ओडिशा

VIMSAR में कथित चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप

Kavita2
14 July 2026 12:54 PM IST
VIMSAR में कथित चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप
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संबलपुर : ओडिशा के वीर सुरेंद्र साई इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च (VIMSAR), बुर्ला में कथित चिकित्सकीय लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि प्रसव के दौरान एक नवजात मां के गर्भ से फिसलकर बाल्टी में गिर गया। इस घटना के बाद अस्पताल की व्यवस्था, मरीजों की सुरक्षा और रात के समय वरिष्ठ डॉक्टरों की उपलब्धता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

जानकारी के अनुसार, यह मामला VIMSAR के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग का है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यज्ञसेनी साहू (32) को जुड़वां बच्चों के प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि प्रसव के दौरान चिकित्सा टीम की कथित लापरवाही के कारण गंभीर स्थिति पैदा हुई।

परिजनों के अनुसार, महिला के गर्भ में जुड़वां बच्चे थे। प्रसव प्रक्रिया के दौरान समय पर उचित चिकित्सकीय सहायता नहीं मिलने से एक बच्चे की गर्भ में ही मौत हो गई। वहीं, दूसरे बच्चे के जन्म के दौरान भी कथित तौर पर लापरवाही बरती गई, जिसके कारण नवजात बाल्टी में गिर गया।

घटना सामने आने के बाद अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। परिजनों और स्थानीय लोगों ने अस्पताल प्रशासन से जवाब मांगा है। उनका आरोप है कि रात के समय वरिष्ठ डॉक्टरों की मौजूदगी नहीं होने और चिकित्सा व्यवस्था में कमी के कारण ऐसी स्थिति पैदा हुई।

मरीजों के परिजनों ने सवाल उठाया कि इतने बड़े सरकारी मेडिकल संस्थान में प्रसव जैसे संवेदनशील मामलों में पर्याप्त निगरानी और विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता क्यों नहीं सुनिश्चित की गई। उनका कहना है कि गर्भवती महिलाओं और नवजातों की सुरक्षा के लिए बेहतर इंतजाम होने चाहिए।

इस घटना ने VIMSAR की स्वास्थ्य सेवाओं पर भी चर्चा शुरू कर दी है। अस्पताल में बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं और यह क्षेत्र का एक प्रमुख चिकित्सा संस्थान माना जाता है। ऐसे में प्रसव विभाग में किसी भी तरह की लापरवाही गंभीर चिंता का विषय बन जाती है।

मामले की जानकारी मिलने के बाद अस्पताल प्रशासन की ओर से जांच की प्रक्रिया शुरू किए जाने की बात कही जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जाएगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, प्रसव के दौरान हर पल बेहद महत्वपूर्ण होता है। खासकर जुड़वां गर्भावस्था में मां और बच्चों दोनों को अतिरिक्त निगरानी की जरूरत होती है। ऐसी स्थिति में प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ और वरिष्ठ डॉक्टरों की मौजूदगी बेहद जरूरी मानी जाती है।

इस घटना के बाद अस्पतालों में प्रसूति सेवाओं की गुणवत्ता और आपातकालीन प्रबंधन को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों की संख्या अधिक होने के बावजूद डॉक्टरों और कर्मचारियों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना जरूरी है।

वहीं, अस्पताल प्रशासन की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि घटना के पीछे वास्तविक कारण क्या थे और क्या किसी स्तर पर चिकित्सकीय लापरवाही हुई थी।

फिलहाल पीड़ित परिवार न्याय और उचित कार्रवाई की मांग कर रहा है। घटना ने न केवल VIMSAR प्रशासन बल्कि पूरे स्वास्थ्य तंत्र के सामने मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिकारियों की जांच और आगे की कार्रवाई पर अब सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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