
Odisha ओडिशा: मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध और उससे पैदा हुए वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच देशभर में ईंधन बचाने की अपील की जा रही है। इसी क्रम में ओडिशा के कटक में स्थित उड़ीसा हाईकोर्ट में सोमवार को एक अनोखा दृश्य देखने को मिला, जब तीन जज साइकिल चलाकर कोर्ट पहुंचे।
जानकारी के अनुसार, जस्टिस सावित्री राठो, जस्टिस वी. नरसिंह और जस्टिस सिबो शंकर मिश्रा अपने-अपने घरों से साइकिल पर निकलकर हाईकोर्ट पहुंचे। आमतौर पर सरकारी वाहनों से आने वाले न्यायाधीशों का इस तरह साइकिल से कार्यालय पहुंचना लोगों के लिए एक प्रेरणादायक और असामान्य दृश्य बन गया।
स्थानीय लोगों ने बताया कि यह शायद पहली बार है जब उड़ीसा हाईकोर्ट के जजों ने अपने सरकारी वाहनों को छोड़कर साइकिल का इस्तेमाल किया है। कोर्ट परिसर के बाहर और रास्ते में लोगों ने इस पहल को सकारात्मक रूप से देखा और इसे पर्यावरण तथा ईंधन बचत के लिए एक मजबूत संदेश बताया।
इससे पहले केंद्र और राज्य सरकारों ने वैश्विक ऊर्जा संकट को देखते हुए जनता से अपील की थी कि वे अनावश्यक निजी वाहनों के उपयोग से बचें और सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दें। सरकार ने यह भी कहा था कि ईंधन की बचत समय की जरूरत है और हर नागरिक को इसमें योगदान देना चाहिए।
इसी अभियान के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने भी अपने सरकारी काफिले की संख्या कम करने का निर्णय लिया है, ताकि ईंधन की खपत में कमी लाई जा सके और एक उदाहरण प्रस्तुत किया जा सके।
जजों की यह पहल अब सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गई है। कई लोगों ने इसे पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा बचत की दिशा में प्रेरक कदम बताया है, जबकि प्रशासनिक हलकों में भी इसे सकारात्मक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ऐसे प्रतीकात्मक कदम आम लोगों और अधिकारियों द्वारा अपनाए जाएं, तो ईंधन की खपत में काफी कमी लाई जा सकती है और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को भी मजबूती मिलेगी।





