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बरगढ़। ओडिशा के बरगढ़ में रविवार को राज्यपाल हरि बाबू कम्भमपति ने 'बोइंग सुकन्या एयरोस्पेस लैब' का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने लड़कियों को विज्ञान, प्रौद्योगिकी, विमानन और अन्य उभरते क्षेत्रों में करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। राज्यपाल ने कहा कि भारत में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है, जहां महिलाएं और लड़कियां विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा और क्षमता का प्रदर्शन कर रही हैं। उन्होंने विज्ञान और तकनीक जैसे क्षेत्रों में बेटियों की भागीदारी बढ़ाने को महत्वपूर्ण बताया। बोइंग सुकन्या कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को आधुनिक तकनीकी शिक्षा और व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से एयरोस्पेस तथा विमानन क्षेत्र में उपलब्ध करियर के अवसरों से परिचित कराना है।
रविवार को आयोजित उद्घाटन समारोह में राज्यपाल हरि बाबू कम्भमपति ने कहा कि देश में महिलाओं की भूमिका लगातार व्यापक हो रही है। विज्ञान, तकनीक, खेल, उद्यमिता, रक्षा, विमानन और सार्वजनिक जीवन जैसे क्षेत्रों में महिलाएं अपनी क्षमताओं को साबित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि लड़कियों को ऐसे अवसर उपलब्ध कराना आवश्यक है, जिनसे वे अपनी रुचि और प्रतिभा के अनुसार भविष्य का निर्माण कर सकें।
बोइंग सुकन्या एयरोस्पेस लैब का शुभारंभ
बरगढ़ में शुरू की गई बोइंग सुकन्या एयरोस्पेस लैब का उद्देश्य छात्राओं को विज्ञान और विमानन से जुड़ी आधुनिक तकनीकों के बारे में जानकारी उपलब्ध कराना है। इस पहल के माध्यम से लड़कियों को केवल सैद्धांतिक शिक्षा तक सीमित रखने के बजाय व्यावहारिक प्रशिक्षण देने पर विशेष जोर दिया गया है।बोइंग सुकन्या कार्यक्रम के अंतर्गत STEM लैब स्थापित करने की पहल की जा रही है। STEM का अर्थ विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित है। ये चारों क्षेत्र आधुनिक तकनीकी विकास और नवाचार के महत्वपूर्ण आधार हैं।कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को विमानन, एयरोमॉडलिंग, विज्ञान और तकनीक से संबंधित गतिविधियों में प्रशिक्षण देने का उद्देश्य रखा गया है। इससे उन्हें इन विषयों को बेहतर तरीके से समझने और भविष्य में संबंधित क्षेत्रों में करियर बनाने की संभावनाओं को जानने का अवसर मिलेगा।
विमानन क्षेत्र में लड़कियों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर
राज्यपाल हरि बाबू कम्भमपति ने उद्घाटन समारोह में कहा कि लड़कियों को विज्ञान और विमानन जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना जरूरी है।उन्होंने कहा कि भारत में महिलाओं और लड़कियों की प्रतिभा विभिन्न क्षेत्रों में सामने आ रही है। ऐसे में तकनीकी शिक्षा और व्यावहारिक प्रशिक्षण के अवसरों को बढ़ावा देना महत्वपूर्ण है।बोइंग सुकन्या कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य भारत के बढ़ते विमानन क्षेत्र में लड़कियों की भागीदारी को प्रोत्साहित करना है। इसके तहत छात्राओं को एयरोस्पेस और उससे जुड़े क्षेत्रों की जानकारी देने के साथ व्यावहारिक अनुभव उपलब्ध कराने की योजना है।विमानन क्षेत्र में पायलट, एयरोस्पेस इंजीनियरिंग, विमान रखरखाव, तकनीकी अनुसंधान और अन्य संबंधित क्षेत्रों में करियर के अवसर होते हैं। इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम छात्राओं को इन क्षेत्रों की प्रकृति और आवश्यक कौशल के बारे में शुरुआती जानकारी देने में उपयोगी हो सकते हैं।
प्रैक्टिकल ट्रेनिंग से मिलेगी तकनीकी जानकारी
