
भुवनेश्वर/विशाखापट्टनम। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बंगाल की खाड़ी में एक नए मौसम सिस्टम बनने की संभावना जताई है। विभाग के अनुमान के अनुसार, सितंबर महीने के अंत में दक्षिण ओडिशा और उससे सटे उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों के पास चक्रवाती गतिविधियां विकसित हो सकती हैं।
IMD के मुताबिक, पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर 9 सितंबर के आसपास ऊपरी हवा में चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) बनने की संभावना है। इस सिस्टम के प्रभाव से आने वाले दिनों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।
मौसम विभाग ने बताया कि इस चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से 11 सितंबर के आसपास उसी क्षेत्र में कम दबाव का क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) बनने की संभावना है। इसके बाद यह सिस्टम धीरे-धीरे उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ सकता है।
9 सितंबर से शुरू हो सकती है गतिविधि
IMD के पूर्वानुमान के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बनने वाला यह सिस्टम शुरुआती चरण में ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण के रूप में विकसित होगा।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि समुद्र की स्थिति, हवा की दिशा और तापमान जैसे कई कारक किसी भी मौसम सिस्टम की तीव्रता को प्रभावित करते हैं। इसलिए शुरुआती अनुमान के बाद इसकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जाएगी।
11 सितंबर के आसपास बन सकता है कम दबाव का क्षेत्र
मौसम विभाग ने बताया कि चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से 11 सितंबर के आसपास कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है।
कम दबाव का क्षेत्र बनने के बाद इसके आगे बढ़ने की दिशा और ताकत पर मौसम वैज्ञानिक निगरानी रखेंगे। यदि समुद्र की परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो यह सिस्टम अधिक प्रभावी हो सकता है।
ओडिशा और आंध्र तट पर नजर
IMD के अनुसार, यह सिस्टम दक्षिण ओडिशा और उससे सटे उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों के आसपास विकसित हो सकता है।
इन इलाकों में रहने वाले लोगों और प्रशासन को मौसम की गतिविधियों पर नजर रखने की सलाह दी जा सकती है। हालांकि, अभी तक किसी बड़े खतरे को लेकर स्पष्ट चेतावनी जारी नहीं की गई है।
13 सितंबर तक रह सकता है असर
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, यह सिस्टम बनने के बाद उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ सकता है और 13 सितंबर के आसपास तक अपनी तीव्रता बनाए रख सकता है।
इसके प्रभाव से संबंधित क्षेत्रों में बारिश, तेज हवाएं और समुद्री गतिविधियों में बदलाव देखने को मिल सकता है। हालांकि, इसकी वास्तविक स्थिति और प्रभाव का आकलन आने वाले दिनों में किया जाएगा।
तटीय क्षेत्रों में प्रशासन अलर्ट
बंगाल की खाड़ी में किसी भी मौसम सिस्टम के बनने की संभावना को देखते हुए तटीय राज्यों का प्रशासन पहले से सतर्क रहता है।
ओडिशा और आंध्र प्रदेश में चक्रवात और भारी बारिश से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन की तैयारियां पहले से मजबूत रखी जाती हैं। स्थानीय प्रशासन मौसम विभाग के अपडेट के आधार पर आगे की रणनीति तय करेगा।
किसानों और मछुआरों के लिए महत्वपूर्ण अपडेट
मौसम सिस्टम बनने की स्थिति में इसका असर कृषि और समुद्री गतिविधियों पर भी पड़ सकता है। किसानों को बारिश और हवा की स्थिति को देखते हुए जरूरी सावधानी बरतने की सलाह दी जा सकती है।
वहीं, मछुआरों को समुद्र की स्थिति खराब होने पर तटीय क्षेत्रों से दूर रहने के निर्देश दिए जा सकते हैं।
IMD लगातार करेगा निगरानी
मौसम विभाग ने कहा है कि बंगाल की खाड़ी में बनने वाले इस सिस्टम की लगातार निगरानी की जा रही है। जैसे-जैसे सिस्टम विकसित होगा, इसके मार्ग और प्रभाव को लेकर अधिक सटीक जानकारी सामने आएगी।
फिलहाल IMD ने केवल संभावित मौसम गतिविधि का अनुमान जारी किया है। आने वाले दिनों में सिस्टम की स्थिति, दिशा और तीव्रता के आधार पर आगे की चेतावनी जारी की जाएगी।
बंगाल की खाड़ी में बनने वाले इस संभावित सिस्टम पर ओडिशा और आंध्र प्रदेश समेत आसपास के राज्यों की नजर बनी हुई है। प्रशासन और मौसम विभाग स्थिति के अनुसार लोगों को समय-समय पर अपडेट जारी करेंगे।





