ओडिशा

NH-55 की बदहाल हालत पर धर्मेंद्र प्रधान ने नितिन गडकरी से की हस्तक्षेप की मांग

Kavita2
23 Aug 2026 2:23 PM IST

संबलपुर। संबलपुर के सांसद धर्मेंद्र प्रधान ने राष्ट्रीय राजमार्ग-55 (NH-55) की खराब हालत को लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का ध्यान आकर्षित कराया है। उन्होंने हाईवे की तत्काल मरम्मत और रखरखाव के लिए केंद्रीय मंत्री से व्यक्तिगत हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। सांसद ने कहा कि सड़क पर जगह-जगह बने बड़े गड्ढों और क्षतिग्रस्त हिस्सों के कारण यात्रियों के साथ-साथ माल परिवहन से जुड़े लोगों को भी लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय मंत्री को लिखे पत्र में विशेष रूप से संबलपुर-कटक हिस्से की खराब स्थिति का उल्लेख किया है। उन्होंने मांग की कि संबंधित एजेंसियों को हाईवे की तत्काल मरम्मत और गड्ढों को भरने के लिए जरूरी निर्देश दिए जाएं, ताकि इस महत्वपूर्ण मार्ग पर आवागमन सुचारु हो सके।

भारी बारिश से बिगड़ी सड़क की हालत

सांसद के अनुसार, क्षेत्र में हुई भारी बारिश और हाईवे पर लगातार बड़ी संख्या में वाहनों की आवाजाही के कारण सड़क की स्थिति और खराब हो गई है। कई स्थानों पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जबकि कुछ हिस्सों में सड़क की सतह भी क्षतिग्रस्त हो गई है।

बारिश के दौरान इन गड्ढों में पानी भर जाने से वाहन चालकों के लिए सड़क की वास्तविक स्थिति का अनुमान लगाना मुश्किल हो जाता है। इससे दुर्घटना का खतरा भी बढ़ जाता है। खासकर भारी वाहनों और मालवाहक ट्रकों के लिए खराब सड़क पर आवाजाही करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।

प्रधान ने अपने पत्र में इस समस्या के शीघ्र समाधान की जरूरत पर जोर दिया है। उनका कहना है कि सड़क की मौजूदा स्थिति को देखते हुए नियमित रखरखाव के साथ तत्काल पैचवर्क और गड्ढों की मरम्मत जरूरी है।

संबलपुर-कटक मार्ग का महत्व

NH-55 संबलपुर, अंगुल और कटक जैसे महत्वपूर्ण शहरों को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है। यह क्षेत्र के परिवहन और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस मार्ग से बड़ी संख्या में यात्री वाहन और मालवाहक वाहन गुजरते हैं।

ओडिशा के पश्चिमी हिस्से को राज्य के अन्य प्रमुख क्षेत्रों से जोड़ने के कारण NH-55 का आर्थिक महत्व भी काफी अधिक है। औद्योगिक गतिविधियों और व्यापारिक परिवहन के लिए भी इस मार्ग का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में लंबे समय तक सड़क की खराब स्थिति बने रहने से परिवहन व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका रहती है।

मालवाहक वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने पर सामान की ढुलाई में अतिरिक्त समय लग सकता है। इससे परिवहन लागत बढ़ने के साथ व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ सकता है।

यात्रियों को भी हो रही परेशानी

हाईवे की खराब हालत से सबसे अधिक परेशानी रोजाना यात्रा करने वाले लोगों को उठानी पड़ रही है। गड्ढों के कारण वाहन चालकों को कई स्थानों पर धीमी गति से वाहन चलाना पड़ता है। बारिश के समय समस्या और गंभीर हो जाती है।

स्थानीय लोगों और नियमित यात्रियों के लिए यह मार्ग महत्वपूर्ण है। खराब सड़क के कारण यात्रा का समय बढ़ने के साथ वाहनों के रखरखाव का खर्च भी बढ़ सकता है। गड्ढों से गुजरने के दौरान वाहनों के टायर, सस्पेंशन और अन्य हिस्सों को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है।

केंद्रीय मंत्री से व्यक्तिगत हस्तक्षेप की मांग

धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मामले में व्यक्तिगत हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि संबंधित अधिकारियों को संबलपुर-कटक हिस्से में तत्काल निरीक्षण और आवश्यक मरम्मत कार्य कराने के निर्देश दिए जाने चाहिए।

सांसद की मांग है कि केवल अस्थायी तौर पर गड्ढे भरने के बजाय हाईवे के खराब हिस्सों का उचित रखरखाव सुनिश्चित किया जाए। इससे सड़क की स्थिति में स्थायी सुधार लाने में मदद मिलेगी और यात्रियों को सुरक्षित आवागमन उपलब्ध कराया जा सकेगा।

लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर के रूप में महत्वपूर्ण

NH-55 को एक महत्वपूर्ण ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर के रूप में देखा जाता है। संबलपुर और अंगुल जैसे औद्योगिक क्षेत्रों को कटक से जोड़ने वाला यह मार्ग व्यापारिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण है।

इस मार्ग पर भारी वाहनों की लगातार आवाजाही होती है। बारिश के दौरान सड़क पर पानी और गड्ढों की समस्या के कारण वाहनों की रफ्तार प्रभावित होती है। इससे परिवहन व्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है।

प्रधान ने केंद्र सरकार से इस महत्वपूर्ण मार्ग की स्थिति को प्राथमिकता के आधार पर सुधारने की अपील की है। उनका कहना है कि बेहतर सड़क संपर्क से यात्रियों को सुविधा मिलने के साथ क्षेत्र में व्यापार और उद्योग को भी लाभ होगा।

जल्द कार्रवाई की उम्मीद

सांसद की ओर से केंद्रीय मंत्री को पत्र लिखे जाने के बाद अब लोगों की नजर संबंधित विभाग की कार्रवाई पर है। स्थानीय स्तर पर भी लंबे समय से सड़क की स्थिति को लेकर चिंताएं सामने आती रही हैं। ऐसे में यदि समय रहते मरम्मत कार्य शुरू किया जाता है तो बारिश के मौसम में यात्रियों की परेशानी को कम किया जा सकता है।

NH-55 की खराब स्थिति को लेकर उठी इस मांग में सड़क सुरक्षा के साथ-साथ क्षेत्र के आर्थिक और परिवहन हित भी जुड़े हैं। संबलपुर-कटक मार्ग पर गड्ढों की मरम्मत और क्षतिग्रस्त हिस्सों के रखरखाव से यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

फिलहाल धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। अब यह देखना होगा कि संबंधित विभाग हाईवे की जमीनी स्थिति का आकलन कर कितनी जल्दी मरम्मत और रखरखाव का काम शुरू करता है।

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