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ओडिशा विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई, VIMSAR के दो अधिकारी आय से अधिक संपत्ति मामले में गिरफ्तार

Kavita2
1 July 2026 4:23 PM IST
ओडिशा विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई, VIMSAR के दो अधिकारी आय से अधिक संपत्ति मामले में गिरफ्तार
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Odisha ओडिशा: भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत विजिलेंस विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए संबलपुर के बुर्ला स्थित वी.एस.एस. इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च (VIMSAR) के दो अधिकारियों को आय से अधिक संपत्ति (DA) रखने के आरोप में गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है।

गिरफ्तार अधिकारियों की पहचान धनुर्धर बिस्वाल, जो कि VIMSAR में एस्टैब्लिशमेंट ऑफिसर-कम-ऑफिस सुपरिटेंडेंट के पद पर कार्यरत थे, और अश्विनी मेहर, जो स्टीवर्ड (ऑफिस सुपरिटेंडेंट) के रूप में तैनात थे, के रूप में हुई है। दोनों पर अपनी वैध आय से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित करने का गंभीर आरोप है।

विजिलेंस विभाग ने गिरफ्तारी से पहले दोनों अधिकारियों के खिलाफ विस्तृत जांच और छापेमारी की कार्रवाई की थी। इस दौरान उनके आवासों और अन्य ठिकानों पर तलाशी ली गई, जिसमें बड़ी मात्रा में संपत्ति और नकदी का खुलासा हुआ।

जांच के दौरान धनुर्धर बिस्वाल के पास से जो संपत्ति मिली है, वह उनकी घोषित आय से कई गुना अधिक बताई जा रही है। इसमें लगभग 1700 वर्गफुट क्षेत्र में बनी एक मल्टीस्टोरी इमारत सहित दो भवन, 32 कीमती भूखंड, 19.72 लाख रुपये नकद, 83.05 ग्राम सोना, 39 लाख रुपये से अधिक बैंक जमा राशि के अलावा दो ट्रक, दो ट्रैक्टर और एक चारपहिया वाहन शामिल हैं।

इसी तरह, अश्विनी मेहर के पास भी आय से अधिक संपत्ति पाई गई है। उनके पास तीन भवन, जिनमें एक 8,145 वर्गफुट की मल्टीस्टोरी इमारत शामिल है, एक स्टोररूम, 83 ग्राम सोना और 10 उच्च मूल्य वाले भूखंड पाए गए हैं।

विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि दोनों अधिकारियों ने अपनी घोषित आय से कहीं अधिक संपत्ति एकत्र की है। इसी आधार पर उन्हें गिरफ्तार कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की गई है।

दोनों आरोपियों को संबलपुर स्थित विशेष विजिलेंस अदालत में पेश किया जाएगा, जहां उनके खिलाफ आगे की कार्यवाही की जाएगी। विजिलेंस विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि मामले में और भी संपत्तियों और वित्तीय लेन-देन की जांच की जा रही है, जिससे और खुलासे हो सकते हैं।

इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। सरकारी संस्थानों में भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं।

विजिलेंस विभाग का कहना है कि यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है और ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि जांच अभी जारी है और यदि अन्य कोई अवैध संपत्ति या लेन-देन सामने आता है तो आगे और कार्रवाई की जाएगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों से सरकारी संस्थानों की पारदर्शिता और कार्यप्रणाली पर सवाल उठते हैं, और इससे आम जनता का भरोसा भी प्रभावित होता है। इसलिए ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जरूरी है।

फिलहाल दोनों अधिकारियों की गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस टीम उनके वित्तीय रिकॉर्ड, बैंक खातों और संपत्ति के दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आने की संभावना है।

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