ओडिशा

बीजेपी विधायक मनस कुमार दत्ता ने अवैध प्रवासियों और समाज में उनके खतरों पर उठाया सवाल

SHIDDHANT
3 Dec 2025 12:12 AM IST
बीजेपी विधायक मनस कुमार दत्ता ने अवैध प्रवासियों और समाज में उनके खतरों पर उठाया सवाल
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Odisha ओडिशा: बांग्लादेशी पहचान अभियान को लेकर बीजेपी विधायक मनस कुमार दत्ता ने राज्य विधानसभा में गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे को 2024 से विधानसभा में उठाते आ रहे हैं और राज्य में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी प्रवासियों और उनके सहयोगियों की स्थिति चिंताजनक है। विधायक मनस कुमार दत्ता ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि ओडिशा में कई बांग्लादेशी अवैध रूप से रह रहे हैं, जो समाज और कानून के लिए खतरा बन रहे हैं। उनका कहना है कि इन अवैध प्रवासियों में कई लोग राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल हैं और समाज में अराजकता फैला रहे हैं।
बीजेपी विधायक ने बताया कि ड्रग्स, अन्य गैरकानूनी गतिविधियों और अपराधों में बांग्लादेशी प्रवासियों की संलिप्तता की कई रिपोर्टें सामने आई हैं। उनका कहना था, "समाज में बढ़ती हिंसा और अपराध के पीछे इन अवैध निवासियों की भूमिका स्पष्ट है। ऐसे में राज्य सरकार को इनके खिलाफ सख्त कदम उठाने की जरूरत है। मनस कुमार दत्ता ने आगे कहा कि बांग्लादेशी पहचान अभियान के तहत अवैध प्रवासियों की पहचान और उन्हें कानूनी कार्रवाई के दायरे में लाने की प्रक्रिया तेज की जानी चाहिए। उनका मानना है कि अगर इस मुद्दे को अनदेखा किया गया, तो राज्य में सुरक्षा और सामाजिक शांति दोनों खतरे में पड़ सकती हैं।
बीजेपी विधायक ने सरकार से अपील की कि सभी अवैध बांग्लादेशियों की पूरी सूची तैयार की जाए और उनके द्वारा की गई अवैध गतिविधियों की जांच कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि समाज में बच्चों और युवाओं के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है, और इसके लिए अवैध प्रवासियों को चिन्हित करना आवश्यक है।
इस बीच, विधायक ने कहा कि उन्होंने विधानसभा में लगातार इस मुद्दे को उठाया है और बांग्लादेशी पहचान अभियान को पूरी तरह लागू करने के लिए सरकार सक्रिय कदम उठाए, ताकि अवैध प्रवासियों और उनके सहयोगियों की गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके। विधायक की यह चेतावनी राज्य में सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और सामाजिक शांति के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उनका कहना है कि अवैध प्रवासियों की पहचान और उन्हें कानूनी दायरे में लाना न सिर्फ कानून का सवाल है, बल्कि समाज की स्थिरता और भविष्य की सुरक्षा का भी सवाल है।
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