
Odisha ओडिशा: भरतपुर में पुलिस ने एक गंभीर साइबर अपराध के मामले में पश्चिम बंगाल के एक पूर्व प्रोफेसर को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर एक छात्रा को साइबर रूप से परेशान करने और उसकी मॉर्फ्ड (बदली हुई) तस्वीरें सोशल मीडिया पर फैलाने का आरोप है। यह मामला सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है।
आरोपी की पहचान पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के रहने वाले डॉ. अजीत कुमार गुप्ता (33) के रूप में हुई है। भरतपुर पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई एक छात्रा की शिकायत के आधार पर की गई, जिसके बाद विस्तृत जांच शुरू की गई थी। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस के अनुसार, डॉ. गुप्ता पहले एक वेटरनरी संस्थान में फैकल्टी मेंबर के तौर पर कार्यरत थे। इसी दौरान उन्होंने छात्रा से संपर्क स्थापित किया और खुद को उसका गार्जियन (अभिभावक) बताकर विश्वास हासिल किया। धीरे-धीरे उन्होंने छात्रा के साथ नजदीकी संबंध बना लिए और बाद में उसका मानसिक रूप से उत्पीड़न करना शुरू कर दिया।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने छात्रा के सोशल मीडिया अकाउंट से उसकी निजी तस्वीरें डाउनलोड कीं। इसके बाद उन तस्वीरों को डिजिटल तकनीक के जरिए एडिट और मॉर्फ किया गया। इन बदली हुई तस्वीरों को बाद में विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फैलाया गया, जिससे छात्रा को गंभीर मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला साइबर स्टॉकिंग और डिजिटल उत्पीड़न से जुड़ा हुआ है, जिसमें आधुनिक तकनीक का दुरुपयोग किया गया है। आरोपी की गतिविधियों को ट्रैक करने के बाद उसे गिरफ्तार किया गया और आगे की पूछताछ जारी है।
भरतपुर पुलिस ने बताया कि साइबर क्राइम यूनिट इस मामले की तकनीकी जांच कर रही है, जिसमें यह पता लगाया जा रहा है कि तस्वीरें किन-किन प्लेटफॉर्म पर साझा की गईं और इसमें और कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
इस घटना के बाद साइबर सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर निजी जानकारी और तस्वीरों को साझा करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि इनका गलत इस्तेमाल गंभीर अपराध का रूप ले सकता है।
पुलिस ने आश्वासन दिया है कि पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे और आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।





