
भुवनेश्वर। ओडिशा में बाढ़ और जलभराव की स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। इसी क्रम में राज्य के राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने गुरुवार को जाजपुर, भद्रक, बालेश्वर और केंदुझर जिलों के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया।
मंत्री ने हवाई निरीक्षण के दौरान बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन किया और प्रभावित इलाकों में चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से स्थिति की विस्तृत जानकारी ली और प्रभावित लोगों तक जल्द से जल्द सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का लिया जायजा
लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण ओडिशा के कई जिलों में बाढ़ और जलभराव की स्थिति बनी हुई है। जाजपुर, भद्रक, बालेश्वर और केंदुझर जिले भी इससे प्रभावित हुए हैं।
हवाई सर्वेक्षण के दौरान मंत्री ने उन इलाकों का निरीक्षण किया, जहां पानी भरने से जनजीवन प्रभावित हुआ है। उन्होंने देखा कि किन क्षेत्रों में ज्यादा नुकसान हुआ है और कहां राहत कार्यों को और गति देने की जरूरत है।
अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश
सुरेश पुजारी ने जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ राहत कार्यों की स्थिति पर चर्चा की। उन्होंने निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।
मंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता प्रभावित लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और उन्हें समय पर राहत सामग्री उपलब्ध कराना है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
राहत और बचाव अभियान जारी
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, भोजन, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
आपदा प्रबंधन विभाग और जिला प्रशासन की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। जरूरत वाले क्षेत्रों में बचाव दलों को तैनात किया गया है।
जलभराव से प्रभावित हुआ जनजीवन
बाढ़ के कारण कई इलाकों में सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है और लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई निचले इलाकों में घरों और खेतों में पानी भरने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
प्रशासन की ओर से जल निकासी और प्रभावित क्षेत्रों में जरूरी सेवाएं बहाल करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
नुकसान का आकलन किया जा रहा
हवाई सर्वेक्षण का उद्देश्य बाढ़ से हुए वास्तविक नुकसान का प्रारंभिक आकलन करना भी था। इसके आधार पर सरकार आगे राहत और पुनर्वास की योजनाएं तैयार करेगी।
मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में फसल, मकान, सड़क और अन्य संपत्तियों को हुए नुकसान की जानकारी जुटाई जाए, ताकि जरूरत के अनुसार सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
सरकार की नजर बाढ़ की स्थिति पर
ओडिशा सरकार बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। राज्य के विभिन्न विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से बताया गया कि प्रशासन हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।
प्रभावित लोगों तक मदद पहुंचाने पर जोर
मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रभावित परिवारों की जरूरतों को समझते हुए तत्काल कदम उठाए जाएं।
उन्होंने राहत शिविरों, स्वास्थ्य सेवाओं और आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता की भी समीक्षा की।
आगे भी जारी रहेगी निगरानी
हवाई सर्वेक्षण के बाद प्रशासन ने प्रभावित जिलों में निगरानी और बढ़ा दी है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे मौसम और नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखें।
सरकार का कहना है कि स्थिति सामान्य होने तक राहत और बचाव कार्य जारी रहेंगे। साथ ही नुकसान का विस्तृत आकलन कर प्रभावित लोगों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।





