण तैयार किया जा रहा है। ऑपरेशन के दौरान हुई परिस्थितियों की समीक्षा भी की जाएगी।

फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए जिले के अन्य थानों को सतर्क किया जा सकता है। पुलिस उनके संभावित परिचितों और ठिकानों की जानकारी जुटाकर तलाश आगे बढ़ा रही है। जिले से बाहर भागने की आशंका को देखते हुए आसपास के क्षेत्रों की पुलिस से भी संपर्क किया जा सकता है।

गिरफ्तार दोनों संदिग्धों को पूछताछ और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के बाद अदालत में पेश किया जाएगा। उनके खिलाफ आरोपों की पुष्टि जब्त सामग्री, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर होगी। दोषसिद्धि का निर्णय न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।

फिलहाल पुलिस का ध्यान घायल कॉन्स्टेबल के उपचार और तीन फरार आरोपियों की गिरफ्तारी पर केंद्रित है। कॉलेज छक के पास हुई इस घटना ने नशीले पदार्थों का अवैध कारोबार करने वाले लोगों के दुस्साहस को सामने रखा है। छापेमारी के दौरान पुलिसकर्मी पर हमला होने के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है।

दो संदिग्धों की गिरफ्तारी से पुलिस को गिरोह की गतिविधियों और उसके नेटवर्क के बारे में जानकारी मिलने की उम्मीद है। फरार तीन लोगों के पकड़े जाने के बाद घटना का पूरा क्रम और कथित ड्रग्स कारोबार का दायरा स्पष्ट हो सकेगा। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

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