ओडिशा

साइबर ठगी का खुलासा: शिकायत के 24 घंटे के भीतर 4 आरोपी गिरफ्तार, लूटी गई राशि बरामद

SHIDDHANT
10 Dec 2025 9:58 PM IST
साइबर ठगी का खुलासा: शिकायत के 24 घंटे के भीतर 4 आरोपी गिरफ्तार, लूटी गई राशि बरामद
x
Odisha ओडिशा। साइबर अपराध लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन ओडिशा पुलिस ने एक बार फिर अपनी तत्परता और दक्षता से साबित कर दिया कि अपराधी कितने भी चालाक क्यों न हों, कानून की पकड़ से बच नहीं सकते। जिले में दर्ज एक साइबर ठगी मामले में अंगुल पुलिस ने मात्र 24 घंटे के भीतर अपराधियों को गिरफ्तार कर पीड़ित का लूटा हुआ पैसा बरामद कर लिया। इस कार्रवाई की खुद जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) राहुल जैन ने जानकारी दी। घटना तब सामने आई, जब शहर के एक व्यक्ति ने स्थानीय पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई कि वह साइबर ठगी का शिकार हो गया है। शिकायतकर्ता ने बताया कि अज्ञात कॉलर्स ने ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के नाम पर विश्वास जीतकर उससे एक बड़ी रकम ठग ली। मामला दर्ज होते ही पुलिस की साइबर सेल और स्थानीय थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से जांच शुरू की।
एसपी अंगुल राहुल जैन ने बताया कि पुलिस टीम ने तकनीकी विश्लेषण, मोबाइल नंबर की ट्रैकिंग और बैंक ट्रांजैक्शन की जांच को प्राथमिकता देते हुए कार्रवाई की। पुलिस ने ट्रांजैक्शन डिटेल्स और कॉल रिकॉर्ड के आधार पर संदिग्धों को चिन्हित किया और कुछ ही घंटों में एक विशेष टीम गठित कर संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की। इस तेज़ कार्रवाई के बाद पुलिस ने चार साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उन्होंने अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि वे संगठित गिरोह के रूप में लोगों को फोन कर बैंक वेरिफिकेशन, कस्टमर केयर या KYC अपडेट के नाम पर ठगते थे। गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने ठगी की राशि के साथ कई मोबाइल फोन, सिम कार्ड और बैंक पासबुक भी जब्त की है। बरामद की गई रकम पीड़ित को जल्द वापस सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
एसपी राहुल जैन ने मीडिया से बातचीत में बताया,
"यह कार्रवाई पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया और टीमवर्क का नतीजा है। साइबर अपराध आज के समय की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक हैं, लेकिन जागरूकता और तकनीकी दक्षता के दम पर हम ऐसे अपराधों पर लगाम लगा रहे हैं। उन्होंने आगे यह भी कहा कि जनता को साइबर अपराधियों से सावधान रहने की जरूरत है और किसी भी संदिग्ध कॉल या लिंक पर भरोसा न करें। पुलिस की ओर से लोगों को यह सलाह दी गई कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति को OTP, बैंक विवरण या PIN साझा न करें, और ठगी का शिकार होने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें ताकि कार्रवाई जल्द की जा सके।
अंगुल पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से जहां पीड़ित को राहत मिली है, वहीं लोगों में भी पुलिस के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि साइबर अपराधियों के खिलाफ समय पर शिकायत और तुरंत पुलिस हस्तक्षेप से बड़ी से बड़ी ठगी के मामलों को भी सुलझाया जा सकता है। ओडिशा में साइबर अपराधों पर रोक लगाने के लिए पुलिस लगातार जागरूकता अभियान चला रही है, और यह केस पुलिस की प्रभावी कार्यप्रणाली का एक और सफल उदाहरण बन गया है।
Next Story