
भुवनेश्वर। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने ओडिशा में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (Special Intensive Revision–SIR) कार्यक्रम की समय-सीमा बढ़ा दी है। अब राज्य के मतदाता 19 अगस्त तक मतदाता सूची से संबंधित अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। निर्वाचन आयोग के इस फैसले का उद्देश्य अधिक से अधिक पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाने, संशोधन कराने या किसी त्रुटि को दूर कराने का अवसर उपलब्ध कराना है।
निर्वाचन आयोग द्वारा 31 जुलाई को जारी अधिसूचना के अनुसार, यह निर्णय ओडिशा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के अनुरोध पर विचार करने के बाद लिया गया। आयोग ने माना कि मतदाता सूची का शुद्ध और अद्यतन होना लोकतांत्रिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता के लिए अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से राज्य के मतदाताओं को अतिरिक्त समय देने का फैसला किया गया है।
आयोग के अनुसार, विशेष गहन संशोधन अभियान के दौरान बड़ी संख्या में नागरिकों ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने, स्थान परिवर्तन, पते में संशोधन तथा अन्य त्रुटियों को सुधारने के लिए आवेदन किए हैं। कई स्थानों पर नागरिकों और राजनीतिक दलों की ओर से अधिक समय देने की मांग भी सामने आई थी। इन परिस्थितियों को देखते हुए समय-सीमा बढ़ाने का निर्णय लिया गया ताकि कोई भी पात्र मतदाता अपने अधिकार से वंचित न रह जाए।
मतदाता सूची का विशेष गहन संशोधन निर्वाचन प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। इस अभियान के तहत निर्वाचन अधिकारियों द्वारा मतदाता सूची का व्यापक सत्यापन किया जाता है ताकि मृत, स्थानांतरित या अपात्र मतदाताओं के नाम हटाए जा सकें और नए पात्र मतदाताओं के नाम सूची में जोड़े जा सकें। इसके साथ ही मतदाताओं के नाम, आयु, पता और अन्य विवरणों में यदि कोई त्रुटि हो तो उसे भी सुधारा जाता है।
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि संशोधित समय-सीमा के दौरान सभी पात्र नागरिक निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अपने दावे और आपत्तियां प्रस्तुत कर सकते हैं। संबंधित दस्तावेजों के साथ आवेदन निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO), सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (AERO), बूथ स्तर अधिकारी (BLO) अथवा निर्धारित ऑनलाइन माध्यमों के जरिए जमा किए जा सकते हैं। इसके बाद प्राप्त आवेदनों का नियमानुसार सत्यापन किया जाएगा और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय ने भी मतदाताओं से अपील की है कि वे निर्धारित समय के भीतर अपनी मतदाता संबंधी जानकारी की जांच अवश्य करें। यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं है या किसी प्रकार की त्रुटि है, तो वह समय-सीमा समाप्त होने से पहले दावा या आपत्ति दर्ज कर सकता है। अधिकारियों ने कहा कि सही और अद्यतन मतदाता सूची स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव की आधारशिला होती है।
राजनीतिक दल भी मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन अभियान पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। विभिन्न दलों के प्रतिनिधि अपने-अपने स्तर पर मतदाता सूचियों का परीक्षण कर रहे हैं और आवश्यक होने पर आपत्तियां एवं सुझाव निर्वाचन अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत कर रहे हैं। आयोग ने सभी राजनीतिक दलों से इस प्रक्रिया में सक्रिय सहयोग करने और मतदाता सूची को अधिक सटीक एवं त्रुटिरहित बनाने में योगदान देने की अपील की है।
चुनाव विशेषज्ञों का मानना है कि समय-सीमा बढ़ाने से विशेष रूप से उन लोगों को लाभ मिलेगा जो किसी कारणवश निर्धारित अवधि में आवेदन नहीं कर पाए थे। इसमें पहली बार मतदान करने वाले युवा, हाल ही में निवास स्थान बदलने वाले नागरिक तथा मतदाता सूची में त्रुटियों का सामना कर रहे लोग शामिल हैं। अतिरिक्त समय मिलने से अधिक से अधिक पात्र मतदाता अपने नाम सूची में शामिल कराने या आवश्यक संशोधन कराने में सक्षम होंगे।
निर्वाचन आयोग लगातार इस बात पर जोर देता रहा है कि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में होना चाहिए, क्योंकि मतदान का अधिकार लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। आयोग का उद्देश्य ऐसी मतदाता सूची तैयार करना है जो पूरी तरह अद्यतन, सटीक और पारदर्शी हो, जिससे चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनी रहे।
ओडिशा में विशेष गहन संशोधन अभियान की समय-सीमा 19 अगस्त तक बढ़ाए जाने के निर्णय को व्यापक रूप से मतदाता हित में उठाया गया कदम माना जा रहा है। इससे नागरिकों को अपने मतदाता विवरणों की जांच और आवश्यक संशोधन कराने के लिए अतिरिक्त अवसर मिलेगा। निर्वाचन आयोग को उम्मीद है कि इस विस्तारित अवधि का अधिकतम लाभ उठाते हुए राज्य के पात्र मतदाता सक्रिय भागीदारी करेंगे और एक त्रुटिरहित तथा विश्वसनीय मतदाता सूची तैयार करने में सहयोग देंगे।





