
x
Odisha ओडिशा। ओडिशा के मुख्यमंत्री Mohan Charan Majhi ने भुवनेश्वर में राज्य स्तरीय प्राकृतिक आपदा समिति (State Natural Calamity Committee 2026) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए राज्य की आपदा प्रबंधन तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि ओडिशा ने प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए एक व्यापक और प्रभावी आपदा प्रबंधन प्रणाली विकसित की है। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार की प्राथमिकता “जीरो कैजुअल्टी” नीति है और किसी भी स्थिति में इसमें कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि वे मानसून से पहले पूरी तरह हाई अलर्ट मोड में रहें और संभावित अल-नीनो जैसी मौसम संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए “पूरे सरकारी तंत्र” के दृष्टिकोण के साथ काम करें। उन्होंने कहा कि आपदा के समय त्वरित प्रतिक्रिया, सटीक सूचना और समन्वित कार्रवाई ही जनहानि को रोकने का सबसे प्रभावी तरीका है। इसलिए जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन इकाइयों और आपात सेवाओं के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है।
बैठक में यह भी समीक्षा की गई कि पिछले वर्षों में चक्रवात, बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से निपटने में राज्य की तैयारी कितनी प्रभावी रही है। अधिकारियों ने राहत और बचाव व्यवस्था, आश्रय गृहों की स्थिति और चेतावनी प्रणाली पर प्रस्तुति दी। सरकार ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि वे संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां पहले से ही आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करें, ताकि आपदा की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि ओडिशा की पहचान एक ऐसे राज्य के रूप में होनी चाहिए जहां आपदा आने के बावजूद जनहानि न्यूनतम या शून्य रहे।
Tagsभुवनेश्वरओडिशामोहन चरण माझीप्राकृतिक आपदा समितिआपदा प्रबंधनजीरो कैजुअल्टी नीतिमानसूनअल नीनोराज्य स्तरीय बैठकराहत बचावआपदा तैयारीBhubaneswarOdishaMohan Charan MajhiNatural Disaster CommitteeDisaster ManagementZero Casualty PolicyMonsoonEl NinoState Level MeetingRelief and RescueDisaster Preparedness
Next Story





