
Odisha ओडिशा: ओडिशा के बरगढ़ जिले में प्रधानमंत्री फॉर्मलाइजेशन ऑफ माइक्रो फूड प्रोसेसिंग एंटरप्राइजेज (PMFME) योजना से जुड़ा एक रिश्वत मामला सामने आया है। ओडिशा विजिलेंस विभाग ने एक डिस्ट्रिक्ट रिसोर्स पर्सन (DRP) को 30,000 रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान रक्षी मेहर के रूप में हुई है, जो बरगढ़ के डिस्ट्रिक्ट इंडस्ट्रीज सेंटर (DIC) में जनरल मैनेजर के अधीन DRP के रूप में कार्यरत थी।
विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई एक शिकायत के आधार पर की गई। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि PMFME योजना के तहत सब्सिडी फंड जारी कराने में मदद करने के बदले उनसे पैसे की मांग की गई थी। जांच में सामने आया कि शिकायतकर्ता से कथित रूप से रिश्वत की राशि रक्षी मेहर के बैंक खाते में जमा करवाई गई थी, जिसके बाद विजिलेंस टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।
मामले से जुड़े विवरण के अनुसार, शिकायतकर्ता ने 15 मार्च 2026 को PMFME योजना के तहत बेकरी यूनिट स्थापित करने के लिए 8.64 लाख रुपये का लोन लिया था। योजना के नियमों के अनुसार, लाभार्थी को 35 प्रतिशत सब्सिडी का लाभ मिलता है, जो इस मामले में 3,02,400 रुपये बनता है।
इसी सब्सिडी राशि को जारी कराने की प्रक्रिया के दौरान कथित रूप से रिश्वत की मांग की गई थी। विजिलेंस विभाग का कहना है कि आरोपी ने प्रक्रिया में मदद के नाम पर लाभार्थी से अवैध रूप से पैसे की मांग की और उसे अपने बैंक खाते में ट्रांसफर करवाया।
जैसे ही शिकायत की पुष्टि हुई, विजिलेंस टीम ने ट्रैप ऑपरेशन चलाया और आरोपी को रंगे हाथों पकड़ा। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
अधिकारियों ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस प्रक्रिया में और कोई अधिकारी या व्यक्ति शामिल था या नहीं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इसी तरह अन्य लाभार्थियों से भी अवैध वसूली की गई है।
विजिलेंस विभाग ने स्पष्ट किया है कि सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इस गिरफ्तारी को योजना के क्रियान्वयन में ईमानदारी और निगरानी व्यवस्था की एक अहम कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।





