
Odisha ओडिशा: तमिलनाडु के तिरुवल्लुर जिले में स्थित एक सीफूड प्रोसेसिंग फैक्ट्री में अमोनिया गैस लीक की घटना में जान गंवाने वाले ओडिशा के मजदूरों के परिवारों के लिए राज्य सरकार ने मुआवजे की राशि बढ़ा दी है। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने मृतकों के परिजनों को दी जाने वाली सहायता राशि 4 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने की घोषणा की है। यह राशि मुख्यमंत्री राहत कोष (CMRF) से प्रदान की जाएगी।
यह निर्णय उस समय लिया गया जब इस दर्दनाक हादसे में मरने वाले ओडिशा के मजदूरों की संख्या बढ़कर छह हो गई। ताजा मामले में क्योंझर जिले की जमुनी जुआंगा की मौत मंगलवार को तमिलनाडु के एक अस्पताल में इलाज के दौरान हो गई। इससे पहले इसी जिले के पांच अन्य मजदूरों की मौत हो चुकी थी, जिनमें गुमानी जुआंगा, गीता जुआंगा, चंपावती जुआंगा, शिवानी जुआंगा और फुलोमनी जुआंगा शामिल हैं।
यह घटना रविवार को तिरुवल्लुर जिले के पेरियापालयम के पास कनिगईपैर गांव में स्थित एक निजी सीफूड प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट यूनिट में हुई थी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, फैक्ट्री के रेफ्रिजरेशन या प्रोसेसिंग सिस्टम से अमोनिया गैस के रिसाव की आशंका जताई गई है, जिसके कारण मजदूर जहरीली गैस के संपर्क में आ गए।
घटना के समय फैक्ट्री में ओडिशा, असम और झारखंड सहित विभिन्न राज्यों के करीब 120 प्रवासी मजदूर काम कर रहे थे। गैस फैलने के बाद कई मजदूरों को सांस लेने में कठिनाई, आंखों में जलन और चक्कर आने जैसी समस्याएं होने लगीं। कुछ लोग मौके पर ही बेहोश होकर गिर पड़े, जिससे फैक्ट्री में अफरातफरी मच गई।
स्थानीय प्रशासन और बचाव दल ने तुरंत मौके पर पहुंचकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन गंभीर रूप से प्रभावित कई मजदूरों की जान नहीं बचाई जा सकी। फिलहाल अन्य घायलों का इलाज जारी है।
राज्य सरकार ने इस घटना को गंभीर मानते हुए पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिया है। अधिकारियों के अनुसार, फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों और गैस रिसाव की वजहों की जांच की जा रही है।
इस हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था और प्रवासी मजदूरों की कार्य परिस्थितियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।





