ओडिशा

चक्रवात अर्नब से भीषण भूस्खलन, 11 लोग लापता, जंगलों में तलाश जारी

Harrison
1 Nov 2026 11:55 PM IST
चक्रवात अर्नब से  भीषण भूस्खलन, 11 लोग लापता, जंगलों में तलाश जारी
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भुवनेश्वर। ओडिशा में चक्रवात 'अर्नब' के प्रभाव से हुई अप्रत्याशित बारिश के बाद गंजाम जिले में भीषण भूस्खलन का मामला सामने आया है। जिले के गिदिपाबली गांव में 28 अक्टूबर को हुए भूस्खलन के बाद 11 लोगों के लापता होने की सूचना है। प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों की तलाश और राहत-बचाव अभियान जारी है। दुर्गम पहाड़ी इलाका, घने जंगल और बारिश के कारण प्रभावित रास्ते बचाव कार्य में बड़ी चुनौती बन सकते हैं। इस बीच ओडिशा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने घटना को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है।
मंत्री सुरेश पुजारी ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में बताया कि भूस्खलन के बाद कुछ ग्रामीण किसी तरह जंगलों के रास्ते पैदल चलकर राहत केंद्र तक पहुंचे थे। इन लोगों ने प्रशासन को बताया कि प्रभावित बस्ती में कुल 25 लोग रहते थे। इनमें से केवल 13 लोग राहत केंद्र तक पहुंच पाए। इस आधार पर 12 लोगों का पता नहीं चलने की बात सामने आई है। हालांकि, शुरुआती सूचना में 11 लोगों के लापता होने का उल्लेख है। ऐसे में लापता लोगों की वास्तविक संख्या की पुष्टि प्रशासन की जांच और सभी ग्रामीणों की जानकारी जुटाए जाने के बाद ही हो सकेगी।
28 अक्टूबर को हुआ था भीषण भूस्खलन
जानकारी के अनुसार, चक्रवात अर्नब के प्रभाव से गंजाम जिले के विभिन्न हिस्सों में बारिश हुई। इसी दौरान 28 अक्टूबर को गिदिपाबली गांव में भूस्खलन की घटना हुई। पहाड़ी क्षेत्र में मिट्टी और चट्टानों के खिसकने से ग्रामीणों की सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो गया।
घटना के बाद प्रभावित बस्ती के कुछ लोग जान बचाने के लिए जंगल की ओर निकल गए। कठिन रास्तों से गुजरते हुए वे राहत केंद्र तक पहुंचे और वहां प्रशासन को घटना की जानकारी दी।ग्रामीणों के अनुसार, बस्ती में कुल 25 लोग रहते थे, लेकिन राहत केंद्र तक केवल 13 लोगों के पहुंचने की जानकारी सामने आई। इसके बाद बाकी लोगों की तलाश और उनकी संभावित लोकेशन का पता लगाने की प्रक्रिया शुरू की गई।
जंगलों और नालों के रास्ते निकलने की आशंका
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बताया कि लापता लोगों के संबंध में अलग-अलग संभावनाओं की जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि वे कंधमाल जिले की ओर चले गए हैं या जंगलों से होते हुए नालों और जल निकासी मार्गों को पार कर गंजाम के किसी दूसरे इलाके में पहुंचे हैं।
मंत्री के मुताबिक, यह भी संभव है कि कुछ ग्रामीण सुरक्षित स्थान की तलाश में किसी अन्य दिशा में निकल गए हों। इसलिए केवल राहत केंद्र में मौजूद लोगों की संख्या के आधार पर सभी लापता व्यक्तियों की स्थिति का अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती सभी लोगों का पता लगाना और यह सुनिश्चित करना है कि कोई व्यक्ति भूस्खलन प्रभावित इलाके में फंसा तो नहीं है।
राहत-बचाव अभियान में कई एजेंसियां जुटीं
गिदिपाबली गांव में राहत-बचाव अभियान के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओडीआरएएफ), अग्निशमन सेवा और विशेष अभियान समूह के जवानों को तैनात किया गया है।ताजा जानकारी के अनुसार, रेलवे और भारतीय नौसेना की सहायता सहित लगभग 177 बचावकर्मी मलबे में लापता लोगों की तलाश कर रहे हैं। बचाव दलों को मिट्टी, पत्थरों और मलबे के बीच काम करना पड़ रहा है।
