
Odisha ओडिशा: ओडिशा कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी घनश्याम उपाध्याय को केंद्र सरकार ने बड़ा प्रशासनिक दायित्व देते हुए उनके कार्यकाल में दो साल का और विस्तार कर दिया है। वर्तमान में वे सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) में जॉइंट डायरेक्टर के पद पर कार्यरत हैं।
सूत्रों के अनुसार, कैबिनेट की अपॉइंटमेंट्स कमिटी ने इस संबंध में विभागीय प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी है। यह प्रस्ताव डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग (DoPT) की ओर से भेजा गया था, जिसमें घनश्याम उपाध्याय और CBI के एक अन्य जॉइंट डायरेक्टर राजीव रंजन के सेंट्रल डेप्युटेशन टेन्योर को बढ़ाने की सिफारिश की गई थी।
इसके बाद मिनिस्ट्री ऑफ पर्सनल, पब्लिक ग्रीवांसेज़ एंड पेंशन्स द्वारा आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया गया, जिसमें इस निर्णय की पुष्टि की गई। नोटिफिकेशन के अनुसार, 1999 बैच के आईपीएस अधिकारी घनश्याम उपाध्याय का केंद्रीय प्रतिनियुक्ति कार्यकाल अब 29 जून 2028 तक बढ़ा दिया गया है।
इस विस्तार के साथ उपाध्याय कुल मिलाकर सात वर्षों तक केंद्र सरकार के अधीन विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे। माना जा रहा है कि CBI में उनकी भूमिका जांच और निगरानी से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामलों में रही है, जिसके चलते उन्हें यह अतिरिक्त कार्यकाल दिया गया है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार द्वारा इस तरह का कार्यकाल विस्तार उन अधिकारियों को दिया जाता है, जिनका प्रदर्शन उत्कृष्ट माना जाता है और जो केंद्रीय एजेंसियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे होते हैं। घनश्याम उपाध्याय भी CBI में कई संवेदनशील और हाई-प्रोफाइल मामलों की जांच से जुड़े रहे हैं।
इसी तरह CBI के एक अन्य जॉइंट डायरेक्टर राजीव रंजन का कार्यकाल भी बढ़ाने का निर्णय लिया गया है, जिससे एजेंसी में वरिष्ठ स्तर पर निरंतरता बनी रहेगी। सरकार का मानना है कि जांच एजेंसियों में अनुभवी अधिकारियों की मौजूदगी से जटिल मामलों की जांच अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकती है।
यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब केंद्रीय जांच एजेंसियों की भूमिका कई महत्वपूर्ण मामलों में लगातार बढ़ रही है। ऐसे में अनुभवी अधिकारियों का कार्यकाल बढ़ाना प्रशासनिक दृष्टि से अहम कदम माना जा रहा है।
घनश्याम उपाध्याय के सेवा विस्तार के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि केंद्र सरकार ने CBI में उनकी भूमिका और योगदान को देखते हुए उन्हें आगे भी जिम्मेदारी सौंपने का निर्णय लिया है।





