
Odisha ओडिशा: भुवनेश्वर में बढ़ती गर्मी के चलते पीने के पानी की समस्या गंभीर होती जा रही है। शहर में नदियों का जलस्तर लगातार गिर रहा है और ग्राउंडवॉटर (भूजल) का स्तर भी नीचे चला गया है, जिससे कई इलाकों में पानी की सप्लाई पर बड़ा असर पड़ रहा है।
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, इस साल गर्मी के मौसम में स्थिति पहले से ज्यादा खराब हो गई है। बोरवेल से पानी की उपलब्धता काफी कम हो गई है, जिससे कई रिहायशी क्षेत्रों में पानी की नियमित सप्लाई बाधित हो रही है। नदियों और नहरों के सूखने के कारण आने वाले हफ्तों में स्थिति और गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है।
शहर के प्रमुख जल स्रोतों में शामिल मुंडाली जल परियोजना की स्थिति फिलहाल अपेक्षाकृत स्थिर बताई जा रही है, लेकिन कुआखाई और दया नदियों में पानी का स्तर काफी नीचे चला गया है। इसके कारण पंपिंग सिस्टम पर दबाव बढ़ गया है और कई जगहों पर पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पहुंच पा रहा है।
स्थिति का असर सीधे लोगों की दैनिक जिंदगी पर दिखाई दे रहा है। कई क्षेत्रों में 24 घंटे पानी की सप्लाई अब नियमित नहीं रह गई है। जहां सप्लाई हो भी रही है, वहां पानी के कम प्रेशर की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।
मल्टी-स्टोरी अपार्टमेंट में रहने वाले लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। ऊपरी मंजिलों तक पानी पहुंचना मुश्किल हो गया है, जिससे लोगों को अतिरिक्त पंपिंग सिस्टम का सहारा लेना पड़ रहा है। ग्राउंड फ्लोर पर भी पानी की उपलब्धता सीमित है, लेकिन ऊपर की मंजिलों तक पर्याप्त सप्लाई नहीं हो पा रही है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि हर साल गर्मियों में समस्या बढ़ती है, लेकिन इस बार स्थिति अधिक चिंताजनक है। पानी की कमी के कारण घरेलू कामकाज से लेकर रोजमर्रा की जरूरतें प्रभावित हो रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बारिश में देरी होती है या जल प्रबंधन में सुधार नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में भुवनेश्वर में जल संकट और गंभीर रूप ले सकता है। प्रशासन पर अब दबाव है कि वह वैकल्पिक जल स्रोतों और आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करे।
कुल मिलाकर, बढ़ती गर्मी और घटते जल संसाधनों ने भुवनेश्वर में पानी की आपूर्ति व्यवस्था को चुनौतीपूर्ण स्थिति में ला दिया है, जिससे शहरवासियों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।





