ओडिशा

इमारतें रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाईं, शहर में छाया उत्सव का माहौल

SHIDDHANT
20 Oct 2025 7:38 PM IST
इमारतें रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाईं, शहर में छाया उत्सव का माहौल
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Bhubaneswar भुवनेश्वर। दीपावली के शुभ अवसर पर भुवनेश्वर का हर कोना रंग-बिरंगी रोशनी और दीयों से जगमगाया। शहर की ऐतिहासिक और आधुनिक इमारतों ने मिलकर त्योहार की खूबसूरती को कई गुना बढ़ा दिया। ओडिशा की राजधानी में इस बार दिवाली का जश्न विशेष रूप से उत्साहपूर्ण रहा, जिसमें नागरिकों, पर्यटकों और स्थानीय व्यापारियों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। शहर के प्रमुख मंदिर, सरकारी भवन, सांस्कृतिक केंद्र और व्यावसायिक इलाके दीपों और रंगीन एलईडी लाइटों से सजाए गए। राजधानी में लाइटिंग और सजावट समिति ने विशेष कार्यक्रम आयोजित किए, जिनमें प्रकाश शो, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और बच्चों के लिए क्राफ्ट वर्कशॉप शामिल थीं।
भुवनेश्वर नगर निगम के अधिकारी ने बताया कि इस साल दीपोत्सव को और भव्य बनाने के लिए शहर के प्रमुख मार्गों, पार्कों और सार्वजनिक स्थानों को सजाया गया। उन्होंने कहा, “हमारे उद्देश्य है कि लोग दिवाली का आनंद सुरक्षित और आरामदायक रूप में ले सकें। विशेष सुरक्षा, स्वच्छता और भीड़ नियंत्रण व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। नागरिकों ने इमारतों की रोशनी का आनंद लिया और पारिवारिक समारोहों के साथ-साथ फोटो खिंचवाने में भी समय बिताया। कुछ समूहों ने रंगोली बनाकर और मिट्टी के दीयों से घरों और बाजारों को सजाया। शहर के बच्चे भी दीयों की सजावट और हल्की फुलझड़ियों के साथ दिवाली का आनंद ले रहे थे।
भुवनेश्वर के कई मंदिरों में दीपों की सजावट और विशेष पूजा का आयोजन किया गया। स्थानीय पुजारियों ने लोगों को धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के बारे में जानकारी दी और शांति, समृद्धि तथा खुशहाली की कामना की। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में ओडिशा के पारंपरिक नृत्य, संगीत और लोक कला प्रस्तुतियां शामिल थीं। आयोजकों ने बताया कि बच्चों के लिए दीपोत्सव कार्यशालाएं भी आयोजित की गईं, जहां उन्होंने मिट्टी के दीयों को रंगों और ग्लिटर से सजाया और अपने घर ले गए।
इस वर्ष, भुवनेश्वर की सजावट में स्थानीय कारीगरों और छोटे व्यवसायियों का विशेष योगदान रहा। उन्होंने रंग-बिरंगी लाइट्स, दीयों, मूर्तियों और सजावटी सामग्री उपलब्ध कराई, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी प्रोत्साहन मिला। नगर निगम ने आगंतुकों और नागरिकों से अपील की कि वे स्वच्छता बनाए रखें, सुरक्षा नियमों का पालन करें और सभी को त्योहार का आनंद सुरक्षित रूप से लेने दें। भुवनेश्वर की यह दिवाली न केवल रोशनी और उत्सव का प्रतीक रही, बल्कि यह शहर के सांस्कृतिक, धार्मिक और सामाजिक सामंजस्य को भी उजागर करने वाला अनुभव बनी।
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