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ओडिशा के डॉ. शुभम साहू को मिला अंतरराष्ट्रीय सम्मान

Kavita2
28 July 2026 3:27 PM IST
ओडिशा के डॉ. शुभम साहू को मिला अंतरराष्ट्रीय सम्मान
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संबलपुर : ओडिशा के संबलपुर जिले के बामरा क्षेत्र के रहने वाले डॉ. शुभम साहू ने अपनी उपलब्धि से राज्य और देश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। उन्हें प्रतिष्ठित ‘रिचर्ड एम. बास आउटस्टैंडिंग यंग पावर इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर अवार्ड 2026’ के लिए चुना गया है। यह सम्मान हासिल करने वाले वे पहले भारतीय बन गए हैं।

डॉ. शुभम साहू के चयन की खबर सामने आने के बाद ओडिशा में खुशी का माहौल है। शिक्षा, अनुसंधान और तकनीकी क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें यह प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार दिया जाएगा। यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत करियर की बड़ी सफलता है, बल्कि देश के युवा इंजीनियरों और शोधकर्ताओं के लिए भी प्रेरणा मानी जा रही है।

‘रिचर्ड एम. बास आउटस्टैंडिंग यंग पावर इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर अवार्ड’ पावर इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले युवा इंजीनियरों को सम्मानित करने के लिए दिया जाता है। यह पुरस्कार उन विशेषज्ञों को पहचान देता है, जिन्होंने तकनीकी नवाचार, शोध और ऊर्जा क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया हो।

डॉ. शुभम साहू ने पावर इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में अपने शोध और तकनीकी कार्यों के माध्यम से अलग पहचान बनाई है। उनका काम आधुनिक ऊर्जा प्रणालियों, बिजली प्रबंधन और नई तकनीकों के विकास से जुड़ा हुआ है। उनके शोध को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है।

बामरा जैसे छोटे क्षेत्र से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने की डॉ. शुभम की यात्रा कई युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। शुरुआती शिक्षा से लेकर उच्च तकनीकी अनुसंधान तक उन्होंने लगातार मेहनत और लगन के बल पर अपनी पहचान बनाई।

स्थानीय लोगों और शिक्षा जगत से जुड़े लोगों ने डॉ. शुभम की इस उपलब्धि पर गर्व जताया है। उनका कहना है कि यह सम्मान पूरे संबलपुर जिले और ओडिशा के लिए गौरव का क्षण है। सीमित संसाधनों वाले क्षेत्र से आने वाले युवा भी अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर वैश्विक स्तर पर सफलता हासिल कर सकते हैं।

पावर इलेक्ट्रॉनिक्स आज के समय में ऊर्जा क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। इलेक्ट्रिक वाहनों, नवीकरणीय ऊर्जा, स्मार्ट ग्रिड और आधुनिक बिजली प्रणालियों में इसकी भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में इस क्षेत्र में होने वाले शोध और नवाचारों का महत्व भी बढ़ गया है।

डॉ. शुभम साहू का चयन इस बात का प्रमाण है कि भारतीय शोधकर्ता और इंजीनियर वैश्विक तकनीकी विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उनका काम आने वाली पीढ़ियों के लिए ऊर्जा तकनीक को और अधिक प्रभावी और टिकाऊ बनाने में मदद कर सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, युवा इंजीनियरों को ऐसे अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिलने से देश में अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा मिलता है। इससे छात्रों और शोधकर्ताओं को विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरणा मिलती है।

डॉ. शुभम साहू की उपलब्धि ऐसे समय में सामने आई है, जब भारत ऊर्जा और तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। पावर इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में भारतीय विशेषज्ञों का योगदान देश की तकनीकी क्षमता को मजबूत कर रहा है।

उनके चयन ने ओडिशा के युवाओं में भी उत्साह पैदा किया है। राज्य के कई लोगों ने उम्मीद जताई है कि डॉ. शुभम की सफलता से आने वाली पीढ़ियां उच्च शिक्षा, शोध और तकनीकी क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित होंगी।

बामरा निवासी डॉ. शुभम साहू अब इस प्रतिष्ठित सम्मान को प्राप्त करने वाले पहले भारतीय के रूप में इतिहास में अपना नाम दर्ज कराएंगे। उनकी यह उपलब्धि ओडिशा और भारत के लिए गौरव का विषय है तथा वैश्विक तकनीकी क्षेत्र में भारतीय प्रतिभा की मजबूत उपस्थिति को दर्शाती है।

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