
भुवनेश्वर। इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने के समय साइबर ठगों ने लोगों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। भुवनेश्वर-कटक कमिश्नरेट पुलिस ने नागरिकों को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के लिए सतर्क रहने की सलाह जारी की है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि साइबर अपराधी व्हाट्सऐप के माध्यम से इनकम टैक्स विभाग के नाम पर फर्जी नोटिस भेजकर लोगों को ठगने की कोशिश कर रहे हैं।
पुलिस ने सोशल मीडिया के माध्यम से जारी अपनी एडवाइजरी में बताया कि ठग खुद को इनकम टैक्स विभाग का अधिकारी बताकर लोगों को नकली नोटिस भेज रहे हैं। इन संदेशों में ऐसे लिंक या अटैचमेंट शामिल होते हैं, जिनके जरिए लोगों को डराकर उनकी निजी जानकारी हासिल करने या उनके मोबाइल फोन में हानिकारक सॉफ्टवेयर (मैलवेयर) डाउनलोड करवाने की कोशिश की जाती है।
पुलिस के अनुसार, साइबर अपराधी इनकम टैक्स से जुड़े मामलों को लेकर लोगों की चिंता का फायदा उठाते हैं। वे नोटिस में टैक्स बकाया, रिटर्न में गड़बड़ी या कानूनी कार्रवाई जैसी बातें लिखकर लोगों को जल्द कार्रवाई करने के लिए मजबूर करते हैं। इसके बाद पीड़ित से व्यक्तिगत जानकारी, बैंक संबंधी विवरण या ओटीपी जैसी संवेदनशील जानकारी मांगी जाती है।
कमिश्नरेट पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान नंबर से आए इनकम टैक्स संबंधी संदेशों पर तुरंत भरोसा न करें। यदि कोई संदिग्ध नोटिस या संदेश प्राप्त होता है तो उसकी सत्यता की जांच आधिकारिक माध्यमों से जरूर करें। पुलिस ने विशेष रूप से कहा है कि किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और अज्ञात फाइल या अटैचमेंट डाउनलोड करने से बचें।
अधिकारियों ने बताया कि सरकारी विभाग आमतौर पर महत्वपूर्ण सूचनाएं आधिकारिक माध्यमों से साझा करते हैं। ऐसे में व्हाट्सऐप पर अचानक आए किसी नोटिस को देखकर घबराने की बजाय उसकी पुष्टि करना जरूरी है। साइबर ठग अक्सर सरकारी संस्थानों के नाम और लोगो का गलत इस्तेमाल कर लोगों में विश्वास पैदा करने की कोशिश करते हैं।
पुलिस ने अपनी एडवाइजरी में बताया कि लोगों को अपनी निजी और वित्तीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। बैंक खाता नंबर, पासवर्ड, एटीएम कार्ड की जानकारी, ओटीपी या अन्य गोपनीय विवरण कभी भी फोन या मैसेज के जरिए साझा नहीं करना चाहिए।
आईटीआर भरने के समय बड़ी संख्या में लोग टैक्स से जुड़े संदेशों और सूचनाओं का इंतजार करते हैं। इसी का फायदा उठाकर साइबर अपराधी फर्जी नोटिस भेज रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि टैक्स संबंधी मामलों में लोग अक्सर जल्दबाजी में प्रतिक्रिया दे देते हैं, जिसका फायदा ठग उठा लेते हैं।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी ई-मेल या संदेश में आए अटैचमेंट को खोलने से पहले उसकी जांच करनी चाहिए। संदिग्ध फाइलें मोबाइल या कंप्यूटर में वायरस पहुंचा सकती हैं, जिससे निजी डेटा चोरी होने का खतरा बढ़ जाता है। कई बार ऐसे मैलवेयर डिवाइस में मौजूद बैंकिंग जानकारी और अन्य महत्वपूर्ण डेटा तक पहुंच बना सकते हैं।
पुलिस ने लोगों को सलाह दी है कि इनकम टैक्स से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत माध्यमों का इस्तेमाल करें। यदि किसी व्यक्ति को फर्जी संदेश या साइबर ठगी का सामना करना पड़ता है तो वह तुरंत इसकी शिकायत साइबर हेल्पलाइन या पुलिस को करे।
भुवनेश्वर-कटक कमिश्नरेट पुलिस ने कहा है कि साइबर अपराधों को रोकने के लिए जागरूकता बेहद जरूरी है। पुलिस समय-समय पर लोगों को ऑनलाइन सुरक्षा से जुड़े उपायों की जानकारी देती रहती है। अधिकारियों का कहना है कि सतर्कता और सावधानी से ऐसे अधिकांश साइबर अपराधों से बचा जा सकता है।
हाल के वर्षों में सरकारी संस्थानों के नाम पर होने वाली ऑनलाइन ठगी के मामले बढ़े हैं। साइबर अपराधी कभी बैंक अधिकारी, कभी पुलिस अधिकारी और कभी सरकारी विभाग के प्रतिनिधि बनकर लोगों को निशाना बनाते हैं। ऐसे मामलों में जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध संदेश, लिंक या अटैचमेंट पर प्रतिक्रिया देने से पहले उसकी जांच करें। साथ ही, परिवार के अन्य सदस्यों और आसपास के लोगों को भी इस तरह के साइबर फ्रॉड के प्रति जागरूक करें।
आईटीआर दाखिल करने के इस सीजन में पुलिस की यह चेतावनी लोगों के लिए महत्वपूर्ण है। फर्जी इनकम टैक्स नोटिस के जरिए होने वाली ठगी से बचने के लिए सावधानी बरतना जरूरी है। पुलिस ने साफ किया है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी, लेकिन लोगों की सतर्कता से ही ऐसे अपराधों पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।





