
भुवनेश्वर। ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर स्थित उत्कल यूनिवर्सिटी परिसर में रविवार देर रात कथित तौर पर तीन देसी बम फेंके जाने की घटना से तनाव फैल गया। धमाकों की आवाज सुनने के बाद गोपबंधु हॉस्टल में रहने वाले छात्रों के बीच दहशत का माहौल बन गया। घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है, लेकिन परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर छात्रों में नाराजगी देखने को मिली। गुस्साए छात्र यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट के पास जमा हो गए और घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग करने लगे।
जानकारी के अनुसार, घटना रविवार रात करीब 11:30 बजे हुई। उस समय यूनिवर्सिटी परिसर में मौजूद छात्रों और पुलिसकर्मियों ने तीन जोरदार धमाकों की आवाज सुनी। आरोप है कि गोपबंधु हॉस्टल के पास तीन देसी बम फेंके गए थे। धमाकों के बाद परिसर में हलचल मच गई और हॉस्टल में रहने वाले छात्र चिंतित हो गए।
घटना के बाद छात्रों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि कैंपस में पुलिस की मौजूदगी और सुरक्षा इंतजाम होने के बावजूद ऐसी घटना कैसे हुई। इसी मुद्दे को लेकर छात्र मुख्य गेट के पास इकट्ठा हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
रात करीब 11:30 बजे सुनाई दिए धमाके
उत्कल यूनिवर्सिटी परिसर में धमाकों की आवाज रात करीब 11:30 बजे सुनाई दी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, गोपबंधु हॉस्टल के पास कथित तौर पर तीन देसी बम फेंके गए। धमाकों की आवाज से परिसर में मौजूद छात्र और पुलिसकर्मी चौंक गए।
घटना के बाद हॉस्टल में रहने वाले छात्रों के बीच डर का माहौल बन गया। हालांकि, किसी के घायल होने की सूचना नहीं मिली है, लेकिन देर रात हुए इन धमाकों ने परिसर की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि बम किसने फेंके और घटना के पीछे क्या कारण था। आरोपियों की पहचान और घटना से जुड़ी परिस्थितियों की जानकारी सामने आने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
मुख्य गेट पर जमा हुए नाराज छात्र
धमाकों की घटना के बाद नाराज छात्र यूनिवर्सिटी के मुख्य गेट के पास इकट्ठा हो गए। उन्होंने घटना के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। छात्रों ने कैंपस में सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद ऐसी घटना होने पर सवाल उठाए।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कमिश्नरेट पुलिस को सुरक्षा व्यवस्था में कथित चूक के लिए जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना था कि यूनिवर्सिटी परिसर में सुरक्षा इंतजाम होने के बावजूद इस तरह की घटना को रोका नहीं जा सका।
छात्रों की मांग थी कि मामले की गंभीरता से जांच की जाए और आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। घटना को लेकर छात्रों की नाराजगी ने परिसर में तनावपूर्ण स्थिति पैदा कर दी।
छात्रों और पुलिस के बीच हाथापाई
विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों और पुलिसकर्मियों के बीच हाथापाई होने की जानकारी भी सामने आई है। इससे परिसर में तनाव और बढ़ गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे।
अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत कर उन्हें शांत करने की कोशिश की। देर रात हुई घटना के बाद परिसर में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखना पुलिस के सामने प्रमुख चुनौती बन गया। छात्रों की नाराजगी का मुख्य कारण बम फेंके जाने की घटना और कैंपस की सुरक्षा को लेकर उठे सवाल रहे।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी में हाथापाई के दौरान किसी के घायल होने या हिरासत में लिए जाने का विवरण नहीं है। इसी तरह, वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद विरोध प्रदर्शन किस तरह समाप्त हुआ, इसकी भी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
कैंपस की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
उत्कल यूनिवर्सिटी परिसर में कथित तौर पर बम फेंके जाने की घटना ने छात्रों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। गोपबंधु हॉस्टल के पास धमाके होने और किसी के घायल नहीं होने के बावजूद विद्यार्थियों ने इसे गंभीर मामला बताया।
छात्रों का सवाल है कि जब कैंपस में सुरक्षा व्यवस्था मौजूद है, तो ऐसी घटना कैसे हुई। उन्होंने पुलिस से घटना की जांच कर जिम्मेदार लोगों का पता लगाने की मांग की। इस घटना के बाद यूनिवर्सिटी परिसर में सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की निगरानी को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
फिलहाल घटना के पीछे का कारण स्पष्ट नहीं है। पुलिस की जांच से ही पता चल सकेगा कि धमाकों में इस्तेमाल की गई वस्तुएं क्या थीं, उन्हें किसने फेंका और इस घटना के पीछे किसी तरह की साजिश थी या नहीं।
जांच और आगे की कार्रवाई पर नजर
भुवनेश्वर की उत्कल यूनिवर्सिटी में रविवार देर रात हुई इस घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है, लेकिन इससे छात्रों में दहशत और नाराजगी फैल गई। तीन जोरदार धमाकों के बाद छात्रों ने मुख्य गेट पर प्रदर्शन किया और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों और पुलिसकर्मियों के बीच हाथापाई की स्थिति भी बनी। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर छात्रों को शांत करने का प्रयास किया।
अब इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल आरोपियों की पहचान और घटना के कारण से जुड़ा है। उपलब्ध जानकारी में किसी की गिरफ्तारी या पुलिस जांच के निष्कर्ष का विवरण नहीं है। घटना की पूरी स्थिति जांच और आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।





