ओडिशा

Odisha में हिरासत में टॉर्चर के आरोप, महिला इंस्पेक्टर सस्पेंड, जांच शुरू

Kavita2
28 May 2026 12:02 PM IST
Odisha में हिरासत में टॉर्चर के आरोप, महिला इंस्पेक्टर सस्पेंड, जांच शुरू
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Odisha ओडिशा: ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले में पुलिस हिरासत में कथित टॉर्चर के मामले ने गंभीर रूप ले लिया है। तालचुआ मरीन पुलिस स्टेशन की एक महिला पुलिस इंस्पेक्टर को गलत व्यवहार और ड्यूटी में लापरवाही के आरोपों के चलते सस्पेंड कर दिया गया है। यह कार्रवाई तब की गई जब एक महिला और उसके बेटे ने पुलिस स्टेशन के अंदर उनके साथ “थर्ड-डिग्री टॉर्चर” किए जाने का आरोप लगाया।

मामला गिरिपाही गांव से जुड़ा है, जहां रहने वाली अन्नपूर्णा मंडल (55) और उनके बेटे अनंत कुमार मंडल (31) ने पुलिस पर हिरासत में प्रताड़ना का आरोप लगाया है। दोनों ने दावा किया कि उन्हें पुलिस स्टेशन के भीतर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया।

Sanyadharani Jena को इस मामले में मुख्य आरोपी के रूप में नामित किया गया है। उनके साथ एक अन्य पुलिस अधिकारी पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोपों के बाद विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है।

यह घटना तब सामने आई जब अन्नपूर्णा मंडल के पति मनोरंजन मंडल द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने मां और बेटे को सोमवार को पूछताछ के लिए थाने बुलाया था। शिकायत रविवार को एक घरेलू विवाद से जुड़ी थी, जिसमें पति ने अपनी पत्नी और बेटे के खिलाफ मामला दर्ज कराया था।

पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान स्थिति बिगड़ने की बात सामने आई है, जिसके बाद हिरासत में कथित टॉर्चर का आरोप लगाया गया। हालांकि पुलिस विभाग ने इन आरोपों की सत्यता की जांच शुरू कर दी है और मामले की आंतरिक जांच के आदेश दिए गए हैं।

Kendrapara प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि पुलिस कार्रवाई कानून और मानवाधिकारों के दायरे में रहे।

स्थानीय लोगों के अनुसार, इस घटना के बाद इलाके में पुलिस की कार्यशैली को लेकर चर्चा तेज हो गई है। मानवाधिकार संगठनों ने भी इस मामले पर नजर बनाए रखी है और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

पुलिस विभाग का कहना है कि जांच पूरी होने तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी, लेकिन आरोपों की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की जा रही है।

फिलहाल दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और पूरे घटनाक्रम की तकनीकी और कानूनी जांच की प्रक्रिया जारी है। इस मामले ने एक बार फिर पुलिस हिरासत में व्यवहार और जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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