ओडिशा

अडानी ग्रुप और IHC का ओडिशा में 1.08 लाख करोड़ का मेगा एल्युमीनियम प्रोजेक्ट

Kavita2
2 July 2026 2:08 PM IST
अडानी ग्रुप और IHC का ओडिशा में 1.08 लाख करोड़ का मेगा एल्युमीनियम प्रोजेक्ट
x

Odisha ओडिशा: एक अहम आर्थिक विकास के तहत अडानी ग्रुप ने गुरुवार को अबू धाबी की इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी (IHC) के साथ साझेदारी में ओडिशा में एक विशाल एल्युमीनियम प्रोजेक्ट की घोषणा की है। इस प्रस्तावित प्रोजेक्ट में लगभग 11.5 बिलियन डॉलर यानी करीब 1.08 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। यह प्रोजेक्ट भारत में अब तक के सबसे बड़े एल्युमीनियम इकोसिस्टम निवेशों में से एक माना जा रहा है।

भुवनेश्वर में आयोजित इस प्रस्तावित एल्युमीनियम प्रोजेक्ट के लिए MoU साइनिंग सेरेमनी में अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड (APSEZ) के मैनेजिंग डायरेक्टर करण अडानी ने कहा कि यह परियोजना भारत की औद्योगिक क्षमता और वैश्विक स्तर पर उसकी महत्वाकांक्षा को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक निवेश नहीं है, बल्कि ओडिशा के लिए एक नए आर्थिक अध्याय की शुरुआत है, जो भारत के विकास पथ को तेज गति देगा।

करण अडानी ने अपने संबोधन में कहा कि 11.5 बिलियन डॉलर का यह प्रस्तावित निवेश दुनिया के सबसे बड़े एकीकृत एल्युमीनियम इकोसिस्टम प्रोजेक्ट्स में से एक है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि इस परियोजना का महत्व केवल इसके आकार में नहीं है, बल्कि इसके व्यापक प्रभाव में है, जो औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और सप्लाई चेन इंटीग्रेशन को मजबूत करेगा।

इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी विशेषता इसका इंटीग्रेटेड एल्युमीनियम वैल्यू चेन मॉडल है, जिसमें पूरी उत्पादन प्रक्रिया को एक साथ जोड़ा जाएगा। योजना के तहत लगभग 4 मिलियन टन वार्षिक क्षमता वाली एल्युमिना रिफाइनरी स्थापित की जाएगी, साथ ही लगभग 2 मिलियन टन वार्षिक क्षमता का एल्युमीनियम स्मेल्टर बनाया जाएगा। इसके अलावा लगभग 1 मिलियन टन वार्षिक क्षमता का डाउनस्ट्रीम एल्युमीनियम पार्क विकसित करने की भी योजना है।

अधिकारियों के अनुसार, यह परियोजना ओडिशा को भारत के प्रमुख औद्योगिक हब के रूप में और मजबूत करेगी। राज्य में पहले से ही खनिज संसाधनों की प्रचुरता है और यह प्रोजेक्ट उस क्षमता का बड़े पैमाने पर उपयोग सुनिश्चित करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बड़े निवेश से स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी और हजारों लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

करण अडानी ने यह भी कहा कि यह परियोजना भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद करेगी। उन्होंने बताया कि एल्युमीनियम जैसे महत्वपूर्ण धातु का उपयोग ऑटोमोबाइल, निर्माण, ऊर्जा और तकनीकी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर होता है, ऐसे में इस प्रोजेक्ट का प्रभाव कई उद्योगों पर दिखाई देगा।

MoU साइनिंग सेरेमनी में दोनों कंपनियों के वरिष्ठ प्रतिनिधि उपस्थित रहे और इस साझेदारी को दीर्घकालिक औद्योगिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया। इस अवसर पर यह भी कहा गया कि भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच आर्थिक सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है और यह परियोजना उसी दिशा में एक बड़ा कदम है।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह निवेश भारत में विदेशी और घरेलू निवेश के बढ़ते विश्वास को भी दर्शाता है। ओडिशा सरकार पहले से ही उद्योगों को आकर्षित करने के लिए कई नीतियां लागू कर रही है, और इस परियोजना से राज्य की औद्योगिक छवि और मजबूत होने की उम्मीद है।

इस परियोजना के पूरा होने के बाद न केवल उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी, बल्कि डाउनस्ट्रीम उद्योगों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। इससे छोटे और मध्यम उद्योगों को भी नए अवसर प्राप्त होंगे, जो सप्लाई चेन का हिस्सा बन सकते हैं।

कुल मिलाकर, अडानी ग्रुप और IHC की यह साझेदारी ओडिशा और भारत के औद्योगिक विकास में एक बड़ा मील का पत्थर मानी जा रही है। यह परियोजना आने वाले वर्षों में देश की अर्थव्यवस्था, रोजगार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा पर गहरा प्रभाव डाल सकती है।

Next Story