
भुवनेश्वर। ओडिशा सरकार के मिशन शक्ति विभाग ने ग्रामीण क्षेत्रों के कमजोर और जरूरतमंद परिवारों के लिए रोजगार के स्थायी अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मिशन शक्ति विभाग ने गुरुवार को सेंटर फॉर रिसर्च इन स्कीम्स एंड पॉलिसीज (CRISP) और NSE फाउंडेशन के साथ मिलकर ‘प्रोजेक्ट BLESS’ शुरू करने के लिए त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए।
तीन वर्ष की अवधि वाले इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में आजीविका के नए अवसर विकसित करना, कौशल विकास को बढ़ावा देना और स्थानीय स्तर पर उद्यमिता को प्रोत्साहित करना है। इसके माध्यम से सरकार का लक्ष्य मजबूरी में होने वाले पलायन (Distress Migration) को कम करना और लोगों को अपने ही क्षेत्रों में रोजगार एवं आय के स्थायी साधन उपलब्ध कराना है।
इस समझौता ज्ञापन पर राजधानी भुवनेश्वर स्थित लोक सेवा भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान हस्ताक्षर किए गए। कार्यक्रम में ओडिशा की मुख्य सचिव अनु गर्ग और मिशन शक्ति की सचिव मानसी निंभाल मौजूद रहीं। इस अवसर पर संबंधित विभागों के अधिकारी और सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
‘प्रोजेक्ट BLESS’ को ओडिशा लाइवलीहुड्स मिशन (OLM) के सहयोग से लागू किया जाएगा। परियोजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की पहचान कर उन्हें रोजगार से जुड़े अवसरों, कौशल प्रशिक्षण और उद्यम शुरू करने के लिए आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
मिशन शक्ति विभाग के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में कई परिवार रोजगार के सीमित अवसरों के कारण दूसरे राज्यों या शहरों की ओर पलायन करने को मजबूर होते हैं। ऐसे परिवारों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने के उद्देश्य से यह परियोजना शुरू की गई है।
इस पहल के तहत युवाओं और ग्रामीण समुदायों को उनकी क्षमता और स्थानीय संसाधनों के आधार पर कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य लोगों को रोजगार योग्य बनाना और उन्हें स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ाना होगा। इसके अलावा छोटे उद्यम शुरू करने वाले लोगों को भी प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें।
अधिकारियों ने बताया कि परियोजना के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दिया जाएगा। स्थानीय स्तर पर छोटे व्यवसाय, स्वयं सहायता समूहों की गतिविधियों और आजीविका आधारित कार्यों को बढ़ावा देकर परिवारों की आय बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
मिशन शक्ति विभाग लंबे समय से महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण आजीविका के क्षेत्र में काम कर रहा है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से बड़ी संख्या में महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ा गया है। ‘प्रोजेक्ट BLESS’ के माध्यम से इन प्रयासों को और विस्तार देने की योजना है, ताकि अधिक से अधिक ग्रामीण परिवारों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा सके।
कार्यक्रम में अधिकारियों ने कहा कि किसी भी क्षेत्र के समग्र विकास के लिए रोजगार और कौशल विकास बेहद महत्वपूर्ण हैं। केवल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के बजाय लोगों को स्थायी आय के साधन उपलब्ध कराना जरूरी है। इस परियोजना का उद्देश्य भी यही है कि ग्रामीण परिवारों को आत्मनिर्भर बनाया जाए और उन्हें बेहतर भविष्य के लिए सक्षम किया जाए।
CRISP और NSE फाउंडेशन के सहयोग से शुरू की गई यह परियोजना सरकारी प्रयासों और सामाजिक क्षेत्र की विशेषज्ञता को एक साथ लाने का प्रयास है। दोनों संस्थाएं कौशल विकास, नीति समर्थन और आजीविका संवर्धन के क्षेत्र में अपने अनुभव का उपयोग करते हुए परियोजना के क्रियान्वयन में सहयोग करेंगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ने से न केवल परिवारों की आर्थिक स्थिति बेहतर होगी, बल्कि बड़े शहरों की ओर होने वाले अनियोजित पलायन को भी कम किया जा सकेगा। स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलने से लोगों को अपने परिवार और समुदाय से जुड़े रहने का अवसर मिलेगा।
ओडिशा सरकार का यह कदम राज्य में समावेशी विकास और सतत आजीविका को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार की कोशिश है कि ग्रामीण परिवारों को केवल सहायता पर निर्भर न रहना पड़े, बल्कि वे कौशल, संसाधन और अवसरों के माध्यम से अपनी आय बढ़ाने में सक्षम बनें।
‘प्रोजेक्ट BLESS’ के अगले तीन वर्षों में ग्रामीण समुदायों के बीच रोजगार, कौशल और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए कई स्तरों पर काम किया जाएगा। सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से हजारों परिवारों को लाभ मिलेगा और ओडिशा के ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक सशक्तिकरण की प्रक्रिया को नई गति मिलेगी।