बोइंग सुकन्या कार्यक्रम में व्यावहारिक प्रशिक्षण को विशेष महत्व दिया गया है। इसके अंतर्गत छात्राओं को विमानन, एयरोमॉडलिंग, विज्ञान और प्रौद्योगिकी से संबंधित गतिविधियों के माध्यम से सीखने का अवसर उपलब्ध कराने का उद्देश्य है।एयरोमॉडलिंग विमान के मॉडल तैयार करने और उनके संचालन से संबंधित तकनीकी गतिविधि है। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को विमान की संरचना और उड़ान से जुड़े बुनियादी वैज्ञानिक सिद्धांतों को समझने में सहायता मिल सकती है।इसी प्रकार विज्ञान और तकनीक से संबंधित प्रयोग विद्यार्थियों की जिज्ञासा बढ़ाने और विषयों की व्यावहारिक समझ विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।बोइंग सुकन्या एयरोस्पेस लैब का उद्देश्य छात्राओं को ऐसे अनुभवों से परिचित कराना है, जिनके माध्यम से वे तकनीकी क्षेत्रों में अपनी रुचि विकसित कर सकें।
महिलाओं की उपलब्धियों पर राज्यपाल ने जताई खुशी
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल हरि बाबू कम्भमपति ने कहा कि भारत में महिलाओं और लड़कियों की भूमिका में महत्वपूर्ण बदलाव आ रहा है।उन्होंने विज्ञान, प्रौद्योगिकी, खेल, उद्यमिता, रक्षा, विमानन और सार्वजनिक जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि इन सभी क्षेत्रों में महिलाएं अपनी क्षमता साबित कर रही हैं।राज्यपाल ने इस बदलाव को महत्वपूर्ण बताते हुए लड़कियों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि उभरते क्षेत्रों में करियर बनाने के अवसरों से छात्राओं को परिचित कराना आवश्यक है।उनके संबोधन का प्रमुख संदेश यह रहा कि बेटियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और नई तकनीकों को सीखने के लिए अवसर मिलने चाहिए।
एयरोस्पेस क्षेत्र में करियर की संभावनाओं से होंगी परिचित
बोइंग सुकन्या कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य युवा विद्यार्थियों को एयरोस्पेस क्षेत्र में उपलब्ध करियर के अवसरों के बारे में जानकारी देना है।एयरोस्पेस एक व्यापक तकनीकी क्षेत्र है, जिसमें विमान, उड़ान तकनीक और अंतरिक्ष से संबंधित विभिन्न वैज्ञानिक तथा इंजीनियरिंग विषय शामिल होते हैं।इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए विज्ञान, गणित और तकनीकी विषयों की समझ महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसे में शुरुआती स्तर पर विद्यार्थियों को इन विषयों से जोड़ना उनके भविष्य के शैक्षणिक विकल्पों को समझने में मददगार हो सकता है।बरगढ़ में स्थापित लैब इसी दिशा में एक पहल है। इसका उद्देश्य छात्राओं को एयरोस्पेस से जुड़े विषयों के प्रति जागरूक करना और व्यावहारिक शिक्षा के माध्यम से उनकी रुचि बढ़ाना है।
तकनीकी शिक्षा में बेटियों को आगे बढ़ाने की पहल
राज्यपाल हरि बाबू कम्भमपति ने कहा कि लड़कियों को विज्ञान और तकनीक जैसे क्षेत्रों में करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित करना समय की आवश्यकता है।उन्होंने महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में बदलाव दिखाई दे रहा है। बेटियां विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रही हैं और अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन कर रही हैं।बोइंग सुकन्या एयरोस्पेस लैब के उद्घाटन को इसी उद्देश्य से जुड़ी पहल के रूप में देखा जा रहा है। इसके माध्यम से छात्राओं को आधुनिक तकनीकी विषयों से परिचित कराने और विमानन क्षेत्र के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया है।रविवार को बरगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल ने बेटियों को विज्ञान, प्रौद्योगिकी और उभरते क्षेत्रों में आगे बढ़ने का संदेश दिया। बोइंग सुकन्या कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण और तकनीकी शिक्षा से जोड़ने की दिशा में प्रयास किया जा रहा है।
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