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DJ की आवाज से हुई 63 मुर्गियों की मौत, फार्म मालिक ने कराई FIR दर्ज

Kunti
25 Nov 2021 7:46 AM GMT
DJ की आवाज से हुई 63 मुर्गियों की मौत, फार्म मालिक ने कराई FIR दर्ज
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ओडिशा (Odisha) के बालासोर में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है.

भुवनेश्वर. ओडिशा (Odisha) के बालासोर में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां एक पारंपरिक शादी में होने वाले बैंड-बाजे के शोर, आतिशबाजी और नाच गाने के चलते 63 मुर्गियों की मौत हो गई. इन मुर्गियों के मालिक रंजीत कुमार परिदा ने इस घटना की शिकायत पुलिस के पास दर्ज कराई है. परीदा ने आरोप लगाया कि रविवार आधी रात से कुछ देर पहले 'कानफोड़ू' आवाज वाली बारात उनके पोल्ट्री फार्म की तरफ से होती हुई गुजरी. उन्होंने न्यूज एजेंसी एएफपी को बताया कि उन्होंने बैंड बजाने वालों से भी अपील की कि वह आवाज थोड़ी कम कर दें क्योंकि शोर काफी ज्यादा था जिनसे उनकी मुर्गियां डर रही थीं. लेकिन उन्होंने उनकी बात नहीं सुनी और दूल्हे के दोस्त उन पर चिल्लाने लगे.

जानवरों के एक डॉक्टर ने परीदा को बताया कि उनकी मुर्गियों की मौत हार्ट अटैक (Heart Attack) के चलते हुई है. जिसके बाद वह शादी के आयोजकों के पास मुआवजे के लिए पहुंचे. आयोजकों की ओर से मुआवजे का भुगतान करने से इनकार करने के बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. परीदा ने कहा, "मैंने तेज आवाज के कारण लगभग 180 किलो चिकन खो दिया क्योंकि पक्षी शायद सदमे से मर गए." नीलागिरि थाना प्रभारी द्रौपदी दास ने कहा कि उन्होंने परीदा और उनके पड़ोसी दोनों को शिकायत पर चर्चा के लिए बुलाया है.ऐसे बढ़ता है
जानवरों में हार्ट अटैक का खतरा
जानवरों के व्यवहार पर एक किताब लिखने वाले जूलॉजी के प्रोफेसर सूर्यकांत मिश्रा ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया कि तेज आवाज से पक्षियों में हृदय रोग का खतरा बढ़ जाता है. मिश्रा ने कहा, "मुर्गियां एक सर्कैडियन लय द्वारा शासित होती हैं जो दिन और रात के प्राकृतिक प्रकाश/अंधेरे के चक्र द्वारा नियंत्रित होती हैं. मिश्रा ने कहा, "तेज संगीत के कारण अचानक उत्तेजना या तनाव उनकी जैविक घड़ी को बाधित कर सकता है."
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डीजे पर बैन का दिया था आदेश
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 2019 में उत्तर प्रदेश में डीजे को "मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा" बताते हुए उस पर पूरी तरह से प्रतिबंध जारी किया था. हाईकोर्ट ने कहा था, "भले ही उन्हें सबसे कम आवाज पर चलाा जाए, यह नियम, 2000 की अनुसूची के तहत जायज सीमा से परे है. एक डीजे कई एम्पलीफायरों से बना होता है और उससे निकलने वाली संयुक्त ध्वनि एक हजार डेसिबल से अधिक होती है."

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