
भुवनेश्वर। ओडिशा में बाढ़ की स्थिति अब धीरे-धीरे सामान्य होने लगी है। राज्य सरकार ने गुरुवार को जानकारी दी कि प्रदेश की प्रमुख नदियों में जलस्तर कम हो रहा है और बारिश में भी काफी कमी आई है। हालांकि कुछ इलाकों में अभी भी बाढ़ का असर बना हुआ है, लेकिन प्रशासन लगातार राहत और बचाव कार्यों में जुटा हुआ है।
सरकार की ओर से जारी बयान के अनुसार, फिलहाल राज्य में केवल सुवर्णरेखा नदी ही खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। हालांकि नदी का जलस्तर भी लगातार घट रहा है। प्रशासन का कहना है कि बाढ़ की स्थिति अब नियंत्रण में है और प्रभावित क्षेत्रों में चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है।
राज्य सरकार और जिला प्रशासन प्रभावित इलाकों में राहत, बचाव और पुनर्वास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ा रहे हैं। अधिकारियों की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, जाजपुर, मयूरभंज और बालेश्वर जिले अभी भी बाढ़ से प्रभावित हैं। इन जिलों में कई इलाकों में पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जाजपुर जिले के दशरथपुर ब्लॉक में बाढ़ का प्रभाव अधिक देखा गया है। यहां 19 ग्राम पंचायतों के 62 गांव प्रभावित हुए हैं। प्रभावित लोगों की मदद के लिए कुल 22 राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं, जहां 7,745 लोगों को आश्रय, भोजन और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
प्रशासन ने राहत शिविरों में स्वास्थ्य सेवाओं, पेयजल और आवश्यक सामग्री की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित लोगों को किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए लगातार निगरानी की जा रही है।
मयूरभंज जिले में भी बाढ़ का असर देखने को मिला है। यहां 21 ब्लॉकों के 97 गांव प्रभावित हुए हैं। इसके अलावा बारीपदा नगरपालिका के दो वार्डों में भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है।
जिला प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है। बचाव दलों को भी तैयार रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।
ओडिशा में मानसून के दौरान नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण कई बार बाढ़ की स्थिति बन जाती है। इस बार भी भारी बारिश के बाद कई नदियां उफान पर आ गई थीं, जिससे निचले इलाकों में पानी भर गया था।
सरकार का कहना है कि मौसम में सुधार और बारिश कम होने के कारण अब स्थिति तेजी से बेहतर हो रही है। हालांकि संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों ने बताया कि नदी किनारे रहने वाले लोगों पर विशेष नजर रखी जा रही है। जलस्तर में किसी भी अचानक बदलाव की स्थिति में तुरंत कार्रवाई के लिए प्रशासन तैयार है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सड़क संपर्क और बिजली व्यवस्था को भी धीरे-धीरे बहाल किया जा रहा है। संबंधित विभागों को क्षतिग्रस्त बुनियादी सुविधाओं की मरम्मत के निर्देश दिए गए हैं।
राज्य सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और नदियों या जलभराव वाले क्षेत्रों के पास जाने से बचें।
विशेषज्ञों के अनुसार, बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं में सबसे जरूरी समय पर सूचना और राहत व्यवस्था होती है। ओडिशा में प्रशासन की सक्रियता के कारण स्थिति को नियंत्रित करने में मदद मिली है।
फिलहाल सरकार की प्राथमिकता प्रभावित लोगों को सुरक्षित रखना और सामान्य जनजीवन जल्द बहाल करना है। आने वाले दिनों में नदी जलस्तर और मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाएगी।





