ओडिशा

स्कूल हॉस्टल से लापता आठवीं के छात्र की नाले में मिली लाश, प्रबंधन पर उठे सवाल

Kavita2
26 Aug 2026 3:44 PM IST
स्कूल हॉस्टल से लापता आठवीं के छात्र की नाले में मिली लाश, प्रबंधन पर उठे सवाल
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कोरापुट (ओडिशा)। ओडिशा के कोरापुट जिले में एक सरकारी हाई स्कूल के पीछे नाले से आठवीं कक्षा के छात्र की लाश मिलने के बाद हड़कंप मच गया है। घटना के बाद स्कूल हॉस्टल की व्यवस्था और प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मृतक छात्र की पहचान गुरुनाथ के रूप में हुई है, जो हरदागुडा पंचायत के मालीगुडा गांव का रहने वाला था।

जानकारी के मुताबिक, गुरुनाथ बोरीगुम्मा ब्लॉक स्थित गुमुडा सरकारी हाई स्कूल में आठवीं कक्षा में पढ़ाई करता था और स्कूल के हॉस्टल में रहकर अपनी पढ़ाई कर रहा था। बताया जा रहा है कि वह सोमवार से अचानक स्कूल परिसर से गायब हो गया था। छात्र के गायब होने के बाद भी स्कूल प्रबंधन की ओर से समय रहते कोई सूचना नहीं दी गई, जिसे लेकर अब परिवार और स्थानीय लोगों में नाराजगी है।

मंगलवार को स्कूल के पीछे स्थित एक खाली नाले में छात्र का शव बरामद हुआ। जैसे ही मामले की जानकारी आसपास के लोगों और स्कूल प्रशासन को मिली, इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।

प्रारंभिक जांच में पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि छात्र की मौत किन परिस्थितियों में हुई। यह हादसा है, आत्महत्या है या फिर किसी अन्य कारण से छात्र की जान गई, इसका खुलासा जांच के बाद ही हो पाएगा। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए हैं और स्कूल के छात्रों तथा कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा रही है।

इस घटना के बाद मृतक छात्र के परिवार ने स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि गुरुनाथ के लापता होने की जानकारी उन्हें समय पर नहीं दी गई। परिवार के मुताबिक, अगर स्कूल प्रशासन ने तुरंत सूचना दी होती और पुलिस को मामले की जानकारी दी जाती तो शायद छात्र की तलाश समय रहते की जा सकती थी।

परिजनों ने आरोप लगाया कि हॉस्टल में रहने वाले छात्र की सुरक्षा की जिम्मेदारी स्कूल प्रशासन की थी, लेकिन प्रबंधन ने अपनी जिम्मेदारी निभाने में लापरवाही बरती। परिवार ने इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

वहीं, घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि सरकारी स्कूलों और हॉस्टलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। हॉस्टल में रहने वाले बच्चों की निगरानी, उनकी उपस्थिति और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नियमित व्यवस्था होनी चाहिए ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

स्कूल प्रबंधन की ओर से अभी तक पूरे मामले पर विस्तृत बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, अधिकारियों ने मामले की जांच में सहयोग करने की बात कही है। शिक्षा विभाग के अधिकारी भी घटना की जानकारी जुटा रहे हैं और स्कूल हॉस्टल की व्यवस्थाओं की समीक्षा की जा सकती है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। छात्र की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का भी इंतजार किया जा रहा है।

गुरुनाथ की मौत ने एक बार फिर आवासीय स्कूलों और हॉस्टलों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अभिभावकों का कहना है कि जब बच्चे घर से दूर रहकर पढ़ाई करते हैं तो स्कूल प्रशासन की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। अब सभी की नजर पुलिस जांच और प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई है।

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