
Odisha ओडिशा : उच्च न्यायालय ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के क्षेत्रीय कार्यालय के उप निदेशक चिंतन रघुवंशी को अंतरिम जमानत दे दी है, जिन्हें 29 मई को एक व्यवसायी से रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
हाईकोर्ट ने मानवीय आधार पर रघुवंशी को 10 दिनों की अंतरिम जमानत दी है, ताकि वह अपने नवजात शिशु को देख सकें और बच्चे के जन्म के बाद पारिवारिक समारोहों में शामिल हो सकें।
हालांकि, उड़ीसा उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति जी. सतपथी ने रघुवंशी को अंतरिम जमानत की अवधि समाप्त होने के तुरंत बाद आत्मसमर्पण करने और हिरासत में वापस लौटने को कहा है।
हाईकोर्ट ने कहा कि इस संबंध में किसी भी तरह का उल्लंघन ईडी अधिकारी के खिलाफ बलपूर्वक कार्रवाई को आमंत्रित करेगा।
रघुवंशी ने शुरू में अपनी पत्नी की गर्भावस्था के आधार पर अंतरिम जमानत के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। लेकिन, जमानत याचिका के लंबित रहने के दौरान उनकी पत्नी ने एक बच्चे को जन्म दिया।
बाद में रघुवंशी ने उच्च न्यायालय से अंतरिम जमानत देने का आग्रह किया, ताकि वह अपने नवजात शिशु को देख सकें।
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 29 मई को राजधानी के एक व्यवसायी से 20 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रघुवंशी को गिरफ्तार किया था। 2013 बैच के आईआरएस अधिकारी रघुवंशी ने ईडी के छापे की धमकी देकर व्यवसायी से 2 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी थी। व्यवसायी ने इस संबंध में सीबीआई के क्षेत्रीय कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी।





