
Odisha ओडिशा: ओडिशा के कटक में एक अदालत ने संदिग्ध आतंकी गतिविधियों के आरोपी अब्दुर रहमान को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है। यह फैसला कटक की जिला एवं सत्र न्यायाधीश (District and Sessions Judge) अदालत ने सुनाया, जो करीब 11 साल पुराने मामले से जुड़ा है।
मामले के अनुसार, अब्दुर रहमान को वर्ष 2015 में एक संयुक्त पुलिस अभियान के दौरान गिरफ्तार किया गया था। उसकी गिरफ्तारी भुवनेश्वर-कटक कमिश्नरेट पुलिस और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की संयुक्त टीम द्वारा 16 दिसंबर 2015 को कटक के जगतपुर इलाके से की गई थी।
पुलिस ने उस समय दावा किया था कि रहमान का संबंध प्रतिबंधित आतंकी संगठन अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) से हो सकता है, जो वैश्विक आतंकी नेटवर्क अल-कायदा से जुड़ा हुआ बताया जाता है।
आरोपों के अनुसार, अब्दुर रहमान पर यह भी आरोप था कि वह संगठन के लिए नए सदस्यों की भर्ती करने और युवाओं को कथित रूप से कट्टरपंथ की ओर प्रेरित करने की गतिविधियों में शामिल था। पुलिस ने उसे कटक के पश्चिमकच्छा क्षेत्र का निवासी बताया था और जांच में उसके आतंकी नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका जताई गई थी।
हालांकि, लंबी चली कानूनी प्रक्रिया और सुनवाई के बाद अदालत ने पाया कि आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत प्रस्तुत नहीं किए जा सके। इसी आधार पर अदालत ने आरोपी को बरी करने का आदेश दिया।
यह फैसला लगभग एक दशक से अधिक समय तक चले मामले के बाद आया है, जिससे कानूनी प्रक्रिया की लंबी अवधि और सबूतों की मजबूती पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
फिलहाल अदालत के इस फैसले के बाद अब्दुर रहमान को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया गया है। मामले से जुड़े सभी पहलुओं की कानूनी समीक्षा के बाद ही अंतिम निर्णय लिया गया।
इस फैसले को लेकर कानूनी और सुरक्षा मामलों में चर्चा तेज हो गई है, जबकि पुलिस और जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर भी सवाल उठ रहे हैं।





