ओडिशा

वाराणसी में पांच साल के बच्चे से कथित दुर्व्यवहार का मामला

Kavita2
27 July 2026 4:27 PM IST
वाराणसी में पांच साल के बच्चे से कथित दुर्व्यवहार का मामला
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वाराणसी : वाराणसी के एक निजी स्कूल में पांच साल के बच्चे के साथ कथित रूप से हुई गंभीर घटना को लेकर पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने सोमवार को बताया कि स्कूल के एक शिक्षक, प्रिंसिपल और प्रबंधन के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। आरोप है कि नर्सरी में पढ़ने वाले एक छात्र के प्राइवेट पार्ट्स पर गर्म चाकू से दाग दिया गया।

मामला लालपुर-पांडेयपुर पुलिस स्टेशन क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार, यह FIR बच्चे के पिता केसरी जायसवाल की शिकायत पर दर्ज की गई है। जायसवाल पेशे से वकील हैं। उन्होंने अपनी शिकायत में स्कूल प्रशासन और कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

शिकायत के मुताबिक, बच्चा पांडेपुर स्थित सरीन सोनी प्ले स्कूल में नर्सरी कक्षा में पढ़ता है। बच्चे के पिता ने आरोप लगाया कि 24 जुलाई को जब उनका बेटा स्कूल से घर लौटा तो उसने अपने प्राइवेट पार्ट्स में दर्द होने की शिकायत की। इसके बाद परिवार वालों ने बच्चे से जानकारी लेने की कोशिश की और उसकी जांच की।

जायसवाल ने बताया कि बच्चे की मां ने जांच के दौरान वहां एक छाला देखा। इसके बाद परिवार को घटना को लेकर संदेह हुआ और उन्होंने मामले की जानकारी पुलिस को दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने स्कूल से जुड़े लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच के दौरान सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। इसमें बच्चे के बयान, चिकित्सकीय जांच रिपोर्ट, स्कूल परिसर में मौजूद परिस्थितियों और संबंधित लोगों से पूछताछ को शामिल किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना के सामने आने के बाद इलाके में चिंता और नाराजगी का माहौल है। अभिभावकों ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए हैं और स्कूलों में छोटे बच्चों की देखभाल के लिए अधिक सतर्कता बरतने की मांग की है।

बच्चों से जुड़े मामलों में पुलिस और प्रशासन आमतौर पर विशेष सावधानी बरतते हैं। अधिकारियों का कहना है कि छोटे बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और यदि जांच में किसी भी व्यक्ति की लापरवाही या अपराध की पुष्टि होती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों के बाद स्कूल प्रबंधन की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना किस परिस्थिति में हुई और क्या इसमें स्कूल के किसी कर्मचारी की सीधी भूमिका थी या नहीं।

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों के खिलाफ किसी भी प्रकार की हिंसा या शारीरिक नुकसान गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसे मामलों में पुलिस जांच के बाद ही आरोपों की पुष्टि होती है और उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाती है।

पुलिस ने कहा है कि मामले में निष्पक्ष जांच की जाएगी और सभी जरूरी साक्ष्य जुटाए जाएंगे। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर न पहुंचें और पुलिस को आवश्यक सहयोग दें।

फिलहाल FIR दर्ज होने के बाद जांच प्रक्रिया जारी है। पुलिस स्कूल प्रशासन, शिक्षक और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ कर सकती है। वहीं, परिवार को उम्मीद है कि मामले में जल्द कार्रवाई होगी और बच्चे को न्याय मिलेगा।

यह घटना एक बार फिर स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा का विषय बन गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि स्कूलों में बच्चों की निगरानी, कर्मचारियों की जिम्मेदारी और सुरक्षा प्रोटोकॉल को मजबूत करना बेहद जरूरी है, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

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