ओडिशा

राउरकेला सर्किट हाउस में हथियार मिलने का मामला

Kavita2
27 Aug 2026 4:53 PM IST
राउरकेला सर्किट हाउस में हथियार मिलने का मामला
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ओडिशा : राउरकेला स्थित सरकारी सर्किट हाउस में हथियार और जिंदा कारतूस मिलने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इस मामले में फरार चल रहे निलंबित युवा बीजेपी नेता प्रकाश पासवान को बुधवार शाम बिहार से गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अब आरोपी को राउरकेला लाने की तैयारी कर रही है, जहां उससे पूरे मामले को लेकर विस्तृत पूछताछ की जाएगी।

पुलिस को आशंका है कि सर्किट हाउस में हथियारों से लैस अपराधियों को कथित रूप से ठहराने में प्रकाश पासवान की भूमिका हो सकती है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि सरकारी परिसर में अपराधियों की मौजूदगी कैसे हुई और इसके पीछे किसकी मदद थी।

15 अगस्त को सर्किट हाउस से हुई थी गिरफ्तारी

जानकारी के अनुसार, 15 अगस्त की सुबह राउरकेला के सरकारी सर्किट हाउस परिसर में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो अपराधियों को गिरफ्तार किया था। उनके पास से हथियार और जिंदा कारतूस बरामद किए गए थे।

स्वतंत्रता दिवस जैसे महत्वपूर्ण दिन पर सरकारी परिसर में हथियारों के साथ अपराधियों की मौजूदगी सामने आने के बाद पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू कर दी थी।

सात अन्य आरोपियों तक पहुंची जांच

दो अपराधियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने मामले की जांच का दायरा बढ़ाया। जांच के दौरान प्रकाश पासवान से जुड़े सात अन्य संदिग्ध अपराधियों को भी गिरफ्तार किया गया।

पुलिस के अनुसार, इन आरोपियों के पास से भी हथियार और कारतूस बरामद किए गए हैं। इसके बाद जांचकर्ताओं का शक और गहरा गया कि इस पूरे मामले के पीछे एक संगठित नेटवर्क काम कर सकता है।

बिहार से पकड़ा गया प्रकाश पासवान

मामले में मुख्य संदिग्धों में शामिल प्रकाश पासवान घटना के बाद से फरार चल रहा था। पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही थी। आखिरकार बुधवार शाम उसे बिहार से गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब उसे राउरकेला लाने की प्रक्रिया पूरी कर रही है। यहां उससे पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि हथियारों से लैस अपराधियों को सर्किट हाउस तक पहुंचने में किस-किस की मदद मिली।

सरकारी परिसर में अपराधियों के ठहरने पर सवाल

जांचकर्ताओं के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि हथियारों के साथ अपराधी सरकारी सर्किट हाउस में कैसे प्रवेश कर गए और वहां इतने समय तक कैसे रुके रहे।

पुलिस प्रकाश पासवान से यह जानने की कोशिश करेगी कि क्या उसे पहले से इस बात की जानकारी थी कि अपराधी हथियारों के साथ सर्किट हाउस में मौजूद हैं। इसके अलावा यह भी जांच का विषय है कि सरकारी संपत्ति का इस्तेमाल अपराधियों ने छिपने के स्थान के रूप में कैसे किया।

प्रशासनिक लापरवाही की भी जांच

इस मामले में केवल आरोपियों की भूमिका ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि सर्किट हाउस की सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई।

पूछताछ के दौरान यह जानकारी मिलने की उम्मीद है कि अपराधियों को सरकारी परिसर में रुकने की अनुमति कैसे मिली और वहां तैनात कर्मचारियों या अन्य लोगों की कोई भूमिका थी या नहीं।

हथियार नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश

पुलिस अब इस पूरे मामले को केवल सर्किट हाउस तक सीमित नहीं मान रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आरोपियों के पास हथियार कहां से आए और उनका इस्तेमाल किस उद्देश्य के लिए किया जाना था।

पुलिस आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड, संपर्कों और संभावित नेटवर्क की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के बाद मामले में और भी खुलासे हो सकते हैं।

आगे की कार्रवाई जारी

फिलहाल पुलिस प्रकाश पासवान से पूछताछ की तैयारी कर रही है। उसके बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि सर्किट हाउस में हथियारबंद अपराधियों को ठहराने में उसकी भूमिका कितनी थी।

सरकारी परिसर में हथियारों की बरामदगी का यह मामला सुरक्षा व्यवस्था के लिए भी एक गंभीर चुनौती माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि दोषी पाए जाने वाले सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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