ओडिशा

Odisha में 67,000 करोड़ का ग्रीन एनर्जी निवेश

Kavita2
3 July 2026 3:41 PM IST
Odisha में 67,000 करोड़ का ग्रीन एनर्जी निवेश
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Odisha ओडिशा: ग्रीन एनर्जी महत्वाकांक्षाओं को बड़ा बल मिला है, जब राज्य सरकार ने शुक्रवार को जापान की IHI कॉर्पोरेशन और ACME ग्रुप के साथ तीन बड़े ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स के लिए एक मेमोरेंडम ऑफ कोऑपरेशन (MoC) पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के तहत राज्य में कुल 67,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा, जिससे लगभग 7,600 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।

यह समझौता भुवनेश्वर स्थित लोक सेवा भवन में मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी (Mohan Charan Majhi) की उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस अवसर पर एक उच्च स्तरीय जापानी बिजनेस डेलिगेशन भी मौजूद था, जिसके साथ विस्तृत चर्चा के बाद यह महत्वपूर्ण समझौता किया गया।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ओडिशा के औद्योगिक विकास का अगला चरण अब तकनीक, नवाचार और हरित ऊर्जा पर आधारित होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य ओडिशा को वैश्विक ग्रीन एनर्जी हब के रूप में स्थापित करना है।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि ओडिशा की औद्योगिक प्रगति अब स्थायी विकास मॉडल की ओर बढ़ रही है, जहां पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक विकास दोनों को साथ लेकर चलने की रणनीति अपनाई जा रही है।

उन्होंने कहा कि जापान की IHI कॉर्पोरेशन और ACME ग्रुप के साथ यह साझेदारी राज्य में न केवल निवेश बढ़ाएगी, बल्कि तकनीकी विशेषज्ञता और नई ऊर्जा प्रणालियों को भी बढ़ावा देगी। इससे ओडिशा में नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में बड़े बदलाव की उम्मीद है।

सरकारी सूत्रों के अनुसार, इन परियोजनाओं में मुख्य रूप से ग्रीन हाइड्रोजन, नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन और संबंधित औद्योगिक ढांचे के विकास पर ध्यान दिया जाएगा। इससे राज्य में ऊर्जा क्षेत्र को नई दिशा मिलने की संभावना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता ओडिशा को भारत के प्रमुख ग्रीन एनर्जी निवेश केंद्रों में शामिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल रोजगार सृजन होगा बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री माझी ने कहा कि सरकार निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर रही है, ताकि राज्य में उद्योगों का तेजी से विस्तार हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि ओडिशा आने वाले वर्षों में हरित ऊर्जा और औद्योगिक विकास का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।

फिलहाल इस समझौते को राज्य की औद्योगिक नीति और ऊर्जा परिवर्तन के क्षेत्र में एक बड़े मील के पत्थर के रूप में देखा जा रहा है, जिससे आने वाले समय में ओडिशा की आर्थिक तस्वीर में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।

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