ओडिशा

दया नदी का गंदा पानी फैलाए बीमारियाँ, नुआदोखंडा-कनास में 10 से ज्यादा लोग प्रभावित

SHIDDHANT
10 Jan 2026 8:05 PM IST
दया नदी का गंदा पानी फैलाए बीमारियाँ, नुआदोखंडा-कनास में 10 से ज्यादा लोग प्रभावित
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Odisha ओडिशा। पुरी जिले के नुआदोखंडा और आसपास के कनास गांवों में दया नदी के प्रदूषित पानी के कारण कम से कम 10 लोग बीमार हो गए हैं। अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा किया और स्थानीय लोगों को नदी का पानी पीने या इस्तेमाल करने से बचने की चेतावनी दी। इस प्रदूषण के कारण इलाके में स्वास्थ्य संकट पैदा हो गया है और स्थानीय निवासियों में जॉन्डिस और अन्य जलजनित रोग फैलने का खतरा है। स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, दया नदी का पानी भुवनेश्वर से निकलने वाले untreated वेस्टवॉटर से गंभीर रूप से प्रदूषित हो गया है। पिछले कुछ वर्षों से यह समस्या लगातार बनी हुई है, जिससे नदी के आसपास रहने वाले लोग बार-बार बीमार पड़ते हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों ने नदी के पानी का नमूना लिया है और उसमें बैक्टीरिया और अन्य हानिकारक तत्व पाए जाने की आशंका जताई है।
एक स्थानीय निवासी ने कहा, “हम लगातार नदी का पानी पीने या घरेलू कामों में इस्तेमाल करने से डरते हैं, लेकिन विकल्प नहीं होने की वजह से लोग जोखिम उठाते हैं। अब कई लोग पीलिया और पेट संबंधी बीमारियों से जूझ रहे हैं। स्थानीय स्वास्थ्य विभाग ने गांववासियों को साफ पानी के बोतलबंद विकल्प अपनाने और रोग के लक्षण दिखने पर तुरंत अस्पताल आने की सलाह दी है। अधिकारियों ने कहा कि पानी में ताजगी लाने और प्रदूषण को रोकने के लिए भुवनेश्वर से निकलने वाले वेस्टवॉटर की सही सफाई आवश्यक है।
विशेषज्ञों के अनुसार, दया नदी में लगातार गंदा पानी बहने के कारण न केवल स्थानीय लोगों के स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है, बल्कि कृषि और मछली पालन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। यह स्थिति स्थानीय अर्थव्यवस्था और जीवन स्तर को भी प्रभावित कर रही है। अधिकारियों ने कहा कि इस संकट से निपटने के लिए जल प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को सूचित किया गया है और वे जल्द ही नदी के प्रदूषण को रोकने के उपाय करेंगे। इसके अलावा, गांवों में स्वास्थ्य शिविर लगाकर प्रभावित लोगों का इलाज और जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
स्थानीय प्रशासन ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर नदी का प्रदूषण कम नहीं हुआ, तो आगे भी लोगों को जॉन्डिस और अन्य जलजनित रोगों का खतरा बना रहेगा। प्रशासन ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे नदी का पानी पीने या घरेलू कामों में उपयोग करने से बचें और साफ पानी का इस्तेमाल करें। इस घटना ने एक बार फिर जल संसाधनों की सुरक्षा और नगर निकायों की वेस्टवॉटर प्रबंधन प्रणाली की अहमियत को उजागर किया है। पुरी जिले में दया नदी की सफाई और निगरानी के लिए अब तत्काल कदम उठाने की जरूरत है, ताकि भविष्य में ऐसे स्वास्थ्य संकट से बचा जा सके और स्थानीय लोगों को सुरक्षित पानी उपलब्ध हो।
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