ओडिशा

Odisha के विकास के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी: मंत्री सुरेश पुजारी

Kavita2
13 Jun 2026 9:56 AM IST
Odisha के विकास के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी: मंत्री सुरेश पुजारी
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Odisha ओडिशा: राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय के साथ-साथ जनता की सक्रिय भागीदारी से ही ओडिशा को एक विकसित राज्य बनाया जा सकता है।

मंत्री सुरेश पुजारी राजधानी भुवनेश्वर में आयोजित ‘संवाद CEO कॉन्क्लेव-2026’ के पांचवें संस्करण को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने राज्य के आर्थिक, सामाजिक और औद्योगिक विकास को लेकर सरकार की दीर्घकालिक योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की।

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि केंद्र में भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार के कार्यकाल में भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। उन्होंने कहा कि इसी विकास यात्रा को आगे बढ़ाते हुए ओडिशा को भी एक समृद्ध और विकसित राज्य बनाने के लिए एक स्पष्ट रोडमैप तैयार किया गया है, जिसे राज्य के गठन के 100 वर्ष पूरे होने तक लागू करने का लक्ष्य रखा गया है।

मंत्री ने कहा कि ओडिशा खनिज संसाधनों के मामले में देश का सबसे समृद्ध राज्य है और यहां विकास की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में विभिन्न क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। कई ओडिया नागरिक देश के अलग-अलग हिस्सों में कार्यरत हैं और अपने-अपने क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे में इन प्रतिभाओं को राज्य के विकास से जोड़ना बेहद जरूरी है।

सुरेश पुजारी ने कहा कि ओडिशा को 2036 तक, जब राज्य के अलग गठन के 100 वर्ष पूरे होंगे, एक नई ऊंचाई पर पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए सरकार, उद्योग जगत और समाज के सभी वर्गों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि विकास के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए जनभागीदारी सबसे महत्वपूर्ण तत्व है।

इस अवसर पर मंत्री ने ओडिशा के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान को भी याद किया। उन्होंने कहा कि ब्रिटिश शासन के खिलाफ राज्य के कई वीर सपूतों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने वीर सुरेंद्र साई, बक्सी जगबंधु और जय राजगुरु जैसे महान स्वतंत्रता सेनानियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन नेताओं ने 1857 के सिपाही विद्रोह से लगभग 28 साल पहले ही अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष शुरू कर दिया था।

उन्होंने कहा कि अक्सर इतिहास में 1857 के विद्रोह को स्वतंत्रता संग्राम की पहली लड़ाई माना जाता है, लेकिन ओडिशा के वीरों ने उससे बहुत पहले ही औपनिवेशिक शासन के खिलाफ आवाज उठाई थी।

मंत्री ने जोर देकर कहा कि राज्य की गौरवशाली ऐतिहासिक विरासत और वर्तमान संसाधनों को मिलाकर ओडिशा को एक मजबूत और विकसित राज्य बनाया जा सकता है। इसके लिए सभी वर्गों को एकजुट होकर आगे आना होगा।

कार्यक्रम में उपस्थित उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और विशेषज्ञों ने भी ओडिशा के विकास मॉडल पर अपने विचार साझा किए और राज्य में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की।

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