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ओडिशा में परीक्षा तिथि टकराव से उम्मीदवारों की चिंता बढ़ी, OSSSC और OTET एक ही दिन

Kavita2
21 Jun 2026 1:44 PM IST
ओडिशा में परीक्षा तिथि टकराव से उम्मीदवारों की चिंता बढ़ी, OSSSC और OTET एक ही दिन
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Odisha ओडिशा: हजारों उम्मीदवारों के सामने परीक्षा तिथियों के टकराव के कारण बड़ी मुश्किल खड़ी हो गई है। ओडिशा सब-ऑर्डिनेट स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (OSSSC) ने अपनी भर्ती परीक्षा को री-शेड्यूल कर 28 जून कर दिया है। इसी दिन ओडिशा टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (OTET) भी आयोजित किया जा रहा है, जिससे दोनों परीक्षाओं में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों में असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है।

OSSSC द्वारा यह परीक्षा पहले 20 जून को आयोजित की जानी थी, लेकिन इसे बाद में स्थगित कर नई तिथि 28 जून निर्धारित की गई। इस भर्ती परीक्षा में रेवेन्यू इंस्पेक्टर (RI), असिस्टेंट रेवेन्यू इंस्पेक्टर (ARI), ICDS सुपरवाइजर, अमीन और स्टैटिस्टिकल फील्ड सर्वेयर (SFS) जैसे पद शामिल हैं।

नई तिथि घोषित होने के बाद OTET परीक्षा की तारीख से टकराव होने पर उम्मीदवारों ने चिंता जताई है। कई अभ्यर्थियों का कहना है कि दोनों परीक्षाएं उनके करियर के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं, लेकिन एक ही दिन होने के कारण उन्हें किसी एक परीक्षा को छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।

उम्मीदवारों ने बताया कि परीक्षा केंद्र अलग-अलग जिलों में आवंटित किए गए हैं, जिससे स्थिति और भी जटिल हो गई है। भले ही परीक्षाओं के समय अलग-अलग हों, लेकिन दूर-दराज के केंद्रों के बीच यात्रा करना कई उम्मीदवारों के लिए संभव नहीं है।

ग्रामीण क्षेत्रों के अभ्यर्थियों ने इस समस्या को और गंभीर बताया है। उनका कहना है कि परिवहन सुविधाओं की कमी और ठहरने की व्यवस्था न होने के कारण एक ही दिन में दो अलग-अलग परीक्षा केंद्रों तक पहुंचना लगभग असंभव है।

अभ्यर्थियों का यह भी कहना है कि यह स्थिति उनके भविष्य पर असर डाल सकती है, क्योंकि दोनों परीक्षाएं सरकारी नौकरी पाने के लिए महत्वपूर्ण अवसर हैं। एक परीक्षा छोड़ने का मतलब करियर के एक बड़े मौके को खो देना होगा।

इस मुद्दे को लेकर उम्मीदवारों ने प्रशासन से परीक्षा तिथियों में बदलाव या पुनर्विचार की मांग की है, ताकि किसी भी अभ्यर्थी को नुकसान न हो और सभी को समान अवसर मिल सके।

कुल मिलाकर, OSSSC और OTET की एक ही दिन परीक्षा होने से ओडिशा के हजारों उम्मीदवारों के बीच असमंजस और चिंता का माहौल बन गया है, और अब सभी की नजर प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई है।

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