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ओडिशा में रिश्वत लेते ASI गिरफ्तार

Kavita2
30 Aug 2026 12:42 PM IST
ओडिशा में रिश्वत लेते ASI गिरफ्तार
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सुंदरगढ़। ओडिशा विजिलेंस विभाग ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सुंदरगढ़ जिले में एक पुलिस असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) और उसके सहयोगी को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों ने एक भोजनालय मालिक से 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी और लेते समय विजिलेंस टीम ने उन्हें पकड़ लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान लहूनीपाड़ा पुलिस स्टेशन में तैनात ASI मदन मोहन प्रधान और उनके सहयोगी मंदीप कुमार दासमोदक के रूप में हुई है। विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार, दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।

शिकायत के आधार पर हुई कार्रवाई

विजिलेंस विभाग के अधिकारियों ने बताया कि भोजनालय मालिक ने रिश्वत मांगने की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि ASI मदन मोहन प्रधान और उनके सहयोगी ने उससे 20 हजार रुपये की मांग की है।

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि यह रकम उसे गिरफ्तार नहीं करने और उसके तथा उसके छोटे भाई के खिलाफ दर्ज आबकारी मामले में मदद करने के बदले मांगी गई थी।

शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस ने मामले की जांच शुरू की और योजना बनाकर कार्रवाई की।

रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए

विजिलेंस अधिकारियों के मुताबिक, शनिवार को कार्रवाई के दौरान दोनों आरोपियों को भोजनालय मालिक से कथित रूप से 20 हजार रुपये लेते हुए पकड़ लिया गया।

अधिकारियों ने बताया कि कार्रवाई पूरी योजना के तहत की गई थी। टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की।

विजिलेंस टीम ने रिश्वत की रकम भी बरामद की है।

गिरफ्तारी की धमकी देने का आरोप

शिकायत के अनुसार, ASI मदन मोहन प्रधान ने भोजनालय मालिक को धमकी दी थी कि अगर उसने मांगी गई रकम नहीं दी तो उसे गिरफ्तार कर अदालत में पेश कर दिया जाएगा।

आरोप है कि पुलिस अधिकारी ने अपने पद का गलत इस्तेमाल करते हुए शिकायतकर्ता पर दबाव बनाया और रिश्वत की मांग की।

विजिलेंस अब इस पूरे मामले की जांच कर रही है कि क्या इस तरह की कोई अन्य शिकायत भी सामने आई है।

आबकारी मामले में मदद के बदले मांगी गई रकम

बताया जा रहा है कि भोजनालय मालिक और उसके छोटे भाई के खिलाफ आबकारी से जुड़ा एक मामला दर्ज था। इसी मामले में राहत दिलाने के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया गया है।

विजिलेंस अधिकारियों ने कहा कि जांच के दौरान मामले से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जाएगी।

पुलिस विभाग में हड़कंप

एक पुलिस अधिकारी के रिश्वत लेते पकड़े जाने की घटना के बाद पुलिस विभाग में भी हलचल मच गई है। अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर के कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।

विजिलेंस विभाग लगातार सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान चला रहा है।

भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई का दावा

ओडिशा विजिलेंस ने कहा है कि सरकारी पद पर रहते हुए रिश्वत मांगना गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

विभाग ने लोगों से भी अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी रिश्वत मांगता है तो इसकी शिकायत विजिलेंस से करें।

आगे की जांच जारी

फिलहाल ASI मदन मोहन प्रधान और मंदीप कुमार दासमोदक से पूछताछ की जा रही है। विजिलेंस यह पता लगाने में जुटी है कि रिश्वत मांगने की प्रक्रिया में और कौन लोग शामिल थे।

इसके अलावा आरोपियों की संपत्ति और अन्य गतिविधियों की भी जांच की जा सकती है।

इस कार्रवाई के बाद विजिलेंस विभाग ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। रिश्वतखोरी में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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