मलबे में दबे लोगों की तलाश के लिए आधुनिक उपकरण
राज्य सरकार ने राहत अभियान को प्रभावी बनाने के लिए आधुनिक तकनीक की सहायता लेने का निर्णय लिया है। प्रभावित इलाके में जीवन के संकेतों का पता लगाने वाले उपकरणों और अन्य तकनीकी संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।भारतीय नौसेना की सहायता से विशेष उपकरण घटनास्थल तक पहुंचाने के प्रयास भी किए गए। खराब मौसम के कारण हेलीकॉप्टर संचालन में कठिनाइयां आईं।बचावकर्मियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि भूस्खलन के कारण प्रभावित बस्ती तक पहुंचने वाले रास्ते क्षतिग्रस्त हो गए हैं। पहाड़ी क्षेत्र में भारी मलबा जमा होने से तलाशी अभियान में समय लग रहा है।
एक शव बरामद, 11 लोगों की तलाश जारी
रविवार को राहत अभियान के दौरान एक व्यक्ति का शव बरामद किया गया। इसके बाद गिदिपाबली गांव में लापता लोगों की संख्या 11 बताई गई है।राज्य के विशेष राहत आयुक्त राजेश प्रभाकर पाटिल के अनुसार, बचाव अभियान जारी है और लापता लोगों का पता लगाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।इस घटना के बाद चक्रवात अर्नब से संबंधित विभिन्न हादसों में ओडिशा में मरने वालों की संख्या पांच हो गई है। इससे पहले कंधमाल जिले में भूस्खलन से एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हुई थी, जबकि गजपति जिले में भी एक व्यक्ति की जान गई थी।
मुख्यमंत्री ने बचाव अभियान तेज करने के निर्देश दिए
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने चक्रवात से प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा की है। उन्होंने अधिकारियों को लापता लोगों की तलाश तेज करने और प्रभावित परिवारों तक आवश्यक सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों में भोजन, पेयजल, चिकित्सा सुविधा और आवश्यक सेवाओं की बहाली को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। प्रशासन को क्षतिग्रस्त सड़कों, पुलों और बिजली व्यवस्था को जल्द सामान्य करने के लिए भी निर्देशित किया गया है।
एक लाख से अधिक लोग प्रभावित
चक्रवात अर्नब के कारण हुई भारी बारिश और बाढ़ ने गंजाम जिले में व्यापक नुकसान पहुंचाया है। विशेष राहत आयुक्त के अनुसार, जिले के 22 प्रखंडों और 398 गांवों में एक लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।लगभग 74 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि और करीब एक हजार मकानों को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। प्रभावित इलाकों में बिजली, पेयजल और संचार सेवाओं को बहाल करने का काम जारी है।
प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती
गिदिपाबली गांव में हुई इस त्रासदी ने पहाड़ी क्षेत्रों में अत्यधिक बारिश के दौरान भूस्खलन के खतरे को उजागर किया है। लगातार बारिश से पहाड़ियों की मिट्टी कमजोर हो सकती है, जिससे बड़े पैमाने पर मलबा नीचे आने का खतरा बढ़ जाता है।फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता लापता 11 लोगों की तलाश करना और प्रभावित ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। राहत केंद्रों में पहुंचे लोगों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।गंजाम की इस घटना ने कई परिवारों को गहरे संकट में डाल दिया है। बचाव दल कठिन परिस्थितियों में अभियान चला रहे हैं और लापता ग्रामीणों के संबंध में आगे की आधिकारिक जानकारी की प्रतीक्षा है।
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