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ओडिशा में जल्द शुरू होगी 'भारत टैक्सी', ओला-उबर की तर्ज पर मिलेगी ऐप आधारित कैब सेवा

Kavita2
23 Sept 2026 4:33 PM IST
ओडिशा में जल्द शुरू होगी भारत टैक्सी, ओला-उबर की तर्ज पर मिलेगी ऐप आधारित कैब सेवा
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भुवनेश्वर। ओडिशा में यात्रियों को जल्द ही ऐप आधारित टैक्सी सेवा का एक नया विकल्प मिलने वाला है। राज्य सरकार ने सहकारिता आधारित डिजिटल मोबिलिटी प्लेटफॉर्म 'भारत टैक्सी' को ओडिशा में शुरू करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। सहकारिता मंत्री प्रदीप बल सामंत ने बुधवार को विधानसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में इस सेवा को लागू करने के लिए विस्तृत रूपरेखा तैयार करने की प्रक्रिया चल रही है।

भारत टैक्सी का मॉडल ओला और उबर जैसी ऐप आधारित टैक्सी सेवाओं की तरह यात्रियों को मोबाइल ऐप के माध्यम से वाहन बुक करने की सुविधा देता है, लेकिन इसका संचालन मॉडल अलग है। केंद्र सरकार के अनुसार यह सहकारिता आधारित डिजिटल मोबिलिटी प्लेटफॉर्म है, जिसमें चालक केवल सेवा प्रदाता नहीं बल्कि सहकारी संस्था के सदस्य और हिस्सेदार भी होते हैं। इसे सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड संचालित करती है।

ओडिशा सरकार ने शुरू की तैयारी

विधानसभा में मंत्री प्रदीप बल सामंत ने बताया कि ओडिशा में भारत टैक्सी शुरू करने की दिशा में राज्य सरकार कदम उठा रही है। इसके संचालन, सहकारी समितियों की भूमिका और राज्य में इसकी उपयोगिता से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार किया जा रहा है।

राज्य में इसे किस तरीके से लागू किया जाएगा, किन शहरों से शुरुआत होगी और स्थानीय टैक्सी चालकों तथा सहकारी संस्थाओं को किस तरह इससे जोड़ा जाएगा, इसकी विस्तृत रूपरेखा अभी विभाग के विचाराधीन है।

केंद्र सरकार भी भारत टैक्सी का देशभर में चरणबद्ध विस्तार कर रही है। केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय के मुताबिक किसी नए राज्य या शहर में सेवा का विस्तार परिचालन तैयारियों, चालकों की उपलब्धता, जरूरी वैधानिक मंजूरियों और संबंधित राज्य सरकार तथा सहकारी संस्थाओं के साथ समन्वय पर निर्भर करता है।

5 फरवरी को हुआ था औपचारिक शुभारंभ

भारत टैक्सी का औपचारिक राष्ट्रीय शुभारंभ केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 5 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में किया था। इसे देश की पहली सहकारिता आधारित टैक्सी सेवा के रूप में पेश किया गया है। यह प्लेटफॉर्म 'सारथी ही मालिक' की अवधारणा पर आधारित है।

इस व्यवस्था का उद्देश्य ड्राइवरों को केवल किसी डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए सेवा देने वाले चालक के बजाय सहकारी संस्था में भागीदार बनाना है। सरकार का कहना है कि इससे चालकों को स्वामित्व, सामाजिक सुरक्षा और आय से जुड़े लाभ उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

भारत टैक्सी का शुरुआती प्रयोग दिल्ली-एनसीआर और गुजरात के कुछ हिस्सों में किया गया था। इसके बाद इसका विस्तार दूसरे राज्यों और शहरों की ओर किया गया।

ओला-उबर से कैसे अलग है भारत टैक्सी

यात्रियों के लिहाज से भारत टैक्सी का इस्तेमाल दूसरी ऑनलाइन कैब सेवाओं की तरह किया जा सकता है। इसके मोबाइल ऐप के जरिए कैब, ऑटो और बाइक जैसी सेवाओं की बुकिंग की जा सकती है। ऐप में अनुमानित किराया, लाइव राइड ट्रैकिंग और SOS जैसी सुरक्षा सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।

