
Odisha ओडिशा: भुवनेश्वर के खंडगिरी पुलिस सीमा क्षेत्र के कोलाथिया इलाके में हुए डबल मर्डर केस ने एक नया और चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है। पुलिस ने मामले में दो स्कूली छात्रों की भूमिका सामने आने की पुष्टि की है, जिन्हें हिरासत में लिया गया है।
पुलिस कमिश्नर एस. देव दत्ता सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि इस कथित सुनियोजित हमले में दो नाबालिग छात्र शामिल थे, जो कक्षा 10वीं और 12वीं में पढ़ते हैं। दोनों को हिरासत में लेकर किशोर न्याय बोर्ड (Juvenile Justice Board) के सामने पेश किया जाएगा।
इस घटना में B.Sc. द्वितीय वर्ष के छात्र कृष्ण चंद्र पाधी उर्फ बुद्धि की हत्या कर दी गई, जबकि उनके पिता हिमांशु पाधी (54) गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इलाज के दौरान हिमांशु पाधी की AIIMS भुवनेश्वर में मौत हो गई। वहीं, परिवार की एक अन्य सदस्य तपसी पाधी का इलाज अभी जारी है।
पुलिस के अनुसार, यह हमला किसी पुराने विवाद का परिणाम बताया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कृष्ण पर आरोप था कि वह दोनों आरोपियों की एक सहपाठी छात्रा को कथित रूप से परेशान कर रहा था, जिससे लंबे समय से तनाव बना हुआ था।
इसी विवाद के चलते कथित तौर पर हमले की योजना बनाई गई। पुलिस का कहना है कि सोमवार सुबह दोनों नाबालिग मास्क पहनकर पीड़ित के घर पहुंचे और अपने साथ मिर्च पाउडर व लोहे की रॉड लेकर आए थे।
हमले के दौरान पहले कृष्ण चंद्र पाधी को निशाना बनाया गया, और जब उनके पिता उन्हें बचाने आए, तो उन पर भी हमला किया गया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दोनों नाबालिगों का कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, लेकिन शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि हमला पूरी तरह से योजनाबद्ध था।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस योजना में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
कुल मिलाकर, भुवनेश्वर का यह डबल मर्डर केस अब नाबालिगों की कथित संलिप्तता के कारण और भी गंभीर हो गया है, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।





