ओडिशा

आय से अधिक संपत्ति मामले में असिस्टेंट डायरेक्टर गिरफ्तार, चार बहुमंजिला इमारतें और 30 प्लॉट मिले

Kavita2
30 Sept 2026 4:54 PM IST
आय से अधिक संपत्ति मामले में असिस्टेंट डायरेक्टर गिरफ्तार, चार बहुमंजिला इमारतें और 30 प्लॉट मिले
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संबलपुर। ओडिशा विजिलेंस ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में फैक्ट्रीज़ एंड बॉयलर्स विभाग के असिस्टेंट डायरेक्टर उमाकांत सामंतराय को गिरफ्तार किया है। विजिलेंस की कार्रवाई के दौरान उनके और उनसे जुड़े ठिकानों की तलाशी में कई महंगी संपत्तियों का पता चला है। इनमें चार बहुमंजिला इमारतें, एक 3-BHK फ्लैट, 30 महंगे प्लॉट, करीब 300 ग्राम सोना, लाखों रुपये की बैंक जमा राशि और एक चार-पहिया वाहन शामिल है।

विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार सामंतराय संबलपुर में फैक्ट्रीज़ एंड बॉयलर्स के असिस्टेंट डायरेक्टर के पद पर तैनात हैं। आय से अधिक संपत्ति की शिकायत के बाद उनके खिलाफ जांच शुरू की गई थी। इसके बाद विजिलेंस टीम ने अलग-अलग स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया।

तलाशी के दौरान विजिलेंस टीम को कई अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज मिले। इनमें चार बहुमंजिला इमारतों का विवरण सामने आया है। इनमें से दो इमारतें भुवनेश्वर में होने की जानकारी दी गई है, जबकि एक इमारत पुरी में स्थित बताई गई है। इसके अलावा एक 3-BHK फ्लैट भी जांच के दौरान सामने आया।

अधिकारियों ने बताया कि तलाशी में 30 महंगे प्लॉट से संबंधित दस्तावेज भी मिले हैं। इतनी बड़ी संख्या में जमीन से जुड़ी संपत्तियों का पता चलने के बाद विजिलेंस ने इनके बाजार मूल्य और खरीद से जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी है।

जांच के दौरान करीब 300 ग्राम सोना भी बरामद किया गया। इसके अलावा अलग-अलग बैंक खातों में करीब 36.78 लाख रुपये की जमा राशि मिलने की जानकारी दी गई है।

विजिलेंस अधिकारियों को एक चार-पहिया वाहन और अन्य चल-अचल संपत्तियों के बारे में भी जानकारी मिली है। जांच एजेंसी अब इन संपत्तियों की वास्तविक कीमत, खरीद की तारीख और भुगतान के स्रोतों का पता लगाने में जुटी है।

विजिलेंस का कहना है कि सामंतराय से इन संपत्तियों को लेकर पूछताछ की गई। उनसे उनकी ज्ञात आय के स्रोतों और बरामद संपत्तियों के बीच अंतर को स्पष्ट करने के लिए कहा गया, लेकिन अधिकारियों के अनुसार वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।

इसके बाद विजिलेंस ने उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज कर गिरफ्तारी की कार्रवाई की।

संबलपुर विजिलेंस पुलिस स्टेशन में सामंतराय के खिलाफ मामला संख्या 18/2026 दर्ज किया गया है। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।

आय से अधिक संपत्ति के मामलों में जांच एजेंसी आमतौर पर संबंधित अधिकारी की सेवा अवधि के दौरान हुई आय, वेतन, अन्य वैध कमाई और घोषित संपत्तियों का मिलान करती है। इसके बाद उनकी वास्तविक संपत्तियों और खर्चों की तुलना ज्ञात आय के स्रोतों से की जाती है।

इस मामले में भी विजिलेंस की टीम बैंक खातों, जमीन और मकान की खरीद से जुड़े रिकॉर्ड, निवेश और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की जांच कर रही है।

30 प्लॉट मिलने के बाद अब इस बात की जांच महत्वपूर्ण हो गई है कि इन सभी जमीनों की खरीद किस अवधि में की गई और इनके लिए भुगतान किस माध्यम से हुआ।

विजिलेंस अधिकारी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या इन संपत्तियों में से कुछ किसी रिश्तेदार या करीबी व्यक्ति के नाम पर दर्ज हैं।

चार बहुमंजिला इमारतों और फ्लैट का मूल्यांकन भी किया जा रहा है। संबंधित विभागों से संपत्तियों का रिकॉर्ड मंगाकर यह जांच की जा सकती है कि इनकी खरीद और निर्माण पर कुल कितना खर्च हुआ।

इसी तरह बैंक में जमा 36.78 लाख रुपये की राशि के स्रोत की भी जांच की जाएगी। यदि यह रकम वैध आय से जुड़ी पाई जाती है तो उसे जांच में अलग तरीके से देखा जाएगा, जबकि किसी अघोषित स्रोत से प्राप्त राशि होने की स्थिति में यह मामला और गंभीर हो सकता है।

बरामद सोने की खरीद से जुड़े दस्तावेज भी जांच के दायरे में आ सकते हैं। अधिकारियों द्वारा यह पता लगाया जा सकता है कि सोना कब खरीदा गया और उसके लिए भुगतान किस स्रोत से किया गया था।

विजिलेंस की कार्रवाई के बाद विभागीय स्तर पर भी सामंतराय के खिलाफ आगे की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। सरकारी सेवा में रहते हुए आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज होने पर संबंधित विभाग नियमों के अनुसार प्रशासनिक कार्रवाई भी कर सकता है।

हालांकि केवल गिरफ्तारी या संपत्तियों की बरामदगी से आरोप सिद्ध नहीं हो जाते। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।

विजिलेंस की टीम अब सामंतराय के वित्तीय लेनदेन से जुड़े अन्य दस्तावेज जुटा रही है। आयकर रिकॉर्ड, बैंक स्टेटमेंट, जमीन की रजिस्ट्री और अन्य निवेश से संबंधित कागजात भी जांच में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।

मामले में यदि किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो विजिलेंस उसके खिलाफ भी जांच का दायरा बढ़ा सकती है।

ओडिशा विजिलेंस की ओर से सरकारी अधिकारियों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार के मामलों में लगातार कार्रवाई की जा रही है। ऐसे मामलों में तलाशी के दौरान मिली संपत्तियों का विस्तृत मूल्यांकन करने के बाद अंतिम रिपोर्ट तैयार की जाती है।

फिलहाल उमाकांत सामंतराय को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनके खिलाफ दर्ज मामले की जांच जारी है। चार बहुमंजिला इमारतें, 30 प्लॉट, सोना, बैंक जमा और अन्य संपत्तियों के स्रोतों की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कुल संपत्ति में कितनी राशि उनकी वैध आय से अधिक पाई जाती है।

मामले में विजिलेंस की आगे की जांच पर नजर बनी हुई है और आने वाले दिनों में संपत्तियों के मूल्यांकन तथा वित्तीय लेनदेन से जुड़े और तथ्य सामने आ सकते हैं।

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