
Odisha ओडिशा: पश्चिमी ओडिशा और राज्य की राजधानी भुवनेश्वर के बीच हवाई संपर्क को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। कालाहांडी जिले के उत्केला एयरपोर्ट और भुवनेश्वर के बीच 25 मई से रोज़ाना फ्लाइट सेवा शुरू की जा रही है। इस नई सुविधा से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है।
इंडियावन एयर के अनुसार, यह रूट पहले सप्ताह में केवल दो बार संचालित किया जाता था, जिसे बाद में बढ़ाकर सप्ताह में छह दिन कर दिया गया था। अब इसे और विस्तार देते हुए दैनिक आधार पर दोनों दिशाओं में दो-दो फ्लाइट्स संचालित करने का निर्णय लिया गया है। इससे यात्रियों को यात्रा के लिए अधिक विकल्प और सुविधा उपलब्ध होगी।
इस सेवा के शुरू होने से कालाहांडी और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को राजधानी भुवनेश्वर तक पहुंचने में काफी आसानी होगी। अभी तक लंबी सड़क यात्रा और सीमित परिवहन साधनों के कारण लोगों को काफी समय और असुविधा का सामना करना पड़ता था। नई फ्लाइट सेवा से यह दूरी कुछ ही समय में तय की जा सकेगी।
एयरलाइन अधिकारियों के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य क्षेत्रीय हवाई संपर्क को बढ़ावा देना और दूरदराज के जिलों को मुख्यधारा से जोड़ना है। उत्केला एयरपोर्ट से उड़ान सेवाओं के विस्तार से व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन क्षेत्रों को भी लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
स्थानीय लोगों और व्यापारिक संगठनों ने इस निर्णय का स्वागत किया है। उनका कहना है कि नियमित उड़ान सेवा शुरू होने से क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी और निवेश के नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं और जरूरी यात्रा में भी लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
सरकारी अधिकारियों का मानना है कि क्षेत्रीय एयर कनेक्टिविटी को मजबूत करने से ओडिशा के पिछड़े इलाकों का विकास तेजी से हो सकेगा। उत्केला एयरपोर्ट को एक महत्वपूर्ण एविएशन हब के रूप में विकसित करने की दिशा में यह कदम अहम माना जा रहा है।
फ्लाइट शेड्यूल और संचालन व्यवस्था को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और यात्रियों की सुविधा के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। एयरलाइन ने भी भरोसा जताया है कि इस रूट पर यात्री भार बढ़ने के साथ भविष्य में और सेवाओं का विस्तार किया जा सकता है।
इस नई दैनिक उड़ान सेवा से पश्चिमी ओडिशा के लोगों को राजधानी से तेज और सुविधाजनक कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलने की संभावना है।





