
Odisha ओडिशा: मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने आज पुरी जिले के पिपिली में राज्य के हथकरघा, कपड़ा और हस्तशिल्प विभाग की एक महत्वाकांक्षी परियोजना ‘एप्लिक और हस्तशिल्प हब’ की नींव रखी। यह हब 80 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जाएगा और इसका उद्देश्य स्थानीय कारीगरों के कौशल और उत्पादों को बढ़ावा देना है।
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के अनुसार, प्रस्तावित हब से लगभग 6,000 स्थानीय कारीगरों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाभ होने की संभावना है। यह हब ओडिशा ब्रिज एंड कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन लिमिटेड के सहयोग से विकसित किया जाएगा और एप्लिक कारीगरों को अपने उत्पाद बनाने, प्रदर्शित करने और बेचने के लिए एकीकृत सुविधाएं उपलब्ध कराएगा।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि इस हब के माध्यम से पिपली के कारीगरों को डिजिटल मार्केटिंग, ब्रांडिंग और आधुनिक पैकेजिंग के प्रशिक्षण भी दिए जाएंगे। इससे न केवल उनके उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपने उत्पादों को बेचने का अवसर भी मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि हब में कच्चे माल की आपूर्ति को सुनिश्चित करने के लिए विशेष कदम उठाए जाएंगे, जिससे कारीगरों को उत्पादन में किसी प्रकार की बाधा का सामना न करना पड़े।
सीएमओ ने बताया कि यह हब पिपिली के एप्लिक कला को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। हब का उद्देश्य स्थानीय कारीगरों की आय में वृद्धि करना और ओडिशा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना भी है। हब में आधुनिक तकनीक और पारंपरिक हस्तशिल्प के संयोजन के माध्यम से उत्पादों की गुणवत्ता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा दिया जाएगा।
इस हब के निर्माण से न केवल कारीगरों को रोजगार मिलेगा, बल्कि यह क्षेत्र में पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा देगा। विशेषज्ञों का कहना है कि एप्लिक और हस्तशिल्प हब से ओडिशा के पारंपरिक शिल्प उद्योग में नई जान आएगी और स्थानीय कारीगरों को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा, “हमारी सरकार स्थानीय कारीगरों को सशक्त बनाने और उनके कौशल को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। पिपिली में यह हब उनके लिए एक बड़ा अवसर साबित होगा। हम चाहते हैं कि कारीगर न केवल अपनी पारंपरिक कला को बनाए रखें, बल्कि आधुनिक बाजार की जरूरतों के अनुसार उसे पेश कर सकें।”
सीएमओ ने आगे कहा कि इस हब की स्थापना से ओडिशा की संस्कृति और हस्तशिल्प को नई पहचान मिलेगी। यह परियोजना राज्य के हस्तशिल्प और हथकरघा क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगी और स्थानीय कारीगरों के जीवन स्तर को भी बेहतर बनाएगी।
समग्र रूप से देखा जाए तो पिपिली में स्थापित यह एप्लिक और हस्तशिल्प हब ओडिशा के कारीगरों के लिए आर्थिक, सांस्कृतिक और सामाजिक रूप से एक बड़ी उपलब्धि साबित होगी। यह परियोजना राज्य के हस्तशिल्प उद्योग को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का एक प्रयास है।





