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ओडिशा हाई कोर्ट में चार नए जजों की नियुक्ति को मंजूरी

Kavita2
19 Aug 2026 11:33 AM IST
ओडिशा हाई कोर्ट में चार नए जजों की नियुक्ति को मंजूरी
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नई दिल्ली/भुवनेश्वर। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने ओडिशा हाई कोर्ट में चार वकीलों को जज के पद पर नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह फैसला 18 अगस्त 2026 को हुई कॉलेजियम की बैठक में लिया गया। सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी बयान में इस निर्णय की जानकारी दी गई।

कॉलेजियम की मंजूरी के बाद अब ओडिशा हाई कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। वर्तमान में हाई कोर्ट में स्वीकृत पदों की तुलना में काफी कम जज कार्यरत हैं, ऐसे में नई नियुक्तियों को न्यायिक कामकाज को सुचारू बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

चार वकीलों के नाम को मिली मंजूरी

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने जिन चार वकीलों को जज नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है, उनमें सस्मिता त्रिपाठी, आदित्य नारायण दास, रंजीत रॉय और गौतम मिश्रा शामिल हैं।

इन सभी वकीलों का नाम ओडिशा हाई कोर्ट के न्यायाधीश पद के लिए प्रस्तावित किया गया था। कॉलेजियम ने उनकी योग्यता, अनुभव और न्यायिक क्षमता का मूल्यांकन करने के बाद नियुक्ति को मंजूरी दी।

अब आगे की संवैधानिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद इनकी नियुक्ति अधिसूचित की जाएगी।

ओडिशा हाई कोर्ट में जजों की कमी

ओडिशा हाई कोर्ट में लंबे समय से न्यायाधीशों की कमी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। वर्तमान में हाई कोर्ट में 33 न्यायाधीशों के पद स्वीकृत हैं, लेकिन इनमें से केवल 17 जज ही सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं।

जजों की कमी के कारण लंबित मामलों के निपटारे और न्यायिक प्रक्रिया की गति पर असर पड़ता है। नई नियुक्तियों से हाई कोर्ट के कामकाज में सुधार आने की उम्मीद जताई जा रही है।

दो जजों की सेवानिवृत्ति से बढ़ेगी चुनौती

ओडिशा हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश हरीश टंडन समेत दो जज इस साल सेवानिवृत्त होने वाले हैं। ऐसे में आने वाले समय में न्यायाधीशों की संख्या को बनाए रखना एक महत्वपूर्ण चुनौती होगी।

नई नियुक्तियों को इसी संदर्भ में अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे जजों की संख्या में सुधार होगा और न्यायिक व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

कॉलेजियम की भूमिका महत्वपूर्ण

भारत में हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की नियुक्ति प्रक्रिया में कॉलेजियम प्रणाली की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। कॉलेजियम उम्मीदवारों के अनुभव, पेशेवर रिकॉर्ड और न्यायिक क्षमता सहित कई पहलुओं की समीक्षा करता है।

ओडिशा हाई कोर्ट के लिए इन चार वकीलों के नाम को मंजूरी देने से पहले भी कॉलेजियम ने संबंधित पहलुओं पर विचार किया।

लंबित मामलों को कम करने की कोशिश

देश के कई हाई कोर्ट में न्यायाधीशों की कमी के कारण लंबित मामलों का बोझ बढ़ता रहा है। समय पर न्याय उपलब्ध कराने के लिए पर्याप्त संख्या में जजों की नियुक्ति जरूरी मानी जाती है।

ओडिशा हाई कोर्ट में भी नई नियुक्तियों से मामलों की सुनवाई में तेजी आने की संभावना है। इससे आम लोगों को न्याय मिलने की प्रक्रिया बेहतर हो सकती है।

न्यायिक व्यवस्था को मिलेगा समर्थन

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि हाई कोर्ट में पर्याप्त संख्या में न्यायाधीशों की मौजूदगी न्यायिक व्यवस्था के लिए बेहद जरूरी है। इससे न केवल लंबित मामलों को कम करने में मदद मिलती है, बल्कि अदालतों की कार्यक्षमता भी बढ़ती है।

चार नए न्यायाधीशों की नियुक्ति का प्रस्ताव ऐसे समय में मंजूर हुआ है, जब न्यायपालिका लगातार लंबित मामलों और जजों की कमी जैसी चुनौतियों से निपटने का प्रयास कर रही है।

आगे की प्रक्रिया पर नजर

कॉलेजियम की मंजूरी के बाद अब नियुक्ति से जुड़ी आगे की औपचारिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद राष्ट्रपति की मंजूरी और अधिसूचना जारी होने के बाद नए न्यायाधीश पदभार संभाल सकेंगे।

ओडिशा हाई कोर्ट में इन चार नियुक्तियों के बाद न्यायाधीशों की संख्या में सुधार होगा। हालांकि, आने वाले समय में सेवानिवृत्त होने वाले जजों के कारण रिक्तियों को भरना भी जरूरी होगा।

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