इसका प्रमुख अंतर कारोबारी मॉडल में है। केंद्र सरकार के अनुसार भारत टैक्सी में चालकों के लिए जीरो-कमीशन मॉडल, पारदर्शी किराया व्यवस्था, सब्सक्रिप्शन आधारित भागीदारी और बीमा जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं का प्रावधान किया गया है।

सहकारी मॉडल में चालकों को प्लेटफॉर्म का भागीदार बनाने की व्यवस्था की गई है। इसी कारण सरकार इसे पारंपरिक ऐप आधारित टैक्सी एग्रीगेटर से अलग मॉडल के रूप में प्रस्तुत कर रही है।

लाखों चालक और ग्राहक जुड़े

केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय के अगस्त 2026 के आंकड़ों के मुताबिक भारत टैक्सी प्लेटफॉर्म से 8.48 लाख चालक यानी 'सारथी' और 44.27 लाख ग्राहक पंजीकृत हो चुके थे। 4 अगस्त तक प्लेटफॉर्म पर औसतन 11,106 राइड प्रतिदिन पूरी की जा रही थीं। चालकों की कुल कमाई 83.70 करोड़ रुपये तक पहुंचने की जानकारी भी केंद्र ने राज्यसभा में दी थी।

उस समय दिल्ली-एनसीआर में सबसे ज्यादा औसतन 5,574 दैनिक राइड दर्ज की गई थीं। गुजरात में 3,817, पुणे में 632, जयपुर में 372, लखनऊ में 324, मुंबई में 197 और चंडीगढ़ में 190 औसत दैनिक राइड दर्ज की गई थीं।

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि प्लेटफॉर्म का विस्तार अलग-अलग राज्यों में चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है।

ओडिशा में सहकारी समितियों की हो सकती है अहम भूमिका

ओडिशा में भारत टैक्सी के क्रियान्वयन को लेकर सहकारी संस्थाओं की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो सकती है। मंत्री के अनुसार योजना के संचालन और उपयोगिता सहित विभिन्न पहलुओं पर पहले ही चर्चा की जा चुकी है।

भारत टैक्सी खुद एक बहुराज्यीय सहकारी संस्था के माध्यम से संचालित होती है। केंद्र सरकार के मुताबिक इसके विस्तार में राज्य सरकारों, सहकारी संस्थाओं और सार्वजनिक निकायों के साथ साझेदारी महत्वपूर्ण हिस्सा है।

ऐसे में ओडिशा में सेवा शुरू होने पर स्थानीय टैक्सी और ऑटो चालकों को सहकारी मॉडल से जोड़ने की व्यवस्था विस्तृत फ्रेमवर्क सामने आने के बाद स्पष्ट होगी।

महाराष्ट्र और गुजरात में हो चुका विस्तार

भारत टैक्सी का गुजरात में औपचारिक शुभारंभ जून में किया गया था। उस समय गुजरात के 14 प्रमुख शहरों में सेवा संचालित होने और 1.5 लाख से ज्यादा सारथियों के इससे जुड़ने की जानकारी दी गई थी।

इसके बाद जुलाई 2026 में महाराष्ट्र में भी भारत टैक्सी सेवा शुरू की गई। नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आयोजित कार्यक्रम में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य में सेवा का शुभारंभ किया था।

अब ओडिशा सरकार भी इस प्लेटफॉर्म को राज्य में लाने की तैयारी कर रही है।

विस्तृत फ्रेमवर्क का इंतजार

फिलहाल ओडिशा में भारत टैक्सी कब से शुरू होगी, इसका निश्चित दिन घोषित नहीं किया गया है। सहकारिता मंत्री के मुताबिक योजना के क्रियान्वयन का विस्तृत फ्रेमवर्क अभी विभाग के विचाराधीन है।

इस रूपरेखा में सेवा के संचालन, सहकारी संस्थाओं की भागीदारी, ड्राइवरों के पंजीकरण, आवश्यक मंजूरियों और दूसरे परिचालन पहलुओं को शामिल किए जाने की संभावना है।

फ्रेमवर्क को अंतिम रूप दिए जाने के बाद यह स्पष्ट होगा कि ओडिशा के किन शहरों में भारत टैक्सी सबसे पहले शुरू होगी। सेवा शुरू होने पर राज्य के यात्रियों को ऐप आधारित परिवहन का एक और विकल्प मिलेगा, जबकि टैक्सी और ऑटो चालकों के लिए सहकारी स्वामित्व वाले डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ने का रास्ता खुलेगा।

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