ओडिशा

शराब केस में पत्नी बच्चे की हिरासत पर विवाद

Kavita2
3 Sept 2026 5:09 PM IST
शराब केस में पत्नी बच्चे की हिरासत पर विवाद
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सुंदरगढ़। ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले में आबकारी विभाग की एक कार्रवाई को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि अवैध शराब कारोबार के मामले में आरोपी पति के घर छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने उसकी पत्नी और दो साल के बच्चे को हिरासत में ले लिया। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।

जानकारी के अनुसार, यह घटना गुरुवार सुबह करीब 7 बजे सुंदरगढ़ सदर थाना क्षेत्र के बलादमल गांव में हुई। सुंदरगढ़ सदर आबकारी विभाग की टीम ने अवैध शराब बिक्री के आरोप में करण नायक के घर पर छापेमारी की थी।

आबकारी अधिकारियों की टीम फुला साहू के नेतृत्व में करण नायक के घर पहुंची थी। विभाग को सूचना मिली थी कि करण नायक अवैध रूप से शराब का कारोबार कर रहा है। इसी आधार पर टीम ने उसके घर की तलाशी ली।

हालांकि, छापेमारी के दौरान आबकारी टीम को घर के अंदर से कोई शराब बरामद नहीं हुई। अधिकारियों के अनुसार, टीम को देखकर करण नायक मौके से भागने लगा और भागते समय उसने करीब दो लीटर शराब फेंक दी।

आरोप है कि करण नायक को पकड़ने में असफल रहने के बाद आबकारी अधिकारियों ने उसकी पत्नी बेबी नायक को हिरासत में ले लिया। उस समय महिला अपने दो साल के बेटे के साथ घर पर मौजूद थी।

घटना के बाद परिवार और स्थानीय लोगों ने आबकारी विभाग की कार्रवाई पर सवाल उठाए। लोगों का कहना है कि यदि मामला महिला के पति से जुड़ा था तो महिला और छोटे बच्चे को हिरासत में लेना उचित नहीं था।

वहीं, आबकारी विभाग की ओर से कहा गया कि कार्रवाई अवैध शराब कारोबार के खिलाफ की जा रही थी। अधिकारियों ने आरोपी को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन वह मौके से भाग गया।

मामले में यह भी आरोप लगाया गया कि महिला को उसके छोटे बच्चे के साथ हिरासत में लेने से परिवार को परेशानी हुई। घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मामले की जांच की मांग की है।

कानून विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करते समय कानूनी प्रक्रिया का पालन करना जरूरी होता है। विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों से जुड़े मामलों में अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है।

अवैध शराब का कारोबार रोकना प्रशासन की जिम्मेदारी है, लेकिन कार्रवाई के तरीके को लेकर सवाल उठने के बाद अब यह मामला चर्चा में आ गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि आरोपी करण नायक के खिलाफ मामला था तो उसे गिरफ्तार करने के लिए अलग तरीके अपनाए जाने चाहिए थे। पत्नी और बच्चे को साथ ले जाने से परिवार को मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा।

आबकारी विभाग ने अभी तक इस मामले में विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि पूरी कार्रवाई नियमों के अनुसार की गई है।

पुलिस और प्रशासन की ओर से मामले की जानकारी जुटाई जा रही है। यदि कार्रवाई में किसी तरह की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों पर भी सवाल उठ सकते हैं।

सुंदरगढ़ जिले में अवैध शराब के खिलाफ आबकारी विभाग समय-समय पर अभियान चलाता रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब बिक्री रोकने के लिए छापेमारी की जाती है।

इस घटना के बाद अब आबकारी विभाग की कार्रवाई और हिरासत प्रक्रिया को लेकर बहस शुरू हो गई है। स्थानीय लोग निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

फिलहाल मामला जांच के दायरे में है और आगे की कार्रवाई अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर तय की जाएगी।

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