ओडिशा

नवीन निवास के बाहर लगे बैरिकेड पर विवाद, HC की टिप्पणी के बाद प्रशासनिक समीक्षा तेज

Kavita2
9 May 2026 11:41 AM IST
नवीन निवास के बाहर लगे बैरिकेड पर विवाद, HC की टिप्पणी के बाद प्रशासनिक समीक्षा तेज
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Odisha ओडिशा: भुवनेश्वर में पूर्व मुख्यमंत्री Naveen Patnaik के सरकारी आवास ‘नवीन निवास’ के सामने लगाए गए सुरक्षा बैरिकेड को लेकर एक बड़ा प्रशासनिक और कानूनी विवाद सामने आया है। इस मामले में अब उच्च स्तरीय समीक्षा शुरू हो गई है और संकेत मिल रहे हैं कि इन बैरिकेड को हटाने या संशोधित करने पर जल्द फैसला लिया जा सकता है।

जानकारी के अनुसार, वर्क्स डिपार्टमेंट ने नवीन निवास के पास लगाए गए सिक्योरिटी बैरियर की आवश्यकता को लेकर राज्य के होम डिपार्टमेंट और कमिश्नरेट पुलिस से विस्तृत राय मांगी है। यह कदम उड़ीसा हाई कोर्ट की कड़ी टिप्पणियों के बाद उठाया गया है, जिसमें सार्वजनिक सड़क तक पहुंच को बाधित करने के आरोपों पर गंभीर चिंता जताई गई थी।

यह पूरा मामला एक जनहित याचिका से जुड़ा है, जिसे प्रकाश चंद्र दास ने हाई कोर्ट में दायर किया था। याचिका में आरोप लगाया गया है कि भुवनेश्वर के ओल्ड एयरपोर्ट रोड के पास लगाए गए लोहे के बैरिकेड एक ऐसे मार्ग पर लोगों की आवाजाही रोक रहे हैं, जिसे सार्वजनिक सड़क माना जाता है। याचिकाकर्ता ने मांग की है कि कथित अतिक्रमण को हटाया जाए और आम जनता के लिए रास्ता पूरी तरह से खुला रखा जाए।

मामले की सुनवाई के दौरान उड़ीसा हाई कोर्ट ने प्रशासनिक निष्क्रियता पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया था कि वे जॉइंट फील्ड वेरिफिकेशन करें और तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई सुनिश्चित करें।

कोर्ट के निर्देश के बाद 12 फरवरी, 2026 को एक संयुक्त निरीक्षण (जॉइंट इंस्पेक्शन) किया गया, जिसमें सामान्य प्रशासन एवं लोक शिकायत विभाग (GA&PG), भुवनेश्वर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC), भुवनेश्वर डेवलपमेंट अथॉरिटी (BDA), वर्क्स डिपार्टमेंट, तहसील कार्यालय और ट्रैफिक पुलिस के अधिकारी शामिल थे। इस निरीक्षण में स्थल की स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, अब इस रिपोर्ट के आधार पर यह तय किया जाएगा कि बैरिकेड को पूरी तरह हटाया जाए, स्थानांतरित किया जाए या फिर सुरक्षा कारणों से किसी वैकल्पिक व्यवस्था के साथ जारी रखा जाए।

इस मामले ने सुरक्षा और सार्वजनिक आवागमन के अधिकार के बीच संतुलन को लेकर एक नई बहस भी छेड़ दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि वीआईपी सुरक्षा और सार्वजनिक सड़क उपयोग के बीच उचित संतुलन बनाए रखना प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती है।

फिलहाल, सभी संबंधित विभागों से मिले इनपुट के बाद अंतिम निर्णय की प्रक्रिया जारी है और आने वाले दिनों में इस पर बड़ा प्रशासनिक फैसला सामने आने की संभावना है।

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