ओडिशा

ओडिशा में भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट

Kavita2
27 July 2026 9:21 AM IST
ओडिशा में भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट
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भुवनेश्वर : भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र के और अधिक मजबूत होकर डीप डिप्रेशन में बदलने की पुष्टि की है। मौसम विभाग के अनुसार, इस प्रणाली के प्रभाव से सोमवार को ओडिशा के कई हिस्सों में व्यापक स्तर पर भारी से बहुत भारी बारिश, तेज हवाएं और आंधी-तूफान की संभावना है। प्रशासन ने तटीय और निचले इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी है और लोगों से अनावश्यक रूप से घरों से बाहर नहीं निकलने की अपील की है।

आईएमडी के सोमवार सुबह जारी बुलेटिन के अनुसार, डीप डिप्रेशन सुबह 5:30 बजे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तथा उससे सटे पश्चिम बंगाल और उत्तरी ओडिशा के तटीय क्षेत्रों के ऊपर केंद्रित था। मौसम विभाग ने बताया कि यह मौसम प्रणाली ओडिशा के बालासोर से लगभग 120 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व दिशा में स्थित थी और पिछले छह घंटों के दौरान लगभग 3 किलोमीटर प्रति घंटे की बेहद धीमी गति से उत्तर की ओर बढ़ रही थी।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि किसी भी डिप्रेशन के डीप डिप्रेशन में बदलने का अर्थ है कि उसकी तीव्रता बढ़ गई है और उसके साथ तेज हवाएं तथा अधिक वर्षा होने की संभावना भी बढ़ जाती है। हालांकि, यह प्रणाली चक्रवाती तूफान में बदलेगी या नहीं, इसका आकलन उसकी आगे की गतिविधियों और समुद्री परिस्थितियों के आधार पर किया जाएगा। फिलहाल मौसम विभाग लगातार इसकी निगरानी कर रहा है।

आईएमडी ने अनुमान जताया है कि इस प्रणाली के प्रभाव से ओडिशा के तटीय जिलों के अलावा राज्य के कई आंतरिक इलाकों में भी भारी वर्षा हो सकती है। कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश दर्ज होने की संभावना से इनकार नहीं किया गया है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, छोटे नदी-नालों के उफान पर आने तथा यातायात प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई है।

मौसम विभाग ने मछुआरों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। बंगाल की खाड़ी में समुद्र की स्थिति अत्यधिक खराब रहने की संभावना को देखते हुए उन्हें अगले आदेश तक समुद्र में न जाने की चेतावनी दी गई है। जो मछुआरे पहले से समुद्र में मौजूद हैं, उन्हें जल्द से जल्द सुरक्षित तट पर लौट आने की सलाह दी गई है। तटीय क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ ऊंची लहरें उठने की संभावना भी व्यक्त की गई है।

राज्य प्रशासन ने संभावित खराब मौसम को देखते हुए आपदा प्रबंधन तंत्र को सक्रिय कर दिया है। जिला प्रशासन, अग्निशमन विभाग, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और ओडिशा आपदा त्वरित कार्रवाई बल (ओडीआरएएफ) की टीमों को संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों पर विशेष नजर रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी की गई है।

भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से नदी, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। बिजली गिरने की आशंका के मद्देनजर खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे और जलाशयों के आसपास जाने से बचने की सलाह भी दी गई है। किसानों को भी मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए कृषि कार्यों की योजना बनाने और फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की सलाह दी गई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के दौरान बंगाल की खाड़ी में इस प्रकार के निम्न दबाव वाले क्षेत्र बनना सामान्य प्रक्रिया है। कई बार ये प्रणालियां मजबूत होकर डिप्रेशन, डीप डिप्रेशन या चक्रवाती तूफान का रूप ले लेती हैं। इनका प्रभाव केवल तटीय क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि आंतरिक राज्यों में भी भारी वर्षा का कारण बन सकता है। यही वजह है कि मौसम विभाग इन प्रणालियों की लगातार निगरानी करता है और समय-समय पर चेतावनी जारी करता है।

मौसम विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि डीप डिप्रेशन के आगे बढ़ने के साथ पश्चिम बंगाल, झारखंड और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में भी वर्षा की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। हालांकि, सबसे अधिक प्रभाव फिलहाल ओडिशा के तटीय और आसपास के जिलों पर पड़ने की संभावना है। आने वाले 24 घंटों के दौरान मौसम प्रणाली की दिशा और तीव्रता के आधार पर पूर्वानुमान में आवश्यक बदलाव किए जा सकते हैं।

परिवहन विभाग और स्थानीय प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण सड़क यातायात प्रभावित होने की आशंका है। कुछ क्षेत्रों में पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और शहरी इलाकों में जलभराव जैसी समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं। प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को त्वरित राहत और बचाव कार्यों के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि नागरिकों को अफवाहों पर ध्यान देने के बजाय केवल भारत मौसम विज्ञान विभाग और राज्य सरकार द्वारा जारी आधिकारिक मौसम बुलेटिन तथा चेतावनियों का पालन करना चाहिए। समय रहते सावधानी बरतने से संभावित नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

फिलहाल पूरे ओडिशा में लोगों की नजर मौसम की बदलती स्थिति पर टिकी हुई है। डीप डिप्रेशन के प्रभाव को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और आने वाले घंटों में मौसम की स्थिति के अनुसार आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह प्रणाली आगे और मजबूत होती है, तो वर्षा की तीव्रता तथा तेज हवाओं का प्रभाव भी बढ़ सकता है। इसलिए अगले 24 से 48 घंटे राज्य के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

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