ओडिशा

केंद्रपाड़ा में मगरमच्छ का खतरा, महिला लापता

Kavita2
3 Aug 2026 10:22 AM IST
केंद्रपाड़ा में मगरमच्छ का खतरा, महिला लापता
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केंद्रपाड़ा। ओडिशा के बाढ़ प्रभावित केंद्रपाड़ा जिले में सोमवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई। यहां नदी में नहाने गई 46 वर्षीय महिला को मगरमच्छ द्वारा खींच ले जाने की आशंका जताई जा रही है। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। महिला की तलाश के लिए स्थानीय लोगों और प्रशासन की ओर से अभियान चलाया जा रहा है।

यह घटना जिले की अलापुआ पंचायत के अंतर्गत आने वाले दामदारपाटना गांव में हुई। बताया जा रहा है कि यह गांव पिछले एक सप्ताह से बाढ़ के पानी से घिरा हुआ है। बाढ़ के कारण नदी और आसपास के जल स्रोतों में पानी का स्तर बढ़ गया है, जिससे जलीय जीवों के गांवों के करीब आने का खतरा भी बढ़ गया है।

लापता महिला की पहचान सुचित्रा दास के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, वह सोमवार को नदी में नहाने के लिए गई थीं। इसी दौरान उनके साथ यह हादसा हुआ। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई कि नदी में मौजूद मगरमच्छ उन्हें पानी के अंदर खींचकर ले गया होगा।

घटना की जानकारी मिलते ही गांव के लोग मौके पर पहुंचे और महिला की तलाश शुरू की। स्थानीय ग्रामीणों ने नदी और आसपास के क्षेत्रों में काफी खोजबीन की, लेकिन तत्काल महिला का पता नहीं चल सका। इसके बाद प्रशासन को घटना की सूचना दी गई।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्र होने के कारण राहत और बचाव कार्य में भी चुनौतियां आ रही हैं। पानी से भरे इलाकों में तलाशी अभियान चलाना आसान नहीं है। प्रशासन और स्थानीय बचाव दल स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और महिला की तलाश के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

ग्रामीणों के अनुसार, बाढ़ के बाद इलाके में मगरमच्छों की गतिविधियां बढ़ गई हैं। पानी बढ़ने के कारण कई बार ये जीव नदी से निकलकर रिहायशी इलाकों के आसपास पहुंच जाते हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में विशेष निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग की है।

केंद्रपाड़ा जिले के कई इलाके हर साल बाढ़ से प्रभावित होते हैं। जिले में कई नदियां बहती हैं, जिनके जलस्तर में वृद्धि के बाद आसपास के गांवों में पानी भर जाता है। इस बार भी लगातार बारिश और नदी के बढ़े जलस्तर के कारण कई गांव प्रभावित हुए हैं।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बाढ़ के दौरान नदी, तालाब और अन्य जल स्रोतों के पास जाने से बचें। अधिकारियों का कहना है कि पानी में रहने वाले जीवों के कारण ऐसे इलाकों में खतरा बढ़ जाता है, इसलिए लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए।

वन विभाग और स्थानीय प्रशासन को भी घटना की जानकारी दी गई है। मगरमच्छ के हमले की आशंका को देखते हुए संबंधित विभागों द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। यदि महिला के साथ मगरमच्छ से जुड़ी घटना की पुष्टि होती है, तो आगे की प्रक्रिया नियमों के अनुसार पूरी की जाएगी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बाढ़ के समय ग्रामीणों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। घरों में पानी भरने, आवागमन बाधित होने और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के अलावा अब जंगली जीवों का खतरा भी बढ़ गया है।

दामदारपाटना गांव में हुई इस घटना के बाद ग्रामीणों में भय का माहौल है। लोग अपने परिवार के सदस्यों को नदी और बाढ़ के पानी से दूर रहने की सलाह दे रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से प्रभावित इलाकों में नियमित गश्त और लोगों को जागरूक करने की मांग की है।

फिलहाल सुचित्रा दास की तलाश जारी है और प्रशासन घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रहा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में इस तरह की घटना ने एक बार फिर लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

अधिकारियों का कहना है कि राहत और बचाव कार्य के साथ-साथ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। लोगों से अपील की गई है कि बाढ़ के दौरान किसी भी जोखिम भरे स्थान पर जाने से बचें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

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