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ओडिशा की ओर बढ़ रहा डीप डिप्रेशन, भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट

Kavita2
23 Sept 2026 11:19 AM IST
ओडिशा की ओर बढ़ रहा डीप डिप्रेशन, भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट
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भुवनेश्वर। बंगाल की खाड़ी में बना डीप डिप्रेशन उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तट की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से बुधवार को ओडिशा के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मौसम की गंभीरता को देखते हुए राज्य के अलग-अलग जिलों के लिए रेड, ऑरेंज और येलो चेतावनी जारी की है। तटीय और दक्षिणी हिस्सों में बारिश का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है।

मौसम विभाग के सुबह जारी बुलेटिन के अनुसार बंगाल की खाड़ी में सक्रिय डीप डिप्रेशन लगातार पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। इसके बुधवार रात तक विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच कलिंगपट्टनम के आसपास उत्तर आंध्र प्रदेश-दक्षिण ओडिशा तट को पार करने की बहुत अधिक संभावना जताई गई है।

कलिंगपट्टनम से करीब 70 किलोमीटर दूर

IMD के अनुसार सुबह के समय डीप डिप्रेशन आंध्र प्रदेश के कलिंगपट्टनम से करीब 70 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व में केंद्रित था।

वहीं यह सिस्टम ओडिशा के गोपालपुर से लगभग 150 किलोमीटर दक्षिण और पुरी से करीब 230 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम में स्थित था। आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम से इसकी दूरी लगभग 150 किलोमीटर पूर्व-उत्तर-पूर्व बताई गई।

मौसम प्रणाली की स्थिति को देखते हुए ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में मौसम खराब रहने की संभावना है।

बुधवार रात तट पार करने की संभावना

मौसम विभाग का अनुमान है कि डीप डिप्रेशन पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर आगे बढ़ता रहेगा। इसके बुधवार रात तक उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तट को पार करने की संभावना है।

यह सिस्टम विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच कलिंगपट्टनम के पास तट पार कर सकता है। तट के करीब पहुंचने के साथ समुद्र और आसपास के क्षेत्रों में मौसम की गतिविधियां तेज रहने की आशंका है।

सिस्टम के तट पार करने के दौरान तेज बारिश और हवाओं की स्थिति बन सकती है।

कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश

डीप डिप्रेशन का सबसे बड़ा प्रभाव बारिश के रूप में देखने को मिलने की संभावना है। ओडिशा के कई जिलों में बुधवार को भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।

कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक तेज बारिश की परिस्थितियां भी बन सकती हैं। इसी को देखते हुए IMD ने अलग-अलग जिलों के लिए खतरे की गंभीरता के आधार पर रेड, ऑरेंज और येलो चेतावनी जारी की है।

लोगों को मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी ताजा चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

रेड अलर्ट वाले क्षेत्रों में ज्यादा सतर्कता

रेड चेतावनी उन क्षेत्रों के लिए जारी की जाती है जहां गंभीर मौसम की स्थिति बनने की आशंका अधिक होती है। ऐसे इलाकों में बहुत तेज बारिश के कारण निचले स्थानों पर जलभराव, सड़क संपर्क प्रभावित होने और नदी-नालों के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी जैसी परिस्थितियां पैदा हो सकती हैं।

पहाड़ी इलाकों में तेज बारिश होने पर मिट्टी खिसकने और छोटे नालों में अचानक पानी बढ़ने का खतरा भी रहता है।

इसलिए प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की जरूरत होगी।

ऑरेंज और येलो चेतावनी भी जारी

IMD ने रेड अलर्ट के साथ कई क्षेत्रों के लिए ऑरेंज और येलो चेतावनी भी जारी की है। ऑरेंज चेतावनी वाले क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश के लिए तैयार रहने की जरूरत होती है, जबकि येलो चेतावनी मौसम में संभावित बदलाव को लेकर सतर्क रहने का संकेत देती है।

बारिश की तीव्रता जिले और स्थान के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। डीप डिप्रेशन की दिशा और गति में बदलाव होने पर चेतावनी वाले क्षेत्रों में भी परिवर्तन हो सकता है।

निचले इलाकों में जलभराव का खतरा

लगातार तेज बारिश होने पर शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में जलभराव की समस्या पैदा हो सकती है। शहरों में निचले इलाकों, अंडरपास और कमजोर जल निकासी वाले क्षेत्रों में पानी जमा होने की आशंका रहती है।

ग्रामीण इलाकों में छोटी नदियों और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। पुल और पुलिया के ऊपर से पानी बहने की स्थिति में सड़क संपर्क बाधित हो सकता है।

ऐसी परिस्थितियों में पानी से भरे रास्तों को पार करने से बचना जरूरी है।

तटीय क्षेत्रों पर विशेष नजर

मौसम प्रणाली उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा तट की ओर बढ़ रही है, इसलिए तटीय क्षेत्रों में विशेष सतर्कता की आवश्यकता है।

समुद्र में मौसम खराब होने की स्थिति में लहरें और हवाएं सामान्य से अधिक प्रभावी हो सकती हैं। तट के आसपास रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करना चाहिए।

सिस्टम के तट पार करने के समय मौसम की स्थिति तेजी से बदल सकती है।

सड़क और रेल यातायात पर पड़ सकता है असर

भारी बारिश का असर यातायात व्यवस्था पर भी पड़ सकता है। सड़कों पर पानी भरने और पेड़ गिरने जैसी घटनाओं से आवागमन बाधित हो सकता है।

ग्रामीण और पहाड़ी इलाकों में पुलों पर पानी आने से कई गांवों का संपर्क अस्थायी रूप से टूटने का खतरा रहता है। अत्यधिक बारिश होने पर रेल और सड़क सेवाओं पर भी स्थानीय स्तर पर प्रभाव पड़ सकता है।

यात्रा करने वाले लोगों को निकलने से पहले मौसम और मार्ग की स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी जाती है।

प्रशासन को सतर्क रहने की जरूरत

डीप डिप्रेशन को देखते हुए प्रभावित जिलों में प्रशासनिक स्तर पर भी सतर्कता महत्वपूर्ण है। निचले इलाकों, नदी किनारे बसे गांवों और जलभराव की आशंका वाले क्षेत्रों पर विशेष नजर रखने की जरूरत होगी।

आपात स्थिति में राहत और बचाव टीमों को तैयार रखने के साथ स्थानीय लोगों तक समय पर मौसम चेतावनी पहुंचाना महत्वपूर्ण होगा।

अगले कुछ घंटे बेहद अहम

बंगाल की खाड़ी में सक्रिय डीप डिप्रेशन के लिए बुधवार के अगले कुछ घंटे महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। मौसम विभाग के मुताबिक सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए रात तक विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच कलिंगपट्टनम के आसपास तट पार कर सकता है।

इस दौरान ओडिशा के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। रेड, ऑरेंज और येलो चेतावनी वाले क्षेत्रों में लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने और मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर रखने की जरूरत

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